DIG Harcharanpal Singh Bhullar: पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिसके बाद भुल्लर को अभी जेल में ही रहना होगा। इससे पहले चंडीगढ़ CBI कोर्ट भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। पूर्व DGP के बेटे और इतने बड़े पद पर तैनात भुल्लर की गिरफ्तारी ने पूरे देश को हिला दिया था।
CBI ने 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर को मोहाली स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया था। उन पर पांच लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। इसके बाद उनके घर से सात करोड़ 50 लाख रुपए, महंगी घड़ियां, शराब और गाड़ियों की चाबियां बरामद हुई थीं। यह मामला सिर्फ रिश्वत का नहीं, बल्कि आय से अधिक संपत्ति का भी है।
‘सेवा-पानी’ का मतलब रिश्वत नहीं: भुल्लर के वकील की दलील
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील एसपीएस भुल्लर ने दिलचस्प दलील पेश की। उन्होंने कहा कि CBI ने चालान में रिश्वत के तौर पर जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह “सेवा पानी” है। वकील ने तर्क दिया कि “सेवा पानी” का क्या मतलब है, इसका कुछ भी अर्थ हो सकता है। यह जरूरी नहीं कि इसका मतलब रिश्वत ही हो।
वकील ने आगे कहा कि सेक्टर-9 डी, चंडीगढ़ में बिचौलिया, शिकायतकर्ता आकाश और CBI के अधिकारी सचिन की लोकेशन आ रही है, लेकिन कोई और गवाह वहां नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि DIG भुल्लर की गिरफ्तारी के समय CBI ने पंजाब के किसी भी सीनियर अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी।
केस में टाइम, तारीख और जगह का जिक्र नहीं: वकील
भुल्लर के वकील ने कोर्ट में कहा कि CBI ने जो केस दर्ज किया है, उसमें न तो टाइम, न तारीख और न ही जगह का जिक्र किया गया है। इसके अलावा जो रिश्वत की राशि बताई गई है, उसमें भी कागजों में विरोधाभास है। पहले एक लाख रुपए और फिर चार लाख रुपए का जिक्र किया गया है।
वकील ने यह तर्क देकर कोर्ट से जमानत की अपील की, लेकिन CBI के वकील ने इन सभी दलीलों का जोरदार जवाब दिया।
CBI का पलटवार: भुल्लर के खिलाफ नॉन-बेलेबल केस
CBI के एडवोकेट नरेंद्र सिंह ने भुल्लर की तरफ से दी गई दलीलों का एक-एक करके जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व DIG भुल्लर के खिलाफ जो केस दर्ज किया गया है, वह नॉन-बेलेबल है। भुल्लर पुलिस की एक बड़ी पोस्ट पर तैनात थे और पूर्व DGP के बेटे हैं।
CBI के वकील ने कहा कि भुल्लर के वकील ने कहा कि कोई विटनेस नहीं है, तो उन्हें बता दिया जाए कि इंस्पेक्टर आरएम शर्मा और इंस्पेक्टर पवन लांबा दोनों इस केस में विटनेस हैं। पहले विटनेस पवन लांबा और दूसरे विटनेस आरएम शर्मा हैं।
मैसेज में लिखा था- ‘पूरे 8 लाख करने हैं’
CBI के वकील ने कोर्ट को बताया कि भुल्लर इतनी बड़ी पोस्ट पर बैठे थे, इसलिए पूरे सबूत पहले ही इकट्ठा करने शुरू कर दिए गए थे। सेक्टर-9 डी, चंडीगढ़ का जो जिक्र किया जा रहा है, वह केवल लोकेशन की बात है। पार्किंग में किसी का भी कोई काम हो सकता है।
CBI के वकील ने कहा कि भुल्लर द्वारा बिचौलिए को भेजे गए मैसेज से साफ पता चलता है कि रिश्वत मांगी जा रही थी। मैसेज में कहा गया था कि “जितने देता है, उतने ले लो और पूरे 8 लाख करने हैं।” यह मैसेज रिश्वत की मांग का सीधा सबूत है।
CBI के DSP के पास गिरफ्तारी की पावर
CBI के वकील ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में साफ लिखा है कि CBI के DSP के पास गिरफ्तारी की पावर है। इसमें जगह नहीं देखी जाती, खासकर जब करप्शन इतना बड़ा हो और इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी के खिलाफ हो।
उन्होंने कहा कि यह करप्शन किसी कॉन्स्टेबल के खिलाफ नहीं, बल्कि एक DIG के खिलाफ शिकायत थी। इसलिए पूरी सावधानी के साथ सबूत इकट्ठा किए गए और फिर गिरफ्तारी की गई।
भुल्लर ने काफी तेज रफ्तार पकड़ रखी थी: CBI
CBI के वकील ने कोर्ट में कहा कि भुल्लर के पिता पंजाब के DGP रह चुके हैं, इसलिए नेक्सस काफी मजबूत है। इसी के चलते पूरे सबूत इकट्ठा किए गए। इस ऑपरेशन के पूरा होने के बाद पूरा पंजाब और पूरा देश हिल गया था।
CBI के वकील ने कहा कि जितनी रफ्तार भुल्लर ने रिश्वत लेने की पकड़ रखी थी, वह काफी तेज थी। यही वजह है कि इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी की गिरफ्तारी की गई।
मोहाली ऑफिस से किया था अरेस्ट
पूर्व DIG को 16 अक्टूबर 2025 को CBI ने मोहाली स्थित कार्यालय से अरेस्ट किया था। पहले CBI ने दलाल कृष्णु शारदा को अरेस्ट किया था, उसके बाद भुल्लर को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उन पर पांच लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद उनके घर पर दबिश दी गई, जहां से सात करोड़ 50 लाख रुपए, महंगी घड़ियां, शराब और गाड़ियों की चाबियां बरामद हुई थीं। यह बरामदगी इस बात का सबूत है कि भुल्लर की आय से कहीं अधिक संपत्ति थी।
विजिलेंस भी दर्ज कर चुकी है केस
भुल्लर मामले में CBI ने उन पर करप्शन एक्ट के साथ ही आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। दूसरी तरफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है।
लेकिन अभी तक पंजाब विजिलेंस आरोपी का रिमांड नहीं ले पाई है। इस समय भुल्लर बुड़ैल जेल में बंद हैं। वहीं, उन्होंने कुछ समय पहले चंडीगढ़ अदालत में याचिका दायर की थी। साथ ही गद्दे की मांग की थी। उनका कहना था कि उनकी पीठ में दर्द हो रहा है।
अदालत ने जेल सुपरिटेंडेंट को इस संबंध में कार्रवाई के आदेश दिए थे। इससे पहले भुल्लर के बैंक खाते अटैच किए गए हैं।
पुलिस में भ्रष्टाचार पर सवाल
यह मामला पंजाब पुलिस में भ्रष्टाचार के सवाल को फिर से उठाता है। जब इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जाते हैं, तो आम आदमी का पुलिस पर से भरोसा उठने लगता है। भुल्लर का मामला यह दिखाता है कि कोई भी पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर भ्रष्टाचार है तो कानून अपना काम करता है।
CBI की यह कार्रवाई एक संदेश है कि चाहे कोई पूर्व DGP का बेटा हो या DIG के पद पर बैठा हो, अगर भ्रष्टाचार में लिप्त है तो कानून उसे नहीं छोड़ेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भुल्लर को अभी जेल में ही रहना होगा और उन्हें अपने बचाव के लिए कोर्ट में मजबूत सबूत पेश करने होंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका खारिज की
- भुल्लर के वकील ने कहा कि ‘सेवा-पानी’ शब्द का मतलब रिश्वत नहीं हो सकता
- CBI ने कहा कि भुल्लर के मैसेज में ‘पूरे 8 लाख करने हैं’ लिखा था
- भुल्लर के घर से 7.5 करोड़ रुपए, महंगी घड़ियां और शराब बरामद हुई थी
- CBI और पंजाब विजिलेंस दोनों ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है








