Sukhpal Khaira BDPO Transfer : सीनियर कांग्रेस नेता और भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने मंगलवार को BDPO नडाला कुलविंदर रंधावा का कपूरथला जिले से तत्काल ट्रांसफर करने की मांग की है। खैरा ने आरोप लगाया कि इस अधिकारी ने कल उनकी संपत्ति की बिना नोटिस और बिना सुनवाई के गैरकानूनी तरीके से तोड़फोड़ करवाई। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में की गई है।
खैरा ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया की पूरी तरह उल्लंघन किया गया और उनके मालिकाना हक के दस्तावेजों की कोई जांच या पुष्टि नहीं की गई।
अधिकारी पर पहले से दर्ज है भ्रष्टाचार का मामला
सुखपाल खैरा ने बताया कि कुलविंदर रंधावा की ईमानदारी पहले ही सवालों के घेरे में है। BDPO अमलोह के दौरान उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत 40.85 लाख रुपये के कथित घोटाले से संबंधित मामला (FIR नंबर 37, दिनांक 09.08.2024, विजिलेंस ब्यूरो, पटियाला) दर्ज किया गया था।
उन्होंने कहा, “जब सत्ताधारी पार्टी के एक विधायक द्वारा भी इस अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा चुके हैं और उसे पहले निलंबित और गिरफ्तार भी किया जा चुका है, तो ऐसे अधिकारी से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।”
राजनीतिक दबाव में हुई तोड़फोड़ का आरोप
खैरा ने आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में की गई है और यह उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग को दर्शाता है। उन्होंने इसे सियासी बदले की कार्रवाई करार दिया।
उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मुख्य सचिव पंजाब से अपील की है कि कुलविंदर रंधावा का तुरंत कपूरथला जिले से ट्रांसफर किया जाए और इस गैरकानूनी तोड़फोड़ की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए जाएं।
लड़ाई जारी रखेंगे खैरा
खैरा ने साफ किया कि वह प्रशासनिक जबरदस्ती और राजनीतिक बदले की कार्रवाई के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्प अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को आखिर तक लड़ेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
विधायक सुखपाल खैरा ने BDPO कुलविंदर रंधावा का तत्काल ट्रांसफर करने की मांग की।
आरोप- अधिकारी ने राजनीतिक दबाव में बिना नोटिस और सुनवाई के अवैध तोड़फोड़ करवाई।
अधिकारी पर पहले से विजिलेंस ब्यूरो में 40.85 लाख रुपये के घोटाले का मामला दर्ज है।
खैरा ने सीएम से निष्पक्ष जांच और अधिकारी के ट्रांसफर की अपील की।








