LPG Shortage India को लेकर एक बेहद गंभीर खबर सामने आई है जो सीधे तौर पर देश के करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत में LNG और कमर्शियल LPG की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, कोच्चि और लखनऊ समेत देश के तमाम बड़े शहरों में गैस सिलेंडर का गंभीर संकट पैदा हो गया है। हजारों होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो चुके हैं या आधी क्षमता पर चल रहे हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 लागू करते हुए गैस सप्लाई का पुनर्वितरण किया है, जिसमें उद्योगों और फर्टिलाइजर कंपनियों की सप्लाई काटकर घरेलू PNG, CNG और LPG को प्राथमिकता दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
LPG Shortage India की गंभीरता को देखते हुए सरकारी अधिसूचना जारी होने के कुछ ही घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इस बैठक में भू-राजनीतिक स्थिति और ऊर्जा आपूर्ति पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन किया गया।
इससे पहले कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा करें और हितधारकों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को इस संघर्ष की वजह से किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि सप्लाई सामान्य है और कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से अतिरिक्त LNG आपूर्ति तलाशी जा रही है। लेकिन भारत के सबसे बड़े LNG सप्लायर कतर में आउटेज ने वैश्विक उपलब्धता को और कसा है।
गुजरात: उद्योगों की गैस सप्लाई 50% कटी
LPG Shortage India का सबसे बड़ा असर गुजरात में दिख रहा है जहां राज्य सरकार ने उद्योगों की गैस सप्लाई में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। फर्टिलाइजर और दूध प्रसंस्करण इकाइयों को 40 प्रतिशत कम गैस मिलेगी। यह फैसला केंद्र सरकार के साथ समन्वय में लिया गया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं की सप्लाई बाधित न हो। अधिकारियों ने कहा कि वे घबराहट फैलने से रोकने और घरों में LPG सिलेंडर की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं।
बेंगलुरु: रेस्टोरेंट्स से पूरी-वड़ा गायब, मेन्यू कटा
बेंगलुरु में LPG Shortage India का असर सीधे खाने की थालियों पर दिख रहा है। शहर के कई रेस्टोरेंट और दर्शिनी को लगातार दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। इससे परेशान होकर रेस्टोरेंट मालिकों ने अपने मेन्यू में भारी कटौती शुरू कर दी है।
पूरी और वड़ा जैसी चीजें जिनमें लंबे समय तक तेल गर्म करना पड़ता है, उन्हें फिलहाल मेन्यू से हटा दिया गया है। किचन अब इडली, डोसा और रेगुलर मील्स जैसे कम गैस खपत वाले व्यंजनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई प्रतिष्ठानों ने अपने कुकिंग बर्नर का एक हिस्सा बंद कर दिया है ताकि बचे हुए स्टॉक को बचाया जा सके।
पूर्वी बेंगलुरु के कई इलाकों में रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि सप्लाई पूरी तरह सूख गई है और कुछ ऑपरेटरों से सिलेंडर के लिए सामान्य कीमत से लगभग दोगुना दाम वसूला जा रहा है। कमर्शियल LPG की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं और मार्च में कई बार संशोधन के बाद 19 किलो के सिलेंडर की कीमत करीब 1,900 रुपये पहुंच गई है।
चेन्नई: छोटी दुकानें बंद, होटल एसोसिएशन ने PM को लिखा पत्र
चेन्नई में LPG Shortage India की मार से कई छोटी खाने की दुकानें अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं क्योंकि कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी में भारी देरी हो रही है। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उनके पास ईंधन खत्म हो रहा है और नए सिलेंडर मिलने में मुश्किल हो रही है। कई लोकप्रिय व्यंजनों में धीमी आंच पर पकाने की जरूरत होती है जो गैस की खपत बढ़ाता है, जिससे कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि जो प्रतिष्ठान पाइप्ड गैस पर चलते हैं, वे अभी तक अप्रभावित हैं।
चेन्नई होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क किया और सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग की। उद्योग प्रतिनिधियों ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से भी संपर्क किया। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि चेन्नई में 10,000 से ज्यादा होटल हैं जो चौबीसों घंटे चलते हैं और अपने किचन को बिना रुकावट चलाने के लिए गैस सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति पर निर्भर हैं।
मुंबई: 20% होटल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद
मुंबई में LPG Shortage India ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर जबरदस्त चोट पहुंचाई है। उद्योग निकायों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट पहले से ही कुकिंग गैस की कमी के कारण पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सप्लाई की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो 50 से 60 प्रतिशत प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
चाइनीज व्यंजन और तवा-बेस्ड रेसिपी जिनमें तेज आंच की जरूरत होती है, वे सबसे पहले मेन्यू से हटाई जा रही हैं। मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग बाहर खाने पर निर्भर हैं, यह संकट आम आदमी की जेब और दिनचर्या दोनों पर सीधा असर डाल रहा है।
पुणे: ब्लैक मार्केटिंग शुरू, 100 से ज्यादा ढाबे प्रभावित
पुणे में लगभग 1,200 प्रतिष्ठानों में से करीब 100 से ज्यादा ढाबे और रेस्टोरेंट कमर्शियल LPG वितरण पर लगी पाबंदियों से प्रभावित हुए हैं। कई रेस्टोरेंट कम क्षमता पर चल रहे हैं, मेन्यू आइटम काटे जा रहे हैं या सोमवार से सिलेंडर सप्लाई रुकने के बाद किचन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। उद्योग सूत्रों का कहना है कि LPG Shortage India ने पुणे में कमर्शियल सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग को भी जन्म दे दिया है।
मध्य प्रदेश: होटलों ने इलेक्ट्रिक कुकिंग की तलाश शुरू की
मध्य प्रदेश भर के होटलों ने LPG Shortage India से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अपनाने और मेन्यू में बदलाव करने पर विचार शुरू कर दिया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के होटल व्यवसायियों की एक तत्काल ऑनलाइन बैठक हुई जिसमें आपातकालीन उपायों पर चर्चा की गई। कई प्रतिष्ठानों ने बताया कि उनके पास सिर्फ पांच दिन का ईंधन स्टॉक बचा है। होटलों ने लाइव कुकिंग काउंटर और अन्य ज्यादा गैस खपत वाले स्टेशनों को सीमित करना शुरू कर दिया है।
तेलंगाना: 60% से ज्यादा ढाबे बंद होने की आशंका
हैदराबाद समेत पूरे तेलंगाना में LPG Shortage India का असर तेजी से बढ़ रहा है। डीलर्स ने सिलेंडर की संख्या सीमित कर दी है। उद्योग निकायों ने चेतावनी दी है कि अगर कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी में देरी जारी रही तो राज्य में 60 प्रतिशत से ज्यादा ढाबे कुछ ही दिनों में बंद होने को मजबूर हो सकते हैं। यह संकट ऐसे समय में आया है जब रमजान के महीने में विशेष इफ्तार मेन्यू की वजह से ढाबों और रेस्टोरेंट में रात को भारी भीड़ उमड़ रही है और मांग बढ़ी हुई है।
केरल: हजारों प्रतिष्ठान बंदी के कगार पर
केरल में LPG Shortage India ने रेस्टोरेंट उद्योग को बुरी तरह हिला दिया है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि वितरण एजेंसियों ने कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोकनी शुरू कर दी है, जिससे हजारों प्रतिष्ठानों पर बंदी का खतरा मंडरा रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट मेन्यू सीमित करने, खाना रीहीट करके परोसने और इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अपनाने जैसे उपायों पर विचार कर रहे हैं। लेकिन ऑपरेटरों का कहना है कि किचन ऐसे अचानक बदलावों के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं और रेगुलेटरी अनुमतियां भी लेनी पड़ सकती हैं। कोच्चि और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरी केंद्रों में स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है।
कोलकाता: पैनिक बाइंग से हालात और बिगड़े, ऑटो सेवा 30% घटी
कोलकाता में LPG Shortage India की खबरों ने पैनिक बाइंग को हवा दे दी है, जिससे ब्लैक मार्केट ऑपरेटरों को मौका मिल गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से सिलेंडर बुकिंग 5 मार्च को 48 घंटों में करीब 2.5 लाख से बढ़कर 9 मार्च तक 5.8 लाख हो गई। भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की सप्लाई जोड़ने पर कुल बुकिंग इसी अवधि में 3.9 लाख से बढ़कर 7.5 लाख से ज्यादा हो गई। यह राज्य की सामान्य मांग करीब पांच लाख सिलेंडर प्रतिदिन से कहीं ज्यादा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस स्थिति ने सिलेंडर की अवैध डायवर्जन को बढ़ावा दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों के लिए आवंटित सिलेंडर भी ब्लैक मार्केट में मोटे दामों पर बेचे जा रहे हैं।
LPG Shortage India का असर परिवहन पर भी पड़ा है। ऑटो-LPG की कमी से ईंधन पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और ऑपरेटरों के अनुसार कई रूटों पर ऑटो-रिक्शा की संख्या करीब 30 प्रतिशत कम हो गई है। वहीं, शहर की कुछ सड़क किनारे की दुकानों ने LPG ओवन की जगह कोयले के चूल्हे अपना लिए हैं, जिससे कोयले की मांग में अचानक उछाल आया है।
लखनऊ: छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड स्टॉल बंदी की कगार पर
लखनऊ में भी LPG Shortage India का असर दिखने लगा है। कई छोटे रेस्टोरेंट और सड़क किनारे के फूड स्टॉल अस्थायी बंदी पर विचार कर रहे हैं। पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क से जुड़े होटल करीब 10 दिन तक काम चला सकते हैं, लेकिन जो प्रतिष्ठान पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं, उनका कहना है कि छोटी सी रुकावट भी उनके किचन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।
आम आदमी पर कितना भारी पड़ रहा यह संकट?
LPG Shortage India सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट उद्योग तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर करोड़ों उन आम लोगों पर पड़ रहा है जो बाहर का खाना खाते हैं, छोटे ढाबों पर निर्भर हैं या ऑटो-रिक्शा से रोजाना सफर करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने और ब्लैक मार्केटिंग से खाने की कीमतें ऊपर जा सकती हैं। रमजान के महीने में यह संकट मुस्लिम समुदाय के लिए भी परेशानी का सबब बन रहा है क्योंकि इफ्तार की तैयारियों पर असर पड़ रहा है। सरकार ने भले ही घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी है, लेकिन अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचा तो घरेलू सिलेंडर की उपलब्धता पर भी दबाव बढ़ सकता है। यह स्थिति बताती है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कितनी नाजुक है और मध्य पूर्व में कोई भी संघर्ष हजारों किलोमीटर दूर बैठे भारतीय परिवारों के चूल्हे तक को प्रभावित कर सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- LPG Shortage India ने बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद समेत देश के प्रमुख शहरों में हजारों होटल-रेस्टोरेंट को प्रभावित किया, कई बंद हुए।
- केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act 1955 लागू कर उद्योगों की गैस सप्लाई काटी, घरेलू PNG, CNG और LPG को प्राथमिकता दी।
- मुंबई में 20% होटल पहले से बंद, 50-60% बंद होने की आशंका। कोलकाता में सिलेंडर बुकिंग 2.5 लाख से 5.8 लाख तक पहुंची।
- प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम और विदेश मंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, कतर में आउटेज से वैश्विक LNG सप्लाई प्रभावित।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








