Punjab Debt Crisis: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब पर बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में सरकार ने करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज ले लिया है, जबकि इस दौरान राज्य के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ है।
मजीठिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि देश की आज़ादी से लेकर वित्तीय वर्ष 2021-22 तक पंजाब में बनी अलग-अलग सरकारों ने कुल 2,81,773 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। उन्होंने कहा कि इस कर्ज से पिछली सरकारों ने पंजाब का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया, जिसका लाभ आज भी राज्य को मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से 2007-17 में स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया।
4 साल में 1.35 लाख करोड़ का कर्ज, कहां गया पैसा?
बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने सिर्फ चार साल में करीब 1,35,363 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में और कर्ज लिया जाएगा, जिसके बाद पंजाब का कुल कर्ज मार्च 2026 तक करीब 4,17,136 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने अनुमान जताया कि यह आंकड़ा पांच लाख करोड़ रुपये के पार भी जा सकता है।
मजीठिया ने सवाल उठाते हुए कहा, “इतना कर्ज लेने के बावजूद पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई तरक्की नहीं हुई है। यह रकम हवाई जहाजों के सफर और झूठे विज्ञापनों पर खर्च कर दी गई।” उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले भगवंत मान और उनके “दिल्ली के बॉस” अरविंद केजरीवाल ने वादा किया था कि माइनिंग से हर साल 20 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे, लेकिन चार साल के 80 हजार करोड़ कहां हैं?
‘राजा वारिंग बस बॉडी केस में क्या समझौता हुआ?’
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से जुड़े बस बॉडी मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले चार साल से विधानसभा में चीख-चीख कर यह कहते रहे कि राजा वारिंग के मंत्री रहने के दौरान खरीदी गई बसों की बॉडी का मामला खोला जाएगा। लेकिन अब उन्होंने यू-टर्न लेकर उसी राजस्थान से बसों को पीआरटीसी के बेड़े में शामिल कर लिया है।”
मजीठिया ने पूछा, “यह गोलमाल कहां हुआ? अब वह फाइल कहां है? किसके जरिए समझौता हुआ? मुख्यमंत्री को पंजाब की जनता को इसका जवाब देना चाहिए।”
पंजाबियों से अपील: वोट मांगने आएं तो ये सवाल जरूर पूछें
बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान वोट मांगने आएं, तो उनसे ये सवाल जरूर पूछें कि पंजाब के मेहनतकश लोगों का पैसा फालतू खर्चों में क्यों बर्बाद किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार “0+0=0” है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
विश्लेषण: कर्ज का गणित और राजनीति
पंजाब पर कर्ज का बोझ कोई नया मुद्दा नहीं है। यह हर सरकार के लिए चुनौती रहा है। मजीठिया के आरोपों को समझने के लिए कर्ज के आंकड़ों को संदर्भ में देखना जरूरी है। पिछली सरकारों ने भी विकास कार्यों और सब्सिडी के लिए कर्ज लिया था। हालांकि, मजीठिया का कहना है कि पिछली सरकारों ने जो कर्ज लिया, उससे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ, जबकि मौजूदा सरकार का कर्ज विकास में न बदलकर प्रशासनिक खर्च और विज्ञापनों में चला गया।
उनके द्वारा उठाया गया माइनिंग रेवेन्यू और राजा वारिंग बस बॉडी का मामला भी पुराने विवाद हैं, जिन्हें अकाली दल समय-समय पर उठाता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए ये मुद्दे और तूल पकड़ सकते हैं। सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना होगा कि लिया गया कर्ज राज्य के विकास में सार्थक रूप से इस्तेमाल हुआ है।
मुख्य बातें (Key Points)
बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने 4 साल में 1.35 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया।
मार्च 2026 तक पंजाब का कुल कर्ज 4.17 लाख करोड़ पार कर जाएगा।
मजीठिया ने कहा कि यह रकम विकास पर नहीं, जहाजों की सैर और विज्ञापनों पर खर्ब हुई।
उन्होंने राजा वारिंग बस बॉडी केस में हुए कथित समझौते पर सीएम से जवाब मांगा।
पंजाबियों से अपील की कि वोट मांगने आने पर केजरीवाल और मान से कर्ज के बारे में सवाल करें।








