Southwest Monsoon 2026: देशभर में मौसम को लेकर बड़ा अपडेट आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 मई 2026 को जारी अपने ताजा बुलेटिन में साफ संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस हफ्ते के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। देखा जाए तो यह किसानों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।
India Meteorological Department के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा 12 मई 2026 को दोपहर 1:50 बजे जारी इस प्रेस विज्ञप्ति में कई अहम चेतावनियां दी गई हैं। अगर गौर करें तो पश्चिम राजस्थान में अगले 6-7 दिनों तक भीषण लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं पूर्वी राजस्थान, मध्य भारत, गुजरात और महाराष्ट्र में भी अगले 4-5 दिनों तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 4-5 दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज की गई है। वाशाबारी टी एस्टेट (जलपाईगुड़ी जिला) में 7 सेमी बारिश हुई।
गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ, असम, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण, बिहार, पंजाब और पूर्वोत्तर राज्यों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं।
समझने वाली बात यह है कि पंजाब में ओलावृष्टि की सूचना मिली है। सौराष्ट्र-कच्छ और पश्चिम राजस्थान में भीषण लू की स्थिति रही। पूर्वी राजस्थान में गर्म रातों का अनुभव किया गया।
तापमान का हाल
11 मई 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में देश का सबसे अधिक तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है।
राजस्थान, गुजरात, मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तापमान 34-42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यानी अप्रीशिएबली एबव नॉर्मल।
मॉनसून की आहट और मौसम प्रणालियां
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की आहट को लेकर मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 48 घंटों में और अधिक मजबूत होने की संभावना है।
दिलचस्प बात यह है कि इस कम दबाव से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कम दबाव केंद्र से मराठवाड़ा तक निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी हवाओं में एक गर्त चल रहा है।
उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। पश्चिम राजस्थान, दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर मध्य उत्तर प्रदेश में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
राहत की बात यह है कि 15 मई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है। इससे गर्मी में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम पूर्वानुमान
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में 12 से 14 मई के दौरान छिटपुट से मध्यम बारिश/बर्फबारी होगी। हिमाचल प्रदेश में 12 से 16 मई तक बारिश जारी रह सकती है।
पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ में 12 से 14 मई के दौरान तड़ित-झंझावात के साथ 30-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश में 12 और 13 मई को, राजस्थान में 12 मई को ऐसी स्थिति रहेगी।
चिंता का विषय यह है कि जम्मू-कश्मीर में 12 और 13 मई को तेज आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक) चल सकती है। हरियाणा-चंडीगढ़ में 12 मई को ऐसी स्थिति संभव है।
जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में 12 मई को, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को ओलावृष्टि हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 12 से 16 मई के दौरान छिटपुट से मध्यम बारिश होगी। तड़ित-झंझावात और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
अरुणाचल प्रदेश में 13 से 18 मई, असम में 12 से 18 मई और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 14 से 17 मई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
उम्मीद की किरण यह है कि असम-मेघालय में 13 से 17 मई के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 मई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी भारत का मौसम
झारखंड और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 12 से 18 मई तक छिटपुट से मध्यम बारिश होगी। बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 12 से 16 मई तक ऐसी स्थिति रहेगी।
बिहार में 13 मई को और झारखंड में 15 और 16 मई को तेज आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक) चल सकती है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 12 से 18 मई तक भारी बारिश होगी। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 12 से 14 मई तक भारी बारिश के साथ 13 मई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर
तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 12, 14 और 15 मई को भारी बारिश होगी। केरल-माहे में 12 से 15 मई तक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 और 16 मई को भारी बारिश की संभावना है।
तेलंगाना में 12 मई को, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल और लक्षद्वीप में 12 और 13 मई को, केरल-माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 12 से 16 मई के दौरान तड़ित-झंझावात की स्थिति रहेगी।
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 और 15 मई को तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 मई को ओलावृष्टि हो सकती है।
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत (राजस्थान को छोड़कर) में 12 से 18 मई के दौरान अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी। मध्य भारत में भी 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि संभव है।
पूर्वी भारत में 16 मई तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। 17 और 18 मई को कोई खास बदलाव नहीं होगा।
गुजरात में 14 मई तक कोई बदलाव नहीं होगा। 15 से 18 मई के दौरान 2-4 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी।
महाराष्ट्र में 15 मई तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। इसके बाद 16 से 18 मई तक कोई खास बदलाव नहीं होगा।
लू और गर्म रातों की चेतावनी
पश्चिम राजस्थान में 12 से 16 मई तक कई स्थानों पर लू और कुछ स्थानों पर भीषण लू की स्थिति रहेगी। 17 और 18 मई को कुछ स्थानों पर भीषण लू चलेगी।
पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 18 मई तक, विदर्भ में 12 से 16 मई तक, कोंकण-गोवा में 12 मई को, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में 12 से 14 मई तक और मराठवाड़ा में 12 से 15 मई तक कुछ स्थानों पर लू की स्थिति रहेगी।
पश्चिम राजस्थान में 12 से 18 मई तक गर्म रातों की स्थिति रहेगी। 15 और 16 मई को कुछ स्थानों पर बेहद गर्म रातें हो सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई तक गर्म रातें रहेंगी।
तटीय कर्नाटक में 12 और 13 मई को गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति रहेगी।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 12 से 17 मई के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
12 मई को दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका तट और मन्नार की खाड़ी में समुद्र अशांत रहेगा।
13 मई को दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण तमिलनाडु, श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में खतरा रहेगा।
14 और 15 मई को दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु-श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर में मछुआरों को नहीं जाना चाहिए।
16 मई को अंडमान सागर में समुद्र खतरनाक रहेगा।
अरब सागर के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
दिल्ली-NCR का मौसम पूर्वानुमान
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 25-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा।
12 मई 2026 को मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा। दोपहर/शाम को हल्की बारिश के साथ तड़ित-झंझावात और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे से 60 किमी प्रति घंटे तक) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
13 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय हल्की बारिश के साथ तड़ित-झंझावात और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे से 50 किमी प्रति घंटे तक) संभव हैं। तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
14 मई को आंशिक रूप से बादल रहेंगे। तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
15 मई को मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा। तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
संभावित प्रभाव और सुरक्षा सुझाव
तड़ित-झंझावात और तेज हवाओं के प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं। बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है
- बिजली और संचार लाइनों को नुकसान हो सकता है
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति हो सकती है
- हवा में उड़ने वाली वस्तुएं खतरनाक हो सकती हैं
सुरक्षा सुझाव:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- संभव हो तो यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और दीवारों से न टिकें
- बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल दें
- पानी से तुरंत बाहर निकलें
- बिजली संचालित वस्तुओं से दूर रहें
ओलावृष्टि के प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं
- केला और पपीता के पेड़ों को नुकसान हो सकता है
- बागवानी और खड़ी फसलों को क्षति हो सकती है
- खुले स्थानों पर लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है
- कच्चे मकानों और झोपड़ियों को आंशिक नुकसान हो सकता है
भारी/अत्यधिक भारी बारिश के प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और जलभराव
- कम दृश्यता के कारण यातायात में बाधा
- प्रमुख शहरों में जलभराव से यात्रा समय बढ़ सकता है
- कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को क्षति की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी के धसाव की संभावना
- बागवानी और खड़ी फसलों को जलमग्नता से नुकसान
सुरक्षा सुझाव:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले यातायात की जांच करें
- जारी किए गए यातायात सलाह का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
लू के प्रभाव:
- लंबे समय तक धूप में रहने वालों को गर्मी से बीमारी के लक्षण
- कमजोर लोगों, शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए उच्च स्वास्थ्य चिंता
सुरक्षा सुझाव:
- गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडे रहें
- निर्जलीकरण से बचें
- प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं
- ORS, घर पर बने पेय जैसे लस्सी, तोरणी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें
कृषि सलाह
ओलावृष्टि के लिए:
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में फलों के बागों और सब्जी के पौधों में ओला जाल या ओला टोपी का उपयोग करें। कटाई किए गए उत्पाद को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी बारिश के लिए:
- अरुणाचल प्रदेश में धान, मक्का और अन्य फसलों के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- असम में अतिरिक्त बारिश के पानी को निकालें। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करें
- मेघालय में अदरक, टमाटर, मक्का और अन्य फसलों से अतिरिक्त पानी निकालें
- सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अदरक, टमाटर, मक्का के खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- अंडमान-निकोबार में नारियल के बगीचों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- केरल में केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें
- तमिलनाडु में उड़द, मूंग, गन्ना और सब्जियों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें
उच्च तापमान/लू के लिए:
- राजस्थान में मूंग, कद्दूवर्गीय फसलों, पालक और आम, आंवला जैसे युवा फलों के पौधों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें
- पश्चिम मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जियों में हल्की सिंचाई करें
- गुजरात में ग्वार, मूंगफली, सब्जियों में सुबह या शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करें। सौराष्ट्र और कच्छ में आम के बागों में उपयुक्त अंतराल पर हल्की सिंचाई करें
- महाराष्ट्र में सब्जियों और बागों में सुबह या शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करें। कोंकण में सपोटा के बागों में हर 4-5 दिन में सिंचाई करें
तड़ित-झंझावात/तेज हवाओं के लिए:
- कटाई किए गए उत्पाद को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढकें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा और सब्जियों तथा युवा फलों के पौधों को बांस की छड़ियों से सहारा दें
पशुधन/मुर्गी पालन/मत्स्य पालन:
- ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- चारा और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं
मुख्य बातें (Key Points)
• दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस हफ्ते के अंत तक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंच सकता है
• पश्चिम राजस्थान में अगले 6-7 दिनों तक भीषण लू की स्थिति रहेगी, बाड़मेर में 47.3°C तापमान दर्ज
• तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में अगले 4-5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना
• असम-मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी
• मछुआरों को 12 से 17 मई तक बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में न जाने की सलाह
• दिल्ली-NCR में 12-13 मई को तड़ित-झंझावात और तेज हवाओं की संभावना










