Farooq Abdullah Attack Jammu Wedding Firing 2026 : Farooq Abdullah Attack की खबर ने बुधवार देर रात पूरे देश को हिला कर रख दिया। जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके के रॉयल पार्क मैरिज हॉल में एक शादी समारोह के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बेहद करीब से गोली चलाने की कोशिश की गई। सुरक्षाकर्मियों की तत्परता ने एक बड़ी त्रासदी को आखिरी पल में रोक लिया। हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया और उसके पास से लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की गई।
‘शादी से निकलते वक्त पीछे से तानी गई रिवॉल्वर’
डॉ. फारूक अब्दुल्ला शादी समारोह में करीब एक घंटे से मौजूद थे। जैसे ही वह कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने लगे, हमलावर कमल सिंह जामवाल ने पीछे से उनके पास आकर रिवॉल्वर तान दी। सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर का हाथ ऊपर की तरफ धकेला जिससे गोली हवा में चली गई। घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि हमलावर फारूक अब्दुल्ला का पीछा करते हुए उनके एकदम करीब पहुँच जाता है और गोली चला देता है।
जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी उस वक्त वहाँ मौजूद थे। गोली ऊपर जाने से निकले छर्रे उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को लगे, हालाँकि उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दे दिया गया और उनकी हालत स्थिर है।
‘कौन है हमलावर कमल सिंह जामवाल?’
हमलावर की पहचान जम्मू के पुरानी मंडी इलाके के निवासी 63 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो अजीत सिंह के बेटे हैं। पुलिस पूछताछ में जामवाल ने कबूल किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। उसने कहा: “यह मेरा पर्सनल एजेंडा था। हथियार मेरा अपना लाइसेंसी हथियार है।”
जामवाल ने पुलिस को बताया कि वह अपने रिश्तेदार शत्रुजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने आया था और उसने इस मौके का फायदा उठाकर हमले की कोशिश की। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जामवाल माइनिंग कारोबार से जुड़ा है, एक ऐसा क्षेत्र जिस पर हाल ही में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर माइनिंग विभाग ने सख्त प्रतिबंध लगाए हैं।
‘Z+ NSG सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे?’
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ी करती है। फारूक अब्दुल्ला देश की सर्वोच्च Z+ श्रेणी की NSG सुरक्षा में हैं। इसके बावजूद एक हथियारबंद व्यक्ति उनके एकदम करीब तक कैसे पहुँच गया, यह सवाल सबको परेशान कर रहा है।
फारूक अब्दुल्ला ने खुद कहा कि शादी में कई बड़े नेता थे, ऐसे में पुलिस को पहले से एहतियाती इंतजाम करने चाहिए थे, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पुलिस का कोई इंतजाम नहीं था। उन्होंने अपनी जान बचने पर अल्लाह का शुक्र अदा किया और अपनी सुरक्षा टीम की तारीफ की।
‘FIR दर्ज, BNS की धारा 109 के तहत मुकदमा’
पुलिस ने गंगयाल थाने में FIR नंबर 29 दर्ज की है। आरोपी पर हत्या के प्रयास के लिए BNS की धारा 109 और लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग के लिए Arms Act की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में कोई आतंकी कोण सामने नहीं आया है और हर पहलू से जाँच जारी है।
‘उमर अब्दुल्ला, खड़गे और नड्डा के बयान’
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अल्लाह का शुक्र है कि उनके पिता सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Z+ NSG सुरक्षा वाले पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई भरी हुई पिस्तौल लेकर कैसे पहुँच गया।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में यह मामला उठाया और कहा कि जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा खत्म हो रही है। उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग दोहराई। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि हर बात को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है और जाँच जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात कर हालचाल पूछा और मामले की जाँच का भरोसा दिलाया।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
11 मार्च 2026 की रात करीब 10:10 बजे फारूक अब्दुल्ला जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता B.S. चौहान के घर की शादी से बाहर निकल रहे थे। तभी हमलावर कमल सिंह जामवाल ने उनके पीछे से बेहद करीब से गोली चला दी। NSG कमांडो ने आखिरी पल में हाथ हटाकर गोली की दिशा बदल दी और जामवाल को काबू में कर लिया। पुलिस ने बताया कि हमले के वक्त आरोपी शराब के नशे में था। यह घटना J&K की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Farooq Abdullah Attack: जम्मू के ग्रेटर कैलाश में शादी समारोह से बाहर निकलते वक्त बेहद करीब से फायर; NSG कमांडो की तत्परता से बाल-बाल बचे।
- हमलावर कमल सिंह जामवाल (63) पुरानी मंडी, जम्मू का निवासी; पूछताछ में कबूला: “20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था।”
- BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और Arms Act की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज; गंगयाल थाने में FIR नंबर 29।
- Z+ NSG सुरक्षा में बड़ी चूक; पुलिस ने अब तक कोई आतंकी कोण नहीं पाया; जाँच जारी।








