Nitish Kumar Resignation Bihar CM Rajya Sabha BJP Next Chief Minister : बिहार की राजनीति में एक युग का अंत हुआ। 2005 से लगातार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते आए नीतीश कुमार ने CM पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। वे अब राज्यसभा सदस्य के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में अपनी नई भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नई सरकार को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया है। इस फैसले के साथ ही बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
1970 से 2025: नीतीश कुमार का लंबा राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन 1970 के दशक में जयप्रकाश नारायण के समाजवादी आंदोलन और 1975-77 में इंदिरा गांधी के आपातकाल के विरोध से शुरू हुआ। वर्ष 2000 में वे पहली बार 7 दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री बने। फिर 2005 में भाजपा के साथ गठबंधन कर वे सत्ता में आए और तब से लगातार राज्य की कमान संभालते रहे।
उनके करियर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वे कभी विधानसभा के सदस्य नहीं रहे — वे हमेशा विधान परिषद यानी MLC के जरिए मुख्यमंत्री रहे।
गठबंधन बदलते रहे, सत्ता बनी रही
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर गठबंधनों के उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2005 से 2013 तक भाजपा के साथ, 2014-15 में RJD और कांग्रेस के साथ और फिर 2017 के बाद एक बार फिर NDA के साथ। इन बार-बार के गठबंधन परिवर्तनों की वजह से विपक्ष ने उन्हें “पलटू राम” का नाम दिया। लेकिन इसी लचीलेपन ने उन्हें दो दशकों तक बिहार की सत्ता में बनाए रखा।
‘सुशासन बाबू’ की विरासत: कानून-व्यवस्था से लेकर महिला सशक्तिकरण तक
नीतीश कुमार को “सुशासन बाबू” के नाम से जाना जाता है। उनके शासन में बिहार ने अपराध नियंत्रण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट शुरू किए, पुलिस और न्यायपालिका के बीच सहयोग बढ़ाया और राज्य को लालू प्रसाद युग के “जंगल राज” से बाहर निकाला।
महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा — पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50% आरक्षण, स्कूली छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की “मुख्यमंत्री साइकिल योजना” और छात्रवृत्ति व मुफ्त वर्दी जैसी कल्याण योजनाएं उनकी पहचान बनीं। सड़क, पुल और ग्रामीण संपर्क के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव हुए।
अगला CM कौन? तीन नाम सबसे आगे
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 और JDU के पास 85 सीटें हैं। NDA के पास पूर्ण बहुमत है।
सूत्रों के मुताबिक अगले CM की दौड़ में तीन नाम प्रमुख हैं: BJP के उप नेता सम्राट चौधरी, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता नित्यानंद राय। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
नीतीश के बेटे निशांत कुमार की एंट्री की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर भी है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही सक्रिय राजनीति में उतर सकते हैं और बिहार की राजनीति में JDU के भविष्य को आकार दे सकते हैं।
JDU का भविष्य: नीतीश के बिना क्या होगा?
नीतीश कुमार के बिना JDU की राजनीतिक जमीन कितनी मजबूत रहेगी, यह बड़ा सवाल है। पार्टी के भीतर नेतृत्व का संकट गहरा हो सकता है। विपक्ष इस बदलाव का फायदा उठाने की पूरी तैयारी करेगा। वहीं 75 वर्षीय नीतीश कुमार अब राज्य की राजनीति की बजाय राष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी भूमिका तय करेंगे।
बिहार की राजनीति अब किस दिशा में?
दो दशक तक बिहार की बागडोर थामे रखने वाले नीतीश कुमार का यह फैसला राज्य की राजनीति का एक बड़ा मोड़ है। भाजपा इस बदलाव का फायदा उठाकर बिहार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहेगी। NDA गठबंधन का बहुमत स्थिर है, लेकिन जाति समीकरण, गठबंधन की आंतरिक राजनीति और नए नेतृत्व की स्वीकार्यता — ये सभी कारक बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर तय करेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- नीतीश कुमार ने बिहार CM पद से इस्तीफे की घोषणा की, राज्यसभा सदस्य के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में जाएंगे।
- 2005 से मुख्यमंत्री रहे नीतीश “सुशासन बाबू” के रूप में जाने जाते हैं — कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण में बड़े सुधार किए।
- अगले CM की दौड़ में Samrat Chaudhary, Vijay Kumar Sinha और Nityanand Rai के नाम सबसे आगे।
- बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने और JDU के भविष्य पर सबकी नजर।








