Punjab Government Women Safety: पंजाब में महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विभिन्न विज्ञापनों और मीडिया प्लेटफॉर्मों पर महिलाओं को अश्लील और अपमानजनक ढंग से प्रस्तुत किए जाने के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं के सम्मान के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि विभाग के ध्यान में कई ऐसे मामले आए हैं, जहां विज्ञापनों के माध्यम से महिलाओं का अश्लील और अपमानजनक चित्रण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 (Indecent Representation of Women (Prohibition) Act, 1986) के तहत इस तरह के कृत्यों पर सख्त प्रतिबंध है और यह कानूनन दंडनीय अपराध है।
मीडिया प्लेटफॉर्मों को सख्त निर्देश
मंत्री ने सभी टीवी चैनलों, वेबसाइटों, वेब-आधारित एप्लिकेशनों, अखबारों और अन्य ऑडियो-विजुअल मीडिया प्लेटफार्मों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री या विज्ञापन प्रसारित, प्रकाशित या प्रिंट न करे, जिसमें महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक ढंग से दर्शाया गया हो। ऐसी सामग्री का प्रसारण कानून का उल्लंघन है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “महिलाओं की इज्जत, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। इस संबंध में कानून के किसी भी उल्लंघन पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
जिला अधिकारियों और पुलिस को सख्त निर्देश
मंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। पंजाब के सभी जिला प्रोग्राम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे मामलों का खुद संज्ञान लें और प्राप्त शिकायतों पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की पंजाब और जिला स्तर पर उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा, पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को भी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
‘क्या है पूरा मामला’
हाल के दिनों में कई विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट में महिलाओं के चित्रण को लेकर सवाल उठे थे। ‘महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986’ के तहत महिलाओं को अपमानजनक या अश्लील ढंग से पेश करना कानूनी अपराध है। इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना और उनके खिलाफ अश्लीलता के व्यापार पर रोक लगाना है। पंजाब सरकार ने इसी कानून के तहत सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की यह पहल महिलाओं के खिलाफ हो रहे अश्लील चित्रण पर लगाम लगाने और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
मुख्य बातें (Key Points)
Punjab Government Women Safety के तहत मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने अश्लील विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 के तहत उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई।
सभी टीवी चैनलों, अखबारों और वेब प्लेटफॉर्मों को महिलाओं के अपमानजनक चित्रण पर रोक लगाई गई।
जिला प्रोग्राम अधिकारियों और एसएसपी को मामलों पर तुरंत कार्रवाई और शिकायतों का संज्ञान लेने के निर्देश।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।








