Rajya Sabha Elections 2026: इस साल देशभर में राज्यसभा (Rajya Sabha) की कुल 72 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें से 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए अगले माह यानी 16 मार्च 2026 को मतदान की तारीख तय कर दी गई है। राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) में सीधे तौर पर जनता वोट नहीं डालती, बल्कि राज्यों के विधायक (MLAs) ही मतदान करते हैं। ऐसे में यह चुनाव काफी हद तक राज्य की विधानसभा में मौजूदा ताकत और गठबंधनों की राजनीति पर निर्भर करता है। इस बार के चुनाव को लेकर यह सवाल हर किसी के जेहन में है कि आखिर कौन बाजी मारेगा? क्या एनडीए (NDA) का दबदबा दिखेगा या फिर विपक्षी गठबंधन खेल बिगाड़ सकता है? जानकारों का मानना है कि इस चुनाव में भाजपा (BJP) और उसके सहयोगी आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं और उन्हें लाभ की स्थिति में देखा जा रहा है।
37 सीटों के इस चुनाव में भाजपा को तीन और उसके सहयोगी दलों को दो अतिरिक्त सीटें मिलने का अनुमान है। यानी पिछली बार के मुकाबले एनडीए का आंकड़ा बढ़ सकता है। खासकर बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में समीकरण सत्ता पक्ष के पक्ष में बनते दिख रहे हैं। आइए, राज्य-दर-राज्य समझते हैं कि किसके पाले में कितनी सीटें जा सकती हैं।
बिहार में क्या है समीकरण?
बिहार (Bihar) में पांच राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। फिलहाल इनमें जेडीयू (JDU) के पास दो, राजद (RJD) के पास दो और आरएलएम (RLM) के पास एक सीट है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 42 वोटों (पहली पसंद) की जरूरत होती है। राजद के पास 202 विधायक हैं, यानी चार सीटें तो उनके लिए लगभग पक्की हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए उनके पास पर्याप्त वोट नहीं हैं। वहीं, एनडीए (NDA) के पास मिलाकर पर्याप्त संख्या है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि जेडीयू (JDU) और भाजपा (BJP) दो-दो सीटें जीत सकते हैं, जबकि एनडीए के सहयोगी के रूप में एक सीट और आ सकती है। चूंकि विपक्ष के पास पांचवीं सीट के लिए जरूरी वोट नहीं हैं, इसलिए राजद के लिए एनडीए के गढ़ में सेंध लगाना मुश्किल लग रहा है।
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असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल का हाल
असम (Assam) में तीन सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें दो भाजपा (BJP) और एक निर्दलीय सांसद की है। अनुमान है कि इस बार भाजपा दो और कांग्रेस (Congress) एक सीट जीत सकती है।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कांग्रेस (Congress) के दोनों सांसद रिटायर हो रहे हैं। यहां चुनाव के बाद भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) को एक-एक सीट मिलने की संभावना है।
हरियाणा (Haryana) में दो सीटें खाली हो रही हैं। यहां समीकरण के मुताबिक एक सीट भाजपा (BJP) और एक सीट कांग्रेस (Congress) के पाले में जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में भाजपा (BJP) की एक सीट रिक्त हो रही है, लेकिन वहां की मौजूदा विधानसभा संख्याबल को देखते हुए यह सीट कांग्रेस (Congress) के खाते में जा सकती है।
महाराष्ट्र में शरद पवार की मुश्किलें
महाराष्ट्र (Maharashtra) में सबसे दिलचस्प समीकरण है। यहां सात सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें भाजपा (BJP) की दो, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की एक, एनसीपी (शरद पवार गुट) की दो, कांग्रेस (Congress) की एक और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) की एक सीट शामिल है। चुनाव के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा (BJP) तीन, एनसीपी (अजीत पवार गुट) एक, शिवसेना (शिंदे गुट) एक, कांग्रेस (Congress) एक और भाजपा (BJP) चाहे तो आरपीआई (RPI) को एक सीट दे सकती है। इस पूरे समीकरण में सबसे अधिक मुश्किल शरद पवार (Sharad Pawar) के गुट को देखने को मिल रही है। उनके पास अपने बल पर सीट बचाने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं, और उन्हें इंडिया गठबंधन के दलों से समर्थन की दरकार होगी, जो आसान नहीं लग रहा।
दक्षिण के राज्यों में किसकी चलेगी?
तमिलनाडु (Tamil Nadu) में द्रमुक (DMK) एक बार फिर चारों सीटों पर जीत की स्थिति में है।
तेलंगाना (Telangana) में दो सीटें खाली हो रही हैं। यहां एक सीट कांग्रेस (Congress) और एक सीट बीआरएस (BRS) को मिल सकती है।
उड़ीसा (Odisha) में भी भाजपा (BJP) को फायदा मिलने की संभावना है और वह आगे बढ़ती हुई नजर आ रही है।
इन आंकड़ों और राज्यों के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर ऐसा लग रहा है कि इस बार राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) में एनडीए (NDA) का दबदबा बढ़ सकता है। हालांकि, चुनावी राजनीति में आखिरी समय में क्या हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। क्रॉस-वोटिंग और अप्रत्याशित समर्थन कभी भी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, सत्ता पक्ष मजबूत स्थिति में दिख रहा है और विपक्ष को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
16 मार्च 2026 को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों पर चुनाव होंगे।
एनडीए (NDA) को इस चुनाव में बंपर फायदा होने का अनुमान, उसे तीन अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं।
बिहार में पांच में से चार सीटों पर जेडीयू (JDU) – भाजपा (BJP) गठबंधन को जीत की उम्मीद।
महाराष्ट्र में शरद पवार (Sharad Pawar) के गुट के लिए सीट बचाना चुनौतीपूर्ण।
तमिलनाडु में द्रमुक (DMK) का दबदबा बरकरार रहने की संभावना।








