बुधवार, 4 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

ओम बिरला पर Impeachment का खतरा, क्या गिरेगा Speaker का विकेट?

धनखड़ के बाद अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर महाभियोग की तैयारी, विपक्ष ने उठाया संसदीय लोकतंत्र पर सवाल

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 9 फ़रवरी 2026
A A
0
om-birla-impeachment-lok-sabha-speaker
105
SHARES
703
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Lok Sabha Speaker Impeachment: भारतीय संसद के इतिहास में एक बार फिर ऐसा मोड़ आ गया है जहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने महाभियोग (Impeachment) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मानसून सत्र 2025 के दौरान संसद के भीतर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने तक नहीं दिया गया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने स्पीकर की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ भी विपक्ष ने महाभियोग की कार्रवाई शुरू की थी और अब यही रास्ता लोकसभा स्पीकर के लिए भी अपनाया जा रहा है।


संसद में राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया

बात तब और गंभीर हो गई जब लोकसभा के भीतर राहुल गांधी ने खड़े होकर कहा कि स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से वादा किया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें कुछ मुद्दे उठाने का मौका दिया जाएगा। राहुल गांधी ने सदन में साफ शब्दों में कहा कि एक घंटा पहले वे स्पीकर साहब के पास गए थे और स्पीकर ने “personally committed” किया था कि उन्हें बोलने दिया जाएगा।

लेकिन जब राहुल गांधी सदन में खड़े हुए तो स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी पर कोई और बैठा था और संसदीय कार्य मंत्री ने तुरंत खड़े होकर कहा कि स्पीकर ने ऐसी कोई कमिटमेंट नहीं की है। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने सिर्फ इतना कहा था कि “अगर बातचीत बनती है तो बोलने का मौका मिलेगा।” यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रतीक बन गया कि संसद के भीतर विपक्ष की आवाज को किस हद तक दबाया जा रहा है।


प्रधानमंत्री के बयान ने बढ़ाई तल्खी

इसी संसद सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जो बयान दिए, उन्होंने संसदीय माहौल को और गरमा दिया। प्रधानमंत्री ने खुले तौर पर कहा कि “चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है, जिन्होंने एक गुजराती की सरनेम भी चुरा ली, महात्मा गांधी की सरनेम चुरा ली।”

यह बयान सीधे तौर पर गांधी परिवार पर निशाना था। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि इससे पहले के किसी भी प्रधानमंत्री के पास इस देश को बनाने और गढ़ने का कोई विजन नहीं था। इस एक वाक्य ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह तक सबको एक तरह से नकार दिया।


महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखा कड़ा पत्र

संसद के भीतर तनाव इस कदर बढ़ गया कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखा। इस पत्र में महिला सांसदों ने स्पीकर पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि स्पीकर प्रधानमंत्री मोदी की लोकसभा से अनुपस्थिति का बचाव कर रहे हैं और यह कह रहे हैं कि महिला सांसदों से प्रधानमंत्री की जान को खतरा है।

महिला सांसदों ने अपने पत्र में साफ लिखा कि “लोकसभा से प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति हमारे किसी खतरे के कारण नहीं थी, बल्कि यह उनके डर का परिणाम था।” पत्र में आगे लिखा गया कि “हम आपके पद और आपके व्यक्तित्व का पूरा सम्मान करते हैं, किंतु यह स्पष्ट है कि आप सत्तारूढ़ दल के निरंतर दबाव में हैं।”

सबसे मार्मिक हिस्सा पत्र का वह था जहां महिला सांसदों ने स्पीकर को चेतावनी देते हुए लिखा कि “इतिहास आपको उस व्यक्ति के रूप में याद रखे जो कठिन परिस्थितियों में सही के साथ खड़ा था, न कि उस व्यक्ति के रूप में जिसने दबाव के आगे झुककर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया।”


महाभियोग की प्रक्रिया क्या है?

भारतीय संसदीय व्यवस्था में स्पीकर के खिलाफ महाभियोग लाने की प्रक्रिया बेहद स्पष्ट है। इसके लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन चाहिए। जब यह अर्जी दाखिल हो जाती है तो उसके 14 दिन बाद सदन में इस पर चर्चा होती है। चर्चा के दौरान स्पीकर उस कुर्सी पर नहीं बैठते, बल्कि पैनल में शामिल कोई अन्य सदस्य सदन की कार्यवाही संचालित करता है। चर्चा के बाद वोटिंग होती है और यदि बहुमत स्पीकर के खिलाफ न हो तो प्रस्ताव खारिज हो जाता है।

भारत के संसदीय इतिहास में 1954, 1966 और 1985 में तीन बार स्पीकर के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया और तीनों बार यह खारिज हो गया। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक चौथी तारीख होगी जो इतिहास में दर्ज होकर रह जाएगी, या फिर इस बार कुछ अलग होगा।


सत्ता का रुख और विपक्ष की बेबसी

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सत्तापक्ष पूरी तरह बेखौफ नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मुस्कुराते हुए कह रहे हैं कि “कुछ भी कर लीजिए, कुछ नहीं होगा।” उनका तर्क सीधा है — बहुमत हमारे पास है, महाभियोग लाना है तो ले आइए, खारिज हो जाएगा।

दूसरी तरफ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी ने स्वीकार किया कि “कुछ तो करना होगा।” लेकिन सवाल यह है कि जब विपक्ष को पता है कि संख्या बल उनके पास नहीं है, तो महाभियोग लाने का मकसद क्या है? विश्लेषकों का मानना है कि यह एक प्रतीकात्मक कदम है जिसके जरिए विपक्ष देश और दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि भारतीय संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा जा रहा है।


अमेरिकी दबाव और लोकतांत्रिक छवि का सवाल

इसी दौर में भारत पर अमेरिकी दबाव का मुद्दा भी सामने आया। अमेरिका ने निर्देश दिया कि भारत को अब तेल रूस से नहीं बल्कि अमेरिका से खरीदना होगा। जब इस बारे में कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “मुझे नहीं मालूम, विदेश मंत्री से पूछिए।” और जब विदेश मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “मैं इस डील में हूं ही नहीं, कॉमर्स मिनिस्टर से पूछिए।”

यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि भारत की लोकतांत्रिक छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसी बन रही है। जब देश के भीतर संसद में ही विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा, प्रधानमंत्री खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते, और विदेशी ताकतें सीधे निर्देश दे रही हैं, तो सवाल उठता है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की असली हालत क्या है।

यह भी पढे़ं 👇

Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026
Bihar Board 12th Result 2026

Bihar Board 12th Result 2026: मार्च के अंत तक आ सकता है रिजल्ट!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Trump

US Iran War: ईरान के बाद Trump का Ecuador में नया ऑपरेशन शुरू!

बुधवार, 4 मार्च 2026

PM CARES फंड पर भी सवाल उठाने से रोका गया

संसद में विपक्ष को एक और मोर्चे पर चुप कराने की कोशिश की गई। PM CARES Fund पर कोई सवाल नहीं पूछा जा सकता — यह स्थिति भी इसी सत्र में सामने आई। वो पैसा कहां गया, किस रूप में आया, क्या उपयोग किया गया — ये सारे सवाल अनुत्तरित हैं और सरकार ने हर जगह ऐसे बैरिकेड लगा दिए हैं जहां सत्ता में बने रहने की ताकत तो संविधान से मिलती है, लेकिन विपक्ष और जनता को मिलने वाले संवैधानिक अधिकार गायब हो रहे हैं।


सामाजिक ताना-बाना भी दरक रहा है

यह सिर्फ संसदीय संकट नहीं है। देश के भीतर सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियां भी बिगड़ रही हैं। नफरत और टकराव का भाव, धर्म और जाति के नाम पर समाज के भीतर खाइयां गहरी हो रही हैं। चाहे शंकराचार्य वाला विवाद हो या मोहम्मद दीपक का मामला — जब अपने ही अपनों से टकराने लगें और इसके बावजूद सत्ता यह मैसेज देने में कामयाब रहे कि “हम सही हैं”, तो लोकतंत्र के संवैधानिक हथियार कुंद पड़ गए हैं, यह कहना गलत नहीं होगा।


ईडी, CBI और मीडिया — सत्ता के हथियार

सत्ता ने अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए हर स्तर पर इंतजाम कर रखे हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए हो रहा है। देश का चौथा स्तंभ यानी मीडिया भी सवाल पूछने की स्थिति में नहीं है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। नौकरशाही, संपादकों की कतार, संवैधानिक संस्थाएं — सब एक ही दिशा में चल रहे हैं।


क्या यह महाभियोग सिर्फ प्रतीक है?

यह स्थिति भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। महाभियोग का प्रस्ताव लाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन जब सत्ता के पास बहुमत हो, जब संसदीय कार्यवाही पूरी तरह सरकार के अनुकूल चलाई जा रही हो, और जब विपक्ष के नेता को एक शब्द भी बोलने नहीं दिया जा रहा हो, तो महाभियोग एक प्रतीकात्मक हथियार भर बनकर रह जाता है।

असली सवाल यह है कि क्या इस देश में कोई ऐसा शख्स बचा है जो खड़ा होकर बताए कि आजादी का मतलब क्या है, संसद के होने का मतलब क्या है, और नेहरू से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री तक भारत की दुनिया में मौजूदगी कैसे चलती रही? आज का संदेश न उम्मीद जगा पा रहा है और न सपने दिखा पा रहा है। संसदीय अधिकार पहली बार इतने कुंद पड़े हैं और संवैधानिक परिभाषाएं इतनी मंद हो गई हैं कि इनके भीतर से क्या निकलेगा, यह कहना मुश्किल है।


जानें पूरा मामला

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर महाभियोग की चर्चा इसलिए शुरू हुई क्योंकि विपक्ष का मानना है कि स्पीकर सत्तापक्ष के दबाव में काम कर रहे हैं। इससे पहले राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ भी विपक्ष ने महाभियोग प्रस्ताव लाया था। उस समय भी आरोप यही था कि सभापति विपक्ष को बोलने नहीं देते। अब लोकसभा में भी यही स्थिति बन गई है जहां विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बजट चर्चा से पहले बोलने का मौका नहीं दिया गया। भारतीय संसदीय इतिहास में 1954, 1966 और 1985 में तीन बार स्पीकर के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया, लेकिन तीनों बार यह खारिज हो गया। अब अगर विपक्ष चौथी बार यह कदम उठाता है तो 50 सांसदों के समर्थन से अर्जी दाखिल होगी, 14 दिन बाद चर्चा होगी और फिर वोटिंग होगी। लेकिन बहुमत सत्तापक्ष के पास होने के कारण प्रस्ताव खारिज होने की संभावना अधिक है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू की है, जिसके लिए 50 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
  • राहुल गांधी ने सदन में आरोप लगाया कि स्पीकर ने बोलने का वादा किया था, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री ने इसे खारिज कर दिया।
  • कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर निष्पक्षता की मांग की और चेताया कि इतिहास उन्हें कैसे याद रखेगा।
  • भारतीय संसदीय इतिहास में 1954, 1966 और 1985 में तीन बार स्पीकर के खिलाफ महाभियोग लाया गया, तीनों बार खारिज हुआ।
  • सत्तापक्ष बेखौफ है और कह रहा है कि बहुमत उनके पास है, जो चाहो कर लो।
Previous Post

India US Trade Deal: क्या Russia oil छोड़ना पड़ेगा भारत को?

Next Post

Punjab Cricket League Launch: नशे के खिलाफ मैदान में उतरेगी मान सरकार

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026
Bihar Board 12th Result 2026

Bihar Board 12th Result 2026: मार्च के अंत तक आ सकता है रिजल्ट!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Trump

US Iran War: ईरान के बाद Trump का Ecuador में नया ऑपरेशन शुरू!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Petrol Diesel Price

Petrol Diesel Price: Iran Israel War के बीच केंद्र सरकार ने दिया बड़ा जवाब!

बुधवार, 4 मार्च 2026
PM Kisan

PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment: 13 मार्च को आ सकती है 22वीं किस्त!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Next Post
CM Bhagwant Singh Mann

Punjab Cricket League Launch: नशे के खिलाफ मैदान में उतरेगी मान सरकार

Trump Phone

Trump Phone की असली तस्वीरें आईं सामने, Specs में बड़ा बदलाव हुआ!

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।