Trump Operation Sindoor Claim को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ट्रंप ने अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के दौरान दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) को रोककर 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें बताया कि अगर ट्रंप ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो वह खुद मारे जाते और 3.5 करोड़ लोगों की मौत हो जाती।
हालांकि, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में ट्रंप की किसी भी भूमिका को बार-बार खारिज किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस तरह के दावों पर चुटकी लेते हुए कहा था कि उस दौरान अमेरिका (यूएस) अमेरिका में ही था, यानी उसकी कोई भूमिका नहीं थी।
ट्रंप ने क्या दावा किया?
अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में ट्रंप ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “अपने पहले 10 महीनों में मैंने कंबोडिया और थाईलैंड समेत आठ युद्ध रुकवाए। यह मजाक नहीं है। पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता तो 3.5 करोड़ लोगों की मौत हो जाती।”
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “Pakistan and India would have been a nuclear war. 35 million people, said the Prime Minister of Pakistan, would have died if not for my involvement.”
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगांव में आतंकियों ने एक हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चार दिवसीय सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
भारत ने किया खारिज
ट्रंप के इस दावे को भारत ने हमेशा खारिज किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब पूछा गया था कि उस संघर्ष के दौरान अमेरिका कहां था, तो उन्होंने कटाक्ष करते हुए जवाब दिया था, “अमेरिका अमेरिका में था।” उनके इस जवाब से साफ संकेत था कि अमेरिका की उस संघर्ष को रोकने में कोई भूमिका नहीं थी।
विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने भी स्पष्ट किया था कि युद्ध विराम में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने बताया था कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) ने हॉटलाइन पर अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और संघर्ष खत्म करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध विराम समझौता हुआ।
ट्रंप के दावे में कितनी सच्चाई?
ट्रंप के इस दावे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। भारत ने पिछले साल मई में हुए इस सैन्य संघर्ष के दौरान किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से लगातार इनकार किया है। पाकिस्तान की ओर से भी आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई पुष्टि नहीं की गई है। ट्रंप के बयान को उनकी राजनीतिक उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में आठ युद्धों को रोकने का दावा किया, जिनमें इजराइल-हमास, इजराइल-ईरान, मिस्र-इथोपिया, सर्बिया-कोसोवो, रवांडा-कांगो, अर्मेनिया-अजरबैजान, कंबोडिया-थाईलैंड और भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष शामिल हैं। इनमें से कई मामलों में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रोककर पाकिस्तान के 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई।
ट्रंप ने कहा कि पाक PM शहबाज शरीफ ने उनसे यह कहा कि अगर ट्रंप ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो वह खुद मारे जाते।
भारत ने इस दावे को बार-बार खारिफ किया है. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था- उस दौरान अमेरिका अमेरिका में ही था।
पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हॉटलाइन पर भारत से संपर्क कर युद्ध विराम की मांग की थी, किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।








