US Winter Storm: अमेरिका के पूर्वोत्तर इलाके में भीषण बर्फानी तूफान के कारण एयर इंडिया ने मंगलवार को न्यूयॉर्क और न्यूर्क एयरपोर्ट के लिए आने-जाने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स रद्द कर दीं। राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने इस तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें कुछ इलाकों में 2 फीट तक बर्फ गिरने का अनुमान है।
इस तूफान के चलते अमेरिकन एयरलाइंस, साउथवेस्ट एयरलाइंस और डेल्टा एयरलाइंस समेत कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए मुफ्त तारीख बदलने या रिफंड की सुविधा दे दी है। फ्लाइटअवेयर ट्रैकर के मुताबिक, सोमवार सुबह तक 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी थीं।
न्यूयॉर्क-न्यूजर्सी में इमरजेंसी, जनजीवन ठप
तूफान का असर न्यूयॉर्क में साफ देखा जा रहा है। ब्रुकलिन से वॉल स्ट्रीट की गगनचुंबी इमारतें भी बर्फीली धुंध में नजर नहीं आ रहीं। सोमवार सुबह तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इमरजेंसी घोषित करते हुए कहा, “न्यूयॉर्क सिटी ने पिछले एक दशक में इतने भीषण तूफान का सामना नहीं किया है। हम न्यूयॉर्कवासियों से अनुरोध करते हैं कि बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।”
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने लॉन्ग आइलैंड, न्यूयॉर्क सिटी और लोअर हडसन वैली में 100 नेशनल गार्ड के जवानों को तैनात किया है। मैनहट्टन में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय भी सोमवार को बंद रखा गया। न्यूयॉर्क के म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट और वाशिंगटन के आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री ने भी सोमवार को बंद रखने का ऐलान किया।
न्यूजर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने रविवार दोपहर से इमरजेंसी घोषित कर दी थी, जिससे फंड और संसाधनों की तैनाती में तेजी आई। पावरआउटेज डॉट यूएस के मुताबिक, न्यूजर्सी में सोमवार सुबह तक करीब 80,000 लोगों की बिजली गुल हो चुकी थी।
ट्रांसपोर्टेशन ठप, स्कूल-दफ्तर बंद
न्यूजर्सी ट्रांजिट ने रविवार शाम बस, लाइट रेल और एक्सेस लिंक सेवा को सस्पेंड कर दिया और रात भर में राज्यव्यापी रेल सेवा भी रोक दी गई। रोड आइलैंड पब्लिक ट्रांजिट अथॉरिटी ने भी रविवार रात से सोमवार तक सभी सेवाएं सस्पेंड कर दीं।
वाशिंगटन से मेन तक के इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए, दफ्तरों में इमरजेंसी शेड्यूल लागू किया गया और ड्राइवरों को सड़कों पर न निकलने की सलाह दी गई।
बम चक्रवात बन सकता है तूफान
नेशनल वेदर सर्विस के मौसम विज्ञानी फ्रैंक परेरा ने बताया कि यह तूफान ‘बम चक्रवात’ में बदल सकता है। बम चक्रवात वह स्थिति होती है जब तूफान का प्रेशर 24 घंटे में कम से कम 24 मिलीबार गिर जाता है। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले 24 घंटों में यह उस स्तर तक पहुंच जाएगा।”
एनडब्ल्यूएस ने बताया कि ग्रेट लेक्स रीजन (इलिनोइस, इंडियाना, मिशिगन, मिनेसोटा, न्यूयॉर्क, ओहायो, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन) में भारी बर्फबारी होगी। मैरीलैंड से दक्षिण-पूर्वी न्यू इंग्लैंड तक ब्लिजार्ड की स्थिति बन सकती है। तूफान के चरम पर हर घंटे 2-3 इंच बर्फ गिर सकती है और करीब 5.4 करोड़ लोग इसकी चपेट में हैं।
डेलावेयर से मैसाचुसेट्स के केप कॉड तक तटीय इलाकों में बाढ़ की भी आशंका है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस भीषण तूफान का असर सीधे तौर पर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। हजारों फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। दफ्तर बंद होने से कामकाज ठप हो जाएगा। बिजली गुल होने से घरों में हीटिंग सिस्टम बंद हो जाएगा, जिससे ठंड में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पिछले महीने ही आए भीषण शीतलहर में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, ऐसे में इस तूफान को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिका के पूर्वोत्तर इलाके में भीषण बर्फानी तूफान, 2 फीट तक बर्फ गिरने का अनुमान।
एयर इंडिया ने न्यूयॉर्क और न्यूर्क की सभी फ्लाइट्स कैंसिल कीं, 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द।
न्यूयॉर्क-न्यूजर्सी में इमरजेंसी घोषित, स्कूल-दफ्तर बंद, बस-रेल सेवाएं ठप।
तूफान के ‘बम चक्रवात’ में बदलने की आशंका, 5.4 करोड़ लोग प्रभावित हो सकते हैं।








