LPG Cylinder India Iran Israel War: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे भारत के 33 करोड़ से ज्यादा रसोई गैस उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। 2025 में भारत अपनी LPG जरूरत का 64 से 67% हिस्सा आयात कर रहा है और इसका लगभग 85% स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज के रास्ते आता है, वही समुद्री मार्ग जिसे ईरान बंद करने की धमकी दे चुका है। केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act 1955 की आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 5 मार्च को सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दे दिया है।
‘2015 में 50%, 2025 में 67%: Import पर निर्भरता दशक में कैसे बढ़ी?’
LPG Cylinder India Iran Israel War के इस संकट को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि भारत अपनी LPG जरूरत के लिए आयात पर कितना निर्भर है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार 2015 में भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% LPG आयात करता था। 2025 में यह बढ़कर 64 से 67% हो गया।
इसका कारण यह है कि पिछले 10 वर्षों में घरेलू उत्पादन केवल 30% बढ़ा, जबकि मांग 70% से ज्यादा बढ़ी। भारत की सालाना LPG जरूरत लगभग 3 करोड़ 13 लाख मीट्रिक टन है, यानी हर महीने 25 लाख टन से ज्यादा। इसमें से भारत खुद सिर्फ 1 करोड़ 28 लाख मीट्रिक टन बनाता है, मांग का महज एक तिहाई।
‘LPG बनती कैसे है: और क्यों नहीं बढ़ा सकते घरेलू उत्पादन?’
LPG Cylinder India Iran Israel War संकट में एक बड़ा सवाल यह है कि जब हमें पता है मांग बढ़ रही है तो उत्पादन क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता? इसके लिए LPG बनने की प्रक्रिया समझनी होगी। LPG यानी Liquefied Petroleum Gas, प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है जो दो तरीकों से मिलती है।
पहला तरीका है कच्चे तेल की रिफाइनिंग, जहां LPG एक उपउत्पाद के रूप में निकलती है। जब 100 टन कच्चा तेल रिफाइन होता है तो उसमें से केवल 4 से 5% LPG निकलती है। रिफाइनरी का असली उद्देश्य पेट्रोल और डीजल बनाना है, LPG तो साथ में निकल जाती है। दूसरा तरीका है नेचुरल गैस प्रोसेसिंग, जिसमें प्रोपेन और ब्यूटेन अलग करके LPG बनाई जाती है। क़तर, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और ईरान इसीलिए दुनिया के सबसे बड़े LPG उत्पादक हैं, क्योंकि उनके पास विशाल नेचुरल गैस भंडार हैं। भारत में नेचुरल गैस के भंडार सीमित हैं, इसलिए उत्पादन बढ़ाने के विकल्प भी सीमित हैं।
‘Strait of Hormuz: वो पतला रास्ता जिस पर टिका है भारत का रसोई गैस सप्लाई’
LPG Cylinder India Iran Israel War के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज है। यह एक संकरा समुद्री मार्ग है जो पर्शियन गल्फ को अरेबियन सी से जोड़ता है। एक तरफ ईरान है और दूसरी तरफ ओमान और UAE। सऊदी अरब, कुवैत, UAE, क़तर जैसे देश अपना क्रूड ऑयल, LPG और LNG इसी रास्ते से दुनिया को भेजते हैं।
भारत UAE, क़तर, कुवैत, सऊदी अरब और ओमान से सबसे ज्यादा LPG मंगाता है और इसका लगभग 85% हिस्सा इसी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज से होकर आता है। जब से ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा है, ईरान ने कई बार इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी है। ईरानी सेना के संगठन IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) के एक वरिष्ठ सलाहकार ने हाल ही में कहा कि इस रास्ते से निकलने वाले जहाजों में आग लगा दी जाएगी।
‘Essential Commodities Act 1955: सरकार ने क्यों लागू की आपातकालीन शक्ति?’
LPG Cylinder India Iran Israel War को लेकर केंद्र सरकार सतर्क है और उसने 5 मार्च 2026 को Essential Commodities Act 1955 की आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया। इस कानून के तहत जब किसी जरूरी वस्तु की आपूर्ति खतरे में हो तो सरकार सीधे कंपनियों को आदेश दे सकती है।
इस अधिकार का उपयोग करते हुए सरकार ने देश की सभी सरकारी और निजी रिफाइनरियों को आदेश दिया कि वे जितनी ज्यादा LPG बना सकती हैं उतनी बनाएं। इससे भी आगे, प्रोपेन और ब्यूटेन, जो पहले पेट्रोकेमिकल उत्पादों जैसे प्लास्टिक और अन्य रसायन बनाने में इस्तेमाल होते थे, उन्हें अब LPG उत्पादन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इस तरह बनाई गई LPG केवल तीन सरकारी कंपनियों को मिलेगी: Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum।
‘USA से 22 लाख टन LPG Deal: नया सप्लाई सोर्स खोज रहा भारत’
LPG Cylinder India Iran Israel War की आशंका के बीच भारत ने मध्य पूर्व पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत ने अमेरिका के साथ एक LPG खरीद समझौता किया है, जिसके तहत 2026 में सरकारी कंपनियां अमेरिका से लगभग 22 लाख टन LPG खरीदेंगी।
यह भारत के कुल LPG आयात का लगभग 10% होगा। अगर मध्य पूर्व में स्थिति बिगड़ती है तो यह अमेरिकी डील एक वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के रूप में काम कर सकती है, हालांकि अभी यह पूरी तरह क्रियाशील नहीं हुई है।
‘सिर्फ रसोई नहीं, पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर’
LPG Cylinder India Iran Israel War का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार क्रूड ऑयल को अर्थव्यवस्था का लाइफब्लड कहा जाता है और इसके महंगा होने का असर हर जगह दिखता है। खरीफ फसल के लिए खाद और बीज महंगे होंगे, क्योंकि भारत कई उर्वरक भी आयात करता है। जैसा रूस-यूक्रेन युद्ध में हुआ था, कुछ आयात या तो महंगे होंगे या उपलब्ध ही नहीं होंगे। मुद्रास्फीति हर स्तर पर बढ़ेगी और निर्यात पर निर्भर किसानों को उचित दाम मिलना मुश्किल होगा। 33 करोड़ LPG उपभोक्ताओं का मासिक बजट पहले से ही प्रभावित है और आगे और दबाव बढ़ सकता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- LPG Cylinder India Iran Israel War: 2015 में 50% आयात, 2025 में 64-67% आयात; सालाना जरूरत 3.13 करोड़ MT; घरेलू उत्पादन मात्र 1.28 करोड़ MT; डिमांड 70%+ बढ़ी, उत्पादन सिर्फ 30% बढ़ा।
- LPG का 85% Strait of Hormuz से आता है; Iran ने Hormuz बंद करने और जहाजों में आग लगाने की धमकी दी; IRGC Senior Advisor की चेतावनी।
- LPG बनती है Propane + Butane से; 100 टन Crude से केवल 4-5% LPG; Natural Gas Reserves कम होने से India का उत्पादन सीमित।
- सरकार का जवाब: 5 मार्च को Essential Commodities Act 1955 लागू; सभी Refineries को Maximum LPG Order; Propane-Butane Petrochemicals से LPG की ओर; IOC, BPCL, HPCL को प्राथमिकता; USA से 22 लाख टन LPG Deal 2026 में; 33 करोड़+ उपभोक्ताओं की सप्लाई सुरक्षित रखने का प्रयास।








