Human Evolution: धरती पर इंसान ने सबसे पहले कदम कहां रखा? इस सवाल का जवाब तो आपको पता ही होगा – अफ्रीका। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अफ्रीका से निकलकर आदिमानव (Early Human) सबसे पहले किस जगह पहुंचा था? इस सवाल का जवाब इजराइल (Israel) में हुई एक नई रिसर्च में मिला है। क्वाटरनरी साइंस रिव्यूज जर्नल (Quaternary Science Reviews) में प्रकाशित इस स्टडी ने इंसानी विकास की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
रिसर्च के मुताबिक, अफ्रीका से बाहर इंसान सबसे पहले इजराइल के उबेदिया (Ubeidiya) नामक स्थान पर पहुंचा था। यह जगह इजराइल के पूर्वी हिस्से में जॉर्डन नदी (Jordan River) के पास स्थित है। यहां पत्थर के बने बड़े-बड़े उपकरण (टूल्स) मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इन्हें इस्तेमाल करने वाला इंसान कितना समझदार होने लगा था। पुरातत्वविद् (Archaeologists) लंबे समय से उबेदिया में मिल रहे सबूतों का अध्ययन कर रहे थे, लेकिन अभी तक यह पक्का पता नहीं चल पाया था कि यह जगह आखिर कितनी पुरानी है।
उबेदिया: अफ्रीका के बाहर इंसान की पहली मंजिल
ज्यादातर रिसर्चर्स का मानना था कि उबेदिया की यह साइट 12 से 16 लाख साल पुरानी हो सकती है। यानी यहां पर इंसानों की मौजूदगी उतने साल पहले रही होगी। लेकिन यह सिर्फ अंदाजा था, इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले थे। अब हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम, यूनिवर्सिटी ऑफ हाइफा और यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा के रिसर्चर्स की एक टीम ने तीन नई तकनीकों का इस्तेमाल करके इस जगह की सही उम्र का पता लगाया है।
इन तीन तरीकों से रिसर्चर्स को पता चला कि अफ्रीका से निकलकर इंसान उबेदिया करीब 19 लाख साल पहले पहुंचा था। यानी पुराने अंदाजे से कहीं पहले। इससे यह भी साबित होता है कि लगभग एक ही वक्त के आसपास अफ्रीका से निकलकर आदिमानव अलग-अलग दिशाओं में फैल रहा था। करीब-करीब इसी वक्त इंसान जॉर्जिया (रूस के दक्षिण में बसा देश) की ओर भी गया। जॉर्जिया में इंसानों के जो निशान मिले थे, वो करीब 18 लाख साल पुराने हैं।
तीन नई तकनीकों ने खोला राज
रिसर्चर्स की इस टीम ने उबेदिया की उम्र पता करने के लिए तीन अलग-अलग और बेहद दिलचस्प तरीके अपनाए। आइए समझते हैं ये तरीके क्या थे:
1. मैग्नेटिक फील्ड का खेल: हमारी धरती के अंदर एक बहुत बड़ा चुंबक (मैग्नेट) है, जिसके उत्तर और दक्षिण ध्रुव हैं। धरती के इतिहास में कई बार ये ध्रुव आपस में अदला-बदली कर चुके हैं (उत्तर, दक्षिण हो जाता है और दक्षिण, उत्तर)। जब जमीन के अंदर से लावा निकलकर बाहर आता है और चट्टानों में तब्दील हो जाता है, तो उसके अंदर मौजूद मैग्नेटिक मिनरल्स (जैसे मैग्नेटाइट, हेमेटाइट) उस दिशा में लॉक हो जाते हैं, जिस दिशा में उस वक्त धरती का चुंबकीय क्षेत्र (मैग्नेटिक फील्ड) होता है। इन मिनरल्स का विश्लेषण करके वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि चट्टान किस वक्त बनी थी।
2. सीपियों ने बताई उम्र (यूरेनियम-लेड डेटिंग): उबेदिया की खुदाई में कई सीपियां भी मिली हैं। वैज्ञानिकों ने इन सीपियों की उम्र पता करने के लिए यूरेनियम-लेड डेटिंग (Uranium-Lead Dating) तकनीक का इस्तेमाल किया। जितनी इन सीपियों की उम्र होती है, उतनी ही पुरानी उस चट्टान की वह परत (लेयर) होती है, जिसमें ये सीपियां मिली हैं।
3. अंतरिक्ष की किरणों से डेटिंग: यह तरीका सबसे दिलचस्प है। अंतरिक्ष से कई तरह की तरंगें (कॉस्मिक रेज) धरती पर आती हैं। ये तरंगें चट्टानों से टकराती हैं तो खास तरह के आइसोटोप्स (Isotopes) बनते हैं। जब चट्टानें धीरे-धीरे नीचे दबती जाती हैं, तो अंतरिक्ष की किरणों से नए आइसोटोप्स बनना बंद हो जाते हैं और जो पुराने होते हैं, वो खत्म (डीके) होने लगते हैं। इस प्रक्रिया को ‘डेटिंग’ कहते हैं। वैज्ञानिक यह देखते हैं कि कोई आइसोटोप कितना डीके (decay) हुआ है, इससे चट्टान की उम्र का पता चल जाता है।
इंसान जॉर्जिया भी पहुंचा था, लेकिन…
इन तीनों तकनीकों से मिले नतीजों ने यह साफ कर दिया कि उबेदिया में इंसान 19 लाख साल पहले मौजूद था। दिलचस्प बात यह है कि जॉर्जिया में इंसानों के जो निशान मिले हैं, वो करीब 18 लाख साल पुराने हैं। यानी दोनों जगहों पर इंसान लगभग एक ही समय में पहुंचा था। लेकिन उबेदिया में मिले पत्थर के उपकरण (टूल्स) बताते हैं कि यहां रहने वाला आदिमानव जॉर्जिया के मुकाबले ज्यादा समझदार और विकसित हो चुका था। उसके औजार ज्यादा बेहतर और बड़े थे।
यह स्टडी इस बात को साबित करती है कि अलग-अलग वक्त पर इंसानों का विकास कैसे और किस दिशा में हो रहा था। ताजा स्टडी के बाद अब यह पहले से ज्यादा साफ हो गया है कि इंसान अफ्रीका से निकलकर अलग-अलग रास्तों पर फैला और हर जगह उसने अपने हिसाब से खुद को ढाला। इस रिसर्च में इस्तेमाल की गई तकनीकों ने यह भी साबित कर दिया है कि अब इतिहास को सटीकता से खंगालने का रास्ता खुल चुका है।
‘जानें पूरा मामला’
करीब 30 लाख साल पहले धरती का मौसम तेजी से बदल रहा था (जलवायु परिवर्तन)। इस बदलाव की रफ्तार को पकड़ते हुए इंसान भी नए हालात में ढलने लगा था। यह प्रक्रिया सबसे पहले उस जमीन पर शुरू हुई, जिसे आज हम अफ्रीका कहते हैं। अफ्रीका से निकलकर इंसानों ने दुनिया भर में फैलना शुरू किया। इस फैलाव की कहानी को समझने के लिए उबेदिया (इजराइल) और दमानिसी (जॉर्जिया) जैसी जगहें बेहद अहम हैं। इन जगहों पर मिले सबूत बताते हैं कि इंसान करीब 18 से 20 लाख साल पहले अफ्रीका से बाहर निकल चुका था और अलग-अलग इलाकों में बस रहा था। यह नई रिसर्च उसी कहानी को और पुख्ता करती है।
मुख्य बातें (Key Points)
इजराइल के उबेदिया (Ubeidiya) में हुई नई रिसर्च से पता चला है कि अफ्रीका से बाहर निकलकर इंसान सबसे पहले यहां करीब 19 लाख साल पहले पहुंचा था।
यह स्टडी क्वाटरनरी साइंस रिव्यूज जर्नल में प्रकाशित हुई है और इसे तीन नई तकनीकों – मैग्नेटिक डेटिंग, यूरेनियम-लेड डेटिंग और कॉस्मिक रे डेटिंग से अंजाम दिया गया।
इससे पहले उबेदिया की उम्र 12 से 16 लाख साल के बीच आंकी जा रही थी, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह जगह पहले के अनुमान से ज्यादा पुरानी है।
करीब 18 लाख साल पहले इंसान जॉर्जिया (दमानिसी) भी पहुंचा था, लेकिन उबेदिया में मिले पत्थर के औजार बताते हैं कि वहां का आदिमानव ज्यादा विकसित था।
यह खोज इंसानी विकास और अफ्रीका से उसके फैलाव की कहानी को समझने में एक अहम कड़ी साबित होगी।








