CM Yogi Announces Salary Hike for Shiksha Mitra: उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवार को विधानसभा में एक अहम घोषणा करते हुए प्रदेश के शिक्षामित्रों का वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। इसके साथ ही अनुदेशकों (मेंटर्स) का वेतन भी बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह फैसला सीएम योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान किया।
इस घोषणा के साथ ही राज्य के 1.47 लाख शिक्षामित्रों और 28,000 से अधिक अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे पहले शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये प्रति माह और अनुदेशकों को 12,000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत शिक्षामित्रों के वेतन में 8,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
2017 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी
बता दें कि योगी सरकार ने साल 2017 में सत्ता संभालने के बाद पहली बार शिक्षामित्रों के वेतन में बढ़ोतरी की थी। उस समय शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था। अब करीब 9 साल बाद सरकार ने एक बार फिर शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के वेतन में इजाफा करके उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।
कितने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को होगा लाभ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ऐलान से प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को फायदा होगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में:
1.47 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिन्हें अब 18,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
28,000 से अधिक अनुदेशक हैं, जिनका वेतन अब बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
चुनावी साल में बीजेपी का गेम-चेंजर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम साबित हो सकता है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में शिक्षामित्रों के वेतन वृद्धि का वादा किया था, जिसे सरकार ने पूरा कर दिखाया है। इस फैसले से न सिर्फ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में संतुष्टि होगी, बल्कि उनके परिवारों और समुदायों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह कदम सरकार की शिक्षकों और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
विश्लेषण: शिक्षकों का मान बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
शिक्षामित्र और अनुदेशक उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा के ढांचे की अहम कड़ी हैं। इनके वेतन में यह उल्लेखनीय वृद्धि न केवल उनके आर्थिक जीवन स्तर को सुधारेगी, बल्कि उनके मनोबल को भी बढ़ाएगी। लंबे समय से कम वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे इन शिक्षकों के लिए यह एक बड़ी राहत है। सरकार का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शिक्षामित्रों का वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की।
अनुदेशकों का वेतन अब 17,000 रुपये प्रति माह होगा।
प्रदेश में 1.47 लाख शिक्षामित्र और 28,000 से अधिक अनुदेशक हैं, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा।
2017 में वेतन 3,500 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था, अब 8,000 रुपये की और बढ़ोतरी।
यह फैसला चुनावी साल में बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।








