UP Budget 2026 में Yogi Adityanath सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी और कुल मिलाकर 10वां बजट पेश किया। विधानसभा में सुबह 11 बजे वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने बजट रखा। सरकार ने दावा किया कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर-1 है, प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है और महिला गन्ना किसानों को पर्ची में लाभ मिलेगा। साथ ही 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू से 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई।
चुनाव से पहले आए इस बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योग—सभी वर्गों को संदेश देने की कोशिश साफ दिखी।
कृषि पर जोर, महिला गन्ना किसानों को पर्ची लाभ
वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी कृषि उत्पादन में देश में अग्रणी है और सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने पर है। महिला गन्ना किसानों को पर्ची में लाभ मिलने की बात दोहराई गई और आगे भी इस व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया गया।
सरकार का कहना है कि किसान हित सर्वोपरि हैं और योजनाओं का लाभ सीधे खेत तक पहुंचाया जाएगा।
PM Kisan पर ऐलान नहीं
जिस घोषणा का इंतजार कई किसान कर रहे थे, वह इस बजट में नहीं आई। पीएम किसान योजना से जुड़ा कोई नया ऐलान नहीं हुआ।
माना जा रहा था कि बिहार की तर्ज पर अतिरिक्त राशि देने का प्रस्ताव आ सकता है। केंद्र सरकार जहां 6,000 रुपये देती है, वहीं बिहार ने अपनी ओर से 3,000 रुपये अतिरिक्त देने का प्रस्ताव रखा है। यूपी में ऐसी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में इस पर चुप्पी रही।
रोजगार और निवेश: 50 लाख करोड़ के एमओयू
सरकार ने चौथे ग्लोबल समिट के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं। इससे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है।
सरकार का दावा है कि निवेश और औद्योगिक विस्तार से युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार दोनों मिलेंगे।
दवाओं के दाम कम करने का संकेत
बजट में दवाओं के दाम कम करने की बात कही गई। सरकार ने संकेत दिया कि गरीब और बुजुर्गों को राहत देने के लिए दवाएं सस्ती होंगी।
यह कदम स्वास्थ्य खर्च कम करने और आम लोगों को सीधी राहत देने के रूप में देखा जा रहा है।
महिलाओं और उद्योग पर फोकस
सरकार ने कहा कि जो महिलाएं रोजगार करना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा।
साथ ही यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के 65% मोबाइल फोन का उत्पादन प्रदेश में होता है। 55% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट इकाइयां यहीं स्थापित हैं और इलेक्ट्रॉनिक निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
आम किसान और युवा पर असर
किसानों के लिए सीधी नकद बढ़ोतरी का ऐलान न होने के बावजूद गन्ना पर्ची और कृषि उत्पादन के दावों के जरिए संदेश देने की कोशिश की गई है।
युवाओं के लिए निवेश आधारित रोजगार का वादा बड़ा है, लेकिन इसका असर जमीन पर क्रियान्वयन से तय होगा।
विश्लेषण: संतुलित लेकिन संकेतात्मक बजट
यह बजट हर वर्ग को साधने की कोशिश करता दिखता है—किसान, युवा, महिला, उद्योग और स्वास्थ्य। हालांकि पीएम किसान पर अतिरिक्त सहायता न होना किसानों की अपेक्षाओं से कम माना जा सकता है।
ग्लोबल समिट के एमओयू और रोजगार सृजन के दावे बड़े हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि अगले एक साल में इन योजनाओं का असर कितनी तेजी से दिखता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- यूपी सरकार का 10वां बजट पेश; कृषि में नंबर-1 होने का दावा।
- महिला गन्ना किसानों को पर्ची में लाभ का ऐलान।
- पीएम किसान योजना पर कोई अतिरिक्त घोषणा नहीं।
- 50 लाख करोड़ के एमओयू; 10 लाख रोजगार की संभावना।
- दवाएं सस्ती करने और उद्योग विस्तार पर जोर।








