Punjab Vigilance Bureau Action के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एक और बड़ी सफलता सामने आई है। चंडीगढ़ में 9 फरवरी 2026 को विजिलेंस ब्यूरो पंजाब ने जिला मोहाली के थाना सदर, खरड़ में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब आरोपी एएसआई शिकायतकर्ता से अदालत में चालान पेश करने के बदले रिश्वत ले रहा था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस ब्यूरो ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
शिकायत से शुरू हुआ मामला
विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई सेक्टर 127, मोहाली निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने थाना खरड़ में सुमन लता के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवाया था। इस केस की जांच की जिम्मेदारी एएसआई जसवीर सिंह के पास थी।
जब शिकायतकर्ता अदालत में चालान पेश करवाने के लिए आरोपी एएसआई के पास पहुंचा, तो एएसआई ने इस काम के बदले 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। यह मांग सीधे तौर पर कानून और सेवा नियमों के खिलाफ थी।
रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग बनी सबूत
शिकायतकर्ता ने आरोपी की मंशा को भांपते हुए रिश्वत मांगने से जुड़ी बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस ब्यूरो पंजाब में दर्ज करवाई। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए।
जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पूरी योजना के तहत सरकारी गवाहों को साथ रखा गया ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी हो।
15 हजार लेते ही दबोचा गया ASI
जाल बिछाने के बाद जैसे ही आरोपी एएसआई जसवीर सिंह ने शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की गई।
रिश्वत की रकम मौके से बरामद कर ली गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। इस गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया कि आरोपी अपने पद का दुरुपयोग कर रहा था।
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो, मोहाली में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ब्यूरो ने बताया कि केस की आगे की जांच जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की अवैध वसूली की थी या नहीं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह मामला अकेले एएसआई तक सीमित तो नहीं है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।
सरकार की सख्त चेतावनी
विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई को राज्य सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से आम लोगों में यह संदेश गया है कि अगर वे किसी भी अधिकारी की रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो सरकार और जांच एजेंसियां उनके साथ खड़ी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- थाना सदर खरड़ में तैनात ASI जसवीर सिंह गिरफ्तार
- अदालत में चालान पेश करने के बदले मांगी थी रिश्वत
- 15,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया
- भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज








