Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में अगले हफ्ते भी मजबूती जारी रह सकती है। एनालिस्टों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ बढ़ा दी है और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा है। इसके चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे बुलियन की मांग मजबूत बनी हुई है।
बाजार की दिशा तय करने में आने वाले दिनों में कई अहम आर्थिक संकेतक (इंडिकेटर्स) भूमिका निभाएंगे। इनमें अमेरिका का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई), हाउसिंग डाटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, साप्ताहिक शुरुआती बेरोजगारी दावे और पीपल्स बैंक ऑफ चाइना की प्राइम लैंडिंग रेट का फैसला शामिल है। इन आंकड़ों से संकेत मिल सकता है कि कीमती धातुओं में आगे किस दिशा में मूवमेंट हो सकता है।
टैरिफ अनिश्चितता से बढ़ी सेफ हेवन की मांग
चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने से व्यापार को लेकर अनिश्चितता फिर बढ़ गई है। इससे सेफ हेवन (सुरक्षित निवेश) के रूप में सोने और चांदी की मांग को बल मिला है।
पिछले हफ्ते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी वायदा 8,584 रुपये यानी 3.5% चढ़ी। वहीं सोना 981 रुपये यानी करीब 1% मजबूत हुआ।
एक्सपर्ट का अनुमान: सोना 1.61 लाख तक जा सकता है
वन के डीवीपी रिसर्च नॉन एग्री कमोडिटीज एंड करेंसी प्रथमेश माल्या ने कहा कि 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते में एमसीएक्स गोल्ड 10 ग्राम के लिए 1.5 लाख से 1.6 लाख के दायरे में कारोबार करता रहा। कमजोर अमेरिकी आंकड़ों और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने कीमतों को सहारा दिया। निवेशकों ने फेडरल रिजर्व की ओर से संभावित दर कटौती की उम्मीदों को भी भाव में शामिल किया।
माल्या के मुताबिक मध्य पूर्व में नए सिरे से तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और बाजार की अस्थिरता ने निवेशकों को अनिश्चितता से बचाव के तौर पर सोने की ओर मोड़ा है। उनका अनुमान है कि सोना ₹1,61,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
चांदी को मिला डबल सपोर्ट
चॉइस ब्रोकिंग ने बताया कि लूनर न्यू ईयर (चीनी नव वर्ष) के बाद बाजार में बड़ी लिक्विडिटी और सोलर और एल्युमिनियम सेक्टर से मजबूत औद्योगिक मांग ने चांदी की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी वायदा 4.38 डॉलर यानी 5.62% बढ़कर 82.34 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। वहीं सोना 34.6 डॉलर यानी करीब 1% चढ़कर 580.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
आम निवेशकों पर क्या होगा असर?
ट्रंप के टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने से ज्वैलरी खरीदना महंगा हो जाएगा। वहीं जिन लोगों ने सोने-चांदी में निवेश किया हुआ है, उन्हें इसका फायदा मिल सकता है। अगर आप सोने या चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करते हैं, तो आपके पोर्टफोलियो को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है और बाजार के रुख को समझते हुए ही फैसले लेने चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ और मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव के चलते सोने-चांदी की मांग बढ़ी है।
पिछले हफ्ते एमसीएक्स पर चांदी 3.5% और सोना करीब 1% मजबूत हुआ।
एक्सपर्ट प्रथमेश माल्या का अनुमान है कि सोना ₹1,61,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
चीनी नव वर्ष के बाद बड़ी लिक्विडिटी और औद्योगिक मांग से चांदी को अतिरिक्त सपोर्ट मिला।








