8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खबर थोड़ी खट्टी और थोड़ी मीठी है। मोदी सरकार ने वेतन आयोग के कामकाज को शुरू करने के लिए दिल्ली के जनपथ स्थित ‘चंद्रलोक बिल्डिंग’ में ऑफिस तो आवंटित कर दिया है, लेकिन सैलरी बढ़ने का सपना अभी दूर की कौड़ी नजर आ रहा है। बजट 2026 में कोई ठोस ऐलान न होने से नाराज कर्मचारी संगठनों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल (Nationwide Strike) का ऐलान कर दिया है।
सरकार की तैयारी: ऑफिस मिला, भर्ती शुरू
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की थी। ताजा अपडेट के मुताबिक, आयोग के कामकाज के लिए दिल्ली में ऑफिस अलॉट हो गया है और प्रतिनियुक्ति (Deputation) के जरिए स्टाफ की भर्ती भी शुरू हो चुकी है।
हालांकि, नियमों के मुताबिक आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन के बाद 18 महीने का समय मिलता है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग अपनी रिपोर्ट साल 2027 की शुरुआत या मध्य तक ही सरकार को सौंप पाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों की जेब में बढ़ा हुआ पैसा आने में अभी लंबा वक्त लगेगा।
बजट 2026 से मिली मायूसी, फूटा गुस्सा
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री बजट 2026 में 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई बड़ी घोषणा करेंगी या अंतरिम राहत (Interim Relief) देंगी। लेकिन बजट में इस पर चुप्पी ने आग में घी का काम किया है।
CCGEW (Confederation of Central Government Employees & Workers) ने इसे कर्मचारियों के साथ धोखा बताया है। संगठन का कहना है कि महंगाई आसमान छू रही है, लेकिन सरकार वेतन आयोग के नाम पर सिर्फ तारीख पे तारीख दे रही है।
12 फरवरी को ‘भारत बंद’ जैसी हड़ताल!
सरकार की सुस्त रफ्तार और बजट में अनदेखी के खिलाफ CCGEW ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा कर दी है। कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें हैं:
अंतरिम राहत: वेतन आयोग की रिपोर्ट आने तक तुरंत अंतरिम राहत दी जाए।
DA मर्जर: 50% महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए।
Terms of Reference: वेतन आयोग की शर्तों में बदलाव किया जाए।
पेंशन: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर स्थिति साफ हो।
कब तक बढ़ेगी सैलरी? (Timeline)
अगर हम टाइमलाइन की बात करें, तो आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उसे कैबिनेट की मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया में करीब 6 महीने और लग सकते हैं।
लागू होने की तारीख: परंपरा के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
एरियर: बढ़ा हुआ पैसा और एरियर (Arrears) मिलने की संभावना जुलाई 2027 या 2028 तक ही है।
नुकसान: देरी होने पर कर्मचारियों को HRA (House Rent Allowance) और TA जैसे भत्तों में तत्कालिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
25 फरवरी को होगी अहम बैठक
हड़ताल के बाद, 25 फरवरी 2026 को JCM (Joint Consultative Machinery) की एक अहम बैठक होनी है। इस बैठक में 8वें वेतन आयोग के लिए ‘मांग पत्र’ (Charter of Demands) पर चर्चा होगी। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच यह बैठक काफी निर्णायक साबित हो सकती है।
‘जानें पूरा मामला’
भारत में हर 10 साल बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन रिवाइज करने के लिए वेतन आयोग का गठन होता है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। अब 10 साल पूरे होने पर 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होना चाहिए था। सरकार ने प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन रिपोर्ट आने और लागू होने में हो रही देरी ने कर्मचारियों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
ऑफिस: 8वें वेतन आयोग का दफ्तर दिल्ली की चंद्रलोक बिल्डिंग में खुलेगा।
हड़ताल: 12 फरवरी 2026 को केंद्रीय कर्मचारी काम बंद रखेंगे।
बैठक: 25 फरवरी को JCM की महत्वपूर्ण बैठक होगी।
देरी: बढ़ी हुई सैलरी हाथ में आने के लिए 2027-28 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
मांग: तुरंत अंतरिम राहत और DA को बेसिक पे में जोड़ने की मांग।








