Chandigarh E-Bus Service: PM Modi to launch Chandigarh electric buses का इंतजार शनिवार को खत्म हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर चंडीगढ़ में 25 नई इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करेंगे। ये बसें ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत शहर को मिली हैं। इसके साथ ही चंडीगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रमुख रूट्स पर हर 10 मिनट में बस उपलब्ध हो, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
कल से शुरू होगी सेवा, पीएम करेंगे शुभारंभ
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शनिवार, 14 फरवरी से 25 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत चंडीगढ़ को प्रदान की गई हैं।
100 बसों का टारगेट, अप्रैल तक मिलेंगी 50 और
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। पहले चरण में 25 बसें शनिवार से चलनी शुरू हो जाएंगी। प्रशासन को फरवरी के अंत तक 25 और मार्च-अप्रैल के दौरान 50 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इस तरह अप्रैल तक चंडीगढ़ के पास कुल 100 ई-बसों का बेड़ा होगा, जो शहर की सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलकर रख देगा।
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जब सरकारी बस ही बने सपनों की सवारी, तो कैसे बदलेगी तस्वीर?
चंडीगढ़ जैसे शहर में जहां हर दिन हजारों लोग ऑफिस, स्कूल और कॉलेज आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, वहां बस सेवा का सुधरना सीधे आम आदमी की जिंदगी से जुड़ा है। पुरानी डीजल बसों की जगह अब एसी, प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस ई-बसें आ रही हैं। यह सिर्फ एक बदलाव नहीं, बल्कि एक संकेत है कि अब सरकारी सेवाएं भी प्राइवेट से टक्कर लेने को तैयार हैं। दिव्यांगों के लिए ऑटोमैटिक रैंप, कम ऊंचाई वाला फर्श, डिजिटल डिस्प्ले- ये सब मिलकर उस आम आदमी के सफर को आसान बनाएंगे जो रोजाना बस के सहारे अपना घर-दफ्तर का सफर तय करता है।
डीजल बसों की जगह लेंगी ई-बसें
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन ने 15 साल पुरानी 85 डीजल बसों को सड़कों से हटा दिया था। इसके बाद कुछ लंबी दूरी की बसों को सिटी रूट पर चलाकर व्यवस्था को बनाए रखा गया। अब नई ई-बसों के आने से न सिर्फ पुरानी बसों की कमी पूरी होगी, बल्कि व्यवस्था और बेहतर होगी। ये ई-बसें मुख्य रूप से शहर के लोकल रूट्स पर चलेंगी, जबकि अन्य बसों को लंबी दूरी के रूट्स पर भेजा जाएगा।
हर 10 मिनट में मिलेगी बस
चंडीगढ़ प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर के प्रमुख रूट्स पर हर 10 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध हो। फिलहाल कई रूट्स पर बसों के बीच 5 से 30 मिनट का अंतर है। नई बसों के आने से यह अंतर कम होगा और यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन नए रूट शुरू करने और बंद पड़े रूट्स को दोबारा चालू करने की तैयारी में है।
प्रशासक कटारिया बोले- मेट्रो तक बस ही समाधान
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले ही कह चुके हैं कि मेट्रो परियोजना पर अंतिम फैसला होने तक मजबूत बस सेवा ही ट्रैफिक जाम का व्यावहारिक समाधान है। उन्होंने साफ किया है कि जब तक मेट्रो नहीं आ जाती, तब तक बस सेवा को ही सबसे कारगर विकल्प के रूप में विकसित किया जाएगा। फिलहाल ट्राई-सिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) में करीब 80 ई-बसें पहले से चल रही हैं।
हाईटेक और दिव्यांग-अनुकूल बसों की खूबियां
ये नई इलेक्ट्रिक बसें कई आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं:
15 मीटर लंबी एसी बसें: गर्मी और सर्दी में आरामदायक सफर।
रेंज: एक बार फुल चार्ज होने पर 224 किलोमीटर तक चलेंगी।
क्षमता: 36 सीटें और 20 यात्रियों के खड़े होने की सुविधा।
स्टॉप के लिए पुश बटन सिस्टम: यात्री अपनी मनचाही जगह उतरने के लिए बटन दबा सकेंगे।
डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड: आगे, पीछे और साइड में डिजिटल डिस्प्ले से रूट की जानकारी।
दिव्यांगों के लिए खास सुविधा: व्हीलचेयर के लिए ऑटोमैटिक रैंप।
लो-फ्लोर डिजाइन: फर्श की ऊंचाई सिर्फ 400 मिमी, जिससे चढ़ना-उतरना आसान।
‘जानें पूरा मामला’
दरअसल, केंद्र सरकार ने देश भर के शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ शुरू की है। इसके तहत चंडीगढ़ को 100 इलेक्ट्रिक बसें मंजूर हुई हैं। पिछले साल नवंबर में 85 पुरानी डीजल बसों को हटाए जाने के बाद शहर में बसों की कमी हो गई थी। नई बसें आने से इस कमी को पूरा किया जा सकेगा। चंडीगढ़ प्रशासन लंबे समय से शहर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने की कोशिश कर रहा है और ई-बसों का यह बेड़ा उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चंडीगढ़ की 25 नई इलेक्ट्रिक बसों को वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे।
ये बसें ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत मिली हैं, फरवरी अंत तक 25 और अप्रैल तक 50 अतिरिक्त बसें मिलेंगी।
15 मीटर लंबी एसी बसें, एक बार चार्ज में 224 किमी की रेंज, 36 सीटें और 20 खड़े यात्रियों की क्षमता।
दिव्यांग यात्रियों के लिए ऑटोमैटिक रैंप और लो-फ्लोर डिजाइन की खास सुविधा।
प्रशासन का लक्ष्य प्रमुख रूट्स पर हर 10 मिनट में बस उपलब्ध कराना।








