Air Taxi India: भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 में देश की पहली AI-पावर्ड एयर टैक्सी ने सबका ध्यान खींचा। इस समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि AI समिट के घोषणापत्र पर 70 देशों ने अपनी सहमति जता दी है, और यह संख्या और बढ़ सकती है। लेकिन असली आकर्षण रही यह एयर टैक्सी, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हमने इस एयर टैक्सी से जुड़ी हर डिटेल जानने की कोशिश की, जैसे कि यह कब तक लॉन्च होगी, इसकी कीमत क्या होगी और यह किन शहरों में उड़ान भरेगी।
कब तक लॉन्च होगी एयर टैक्सी? जानें स्पेसिफिकेशन
ePlane कंपनी के मार्केटिंग एंड स्ट्रैटजी हेड विकल्प ने बताया कि सबसे पहले वे 2027 के तीसरे या चौथे क्वार्टर में ‘एयर एंबुलेंस’ लॉन्च करेंगे। उन्होंने बताया कि जो प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया गया है, वह एक सब-स्केल प्रोटोटाइप है, जिसे 2021 में बनाया गया था। अलग-अलग सब-सिस्टम्स को टेस्ट करने के लिए ऐसे 30 सब-स्केल प्रोटोटाइप बनाए गए हैं, जिनमें से एक ने 9 से 10 हजार किलोमीटर की उड़ान भी भरी है।
फिलहाल, IIT मद्रास में 60,000 स्क्वायर फीट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में फुल-स्केल एयरक्राफ्ट बनाया जा रहा है। इसका विंग स्पैन 10 मीटर और लंबाई 8 मीटर होगी। इस एयर टैक्सी में एक पायलट और दो यात्री सफर कर सकेंगे, साथ ही 200 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकेगा।
कितना होगा किराया? किन शहरों में मिलेगी सुविधा?
सबसे बड़ा सवाल कि आखिर इस एयर टैक्सी में सफर करने में कितना खर्च आएगा? कंपनी के मुताबिक, अगर आप गुड़गांव से फरीदाबाद जाना चाहते हैं, जहां फिलहाल 2 घंटे लगते हैं और करीब 1000 रुपये खर्च होते हैं, तो एयर टैक्सी से यही सफर महज 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। इसकी कीमत उबर (Uber) से 1.7 गुना यानी करीब 3400 से 5000 रुपये के बीच होगी।
शुरुआत में यह सुविधा किन शहरों में मिलेगी? कंपनी फिलहाल संभावित शहरों का मूल्यांकन कर रही है। रिसर्च के मुताबिक, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और मुंबई जैसे शहर इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं। इन शहरों में ‘सैंडबॉक्स’ बनाकर यह देखा जाएगा कि कहां उड़ान भरना सबसे ज्यादा कारगर रहेगा।
कैसे अलग है यह एयर टैक्सी? समझें टेक्नोलॉजी
यह एयर टैक्सी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक है, यानी इसमें कार्बन एमिशन नहीं होगा और न ही किसी फ्यूल की जरूरत पड़ेगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसे रनवे की जरूरत नहीं है। यह वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) कर सकता है, यानी यह हेलीकॉप्टर की तरह घर की छत पर बने हेलीपैड से सीधा ऑफिस या अस्पताल के हेलीपैड पर उतर सकेगा।
सेफ्टी को लेकर क्या है इंतजाम?
सेफ्टी को लेकर कंपनी ने कई लेवल के इंतजाम किए हैं। इसमें 10 प्रोपेलर और रोटर लगे हैं – 6 वर्टिकल रोटर और 4 फॉरवर्ड प्रोपेलर। ये सभी अलग-अलग पावर ट्रेन और बैटरी से कनेक्टेड हैं। अगर एक भी फेल हो जाता है, तो बाकी काम करते रहेंगे। अगर सभी फेल हो जाएं, तो यह अपने विंग की मदद से ग्लाइड कर सकता है। इससे भी आगे की स्थिति के लिए इसमें बैलिस्टिक पैराशूट लगा है, जो क्रैश के समय यात्री को बचा सकता है। साथ ही, सीटें क्रैश-वर्थी सर्टिफाइड हैं।
AI समिट में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
भारत मंडपम में चल रहे AI समिट के दौरान तब हंगामा हो गया जब युवा कांग्रेस के 20 से 30 कार्यकर्ता अमेरिका डील के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बिना कमीज के प्रदर्शन किया और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्य बातें (Key Points)
देश की पहली AI-पावर्ड एयर टैक्सी भारत मंडपम में AI समिट में प्रदर्शित की गई।
यह एयर टैक्सी 2027 के अंत तक लॉन्च होगी, पहले चरण में एयर एंबुलेंस के रूप में।
गुड़गांव से फरीदाबाद का 2 घंटे का सफर 15 मिनट में होगा, किराया 3400-5000 रुपये के बीच।
बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और मुंबई में शुरुआत में यह सुविधा मिलने की संभावना।
सेफ्टी के 7 लेवल, जिसमें पैराशूट और क्रैश-वर्थी सीटें शामिल।








