Delhi Parliament Bomb Threat ने देश की राजधानी में हड़कंप मचा दिया है। दिल्ली के 9 नामी स्कूलों और संसद को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। यह धमकी 13 फरवरी को धमाके की बात कहते हुए ईमेल के जरिए दी गई, जिसके बाद स्कूल प्रशासन, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच यह धमकी भरे ईमेल मिले। ईमेल मिलते ही स्कूलों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और कई स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई। वहीं संसद की सुरक्षा भी तत्काल बढ़ा दी गई।
ईमेल में संसद को उड़ाने की खुली धमकी
धमकी भरे ईमेल में साफ लिखा गया था कि 13 फरवरी को संसद में 1:11 बजे धमाका किया जाएगा। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” बताया और लिखा कि दिल्ली को “खालिस्तान” बनाया जाएगा। इसी ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर का नाम लेते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
ईमेल में अफजल गुरु का जिक्र करते हुए उसे शहीद बताया गया और स्कूलों में भी धमाके की बात लिखी गई। इस धमकी के सामने आते ही मामले की गंभीरता और बढ़ गई, क्योंकि इसमें संसद के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था।
किन-किन स्कूलों को मिली धमकी
धमकी जिन 9 स्कूलों को मिली, उनमें दिल्ली कैंट स्थित लॉरेंट कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का कैम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर स्कूल, एनएफसी क्षेत्र का कैम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का द इंडियन स्कूल, रोहिणी का सीएम श्री स्कूल, आईए स्थित डीटीए स्कूल और रोहिणी का बाल भारती स्कूल शामिल हैं।
इन सभी स्कूलों में ईमेल मिलते ही बम निरोधक दस्ता और दिल्ली पुलिस की टीमें पहुंच गईं। पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई।
तलाशी में नहीं मिला कोई विस्फोटक
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूल परिसरों की बारीकी से जांच की, लेकिन अब तक कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसके बावजूद पुलिस ने किसी भी तरह की ढील न बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पिछले साल भी इसी तरह के कई धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो जांच में फर्जी निकले थे। हालांकि, इस बार मामला संसद से जुड़ा होने के कारण इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
साइबर यूनिट और टेक्निकल टीम जांच में जुटी
दिल्ली पुलिस ने धमकी भरे ईमेल के सोर्स और भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर यूनिट और टेक्निकल टीम को जांच में शामिल कर लिया है। ईमेल की आईपी लोकेशन, सर्वर और अन्य डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अफवाह फैलाने की कोशिश भी हो सकती है, लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, हर पहलू से मामले की पड़ताल की जाएगी।
संसद और दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
संसद को लेकर धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और बढ़ा दी है। संसद परिसर और आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी गई है। दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आम लोगों से पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रभावित स्कूलों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दिल्ली के 9 स्कूलों और संसद को बम से उड़ाने की धमकी
- ईमेल में 13 फरवरी को 1:11 बजे धमाके की बात
- स्कूलों में तलाशी, छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- साइबर यूनिट धमकी भेजने वाले की जांच में जुटी








