Sonam Wangchuk Foreign Funding : लद्दाख (Ladakh) के प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) इन दिनों विवादों में हैं। उन पर हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है और उनके एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। साथ ही खबर है कि सीबीआई (CBI) ने भी उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
सरकार ने मुझ पर ही डाला पूरा दोष – वांगचुक
सोनम वांगचुक का कहना है कि सरकार उन्हें टारगेट कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा की घटना के अगले ही दिन गृह मंत्रालय की प्रेस रिलीज में उनका नाम बार-बार लिया गया और हर आरोप उन्हीं पर मढ़ दिया गया। वांगचुक ने कहा, “लद्दाख के लोग अपने चुनावी वादों के पूरे न होने पर विरोध कर रहे हैं। सरकार ने छठी अनुसूची में शामिल करने का वादा किया था, अब लोग उसी मांग को दोहरा रहे हैं। लेकिन इसका दोष मुझे दिया जा रहा है।”
डेढ़ महीने से मिल रहे नोटिस
वांगचुक ने यह भी बताया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं है। पिछले डेढ़ महीने से उन्हें लगातार नोटिस मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे चेतावनी दी गई थी कि राजद्रोह का केस दर्ज किया जाएगा। मेरे स्कूल की जमीन वापस लेने की बात कही गई। सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग की जांच टीमें मेरे पास आईं। हाल ही में मुझे एक नोटिस मिला जिसमें पूछा गया कि आपके संस्थान को 2022 से 2024 तक विदेशी फंडिंग कैसे मिली, जबकि आपके पास FCRA लाइसेंस नहीं है।”
विदेशी फंडिंग नहीं, नॉलेज फीस – वांगचुक
सोनम वांगचुक ने विदेशी फंडिंग लेने के आरोप से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका संगठन विदेश से पैसे लेने की मंशा रखता ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने उनसे सोलर तकनीक की जानकारी मांगी थी ताकि इसे अफगानिस्तान में लागू किया जा सके। इसके लिए फीस दी गई, जिसे विदेशी फंडिंग कहना गलत है। इसी तरह इटली और स्विट्जरलैंड से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जानकारी देने के बदले उन्हें नॉलेज फीस मिली।
सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक माने जाते हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ जीवनशैली और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। हाल ही में वे लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर मुखर रहे। उनके आंदोलन को स्थानीय जनता का समर्थन भी मिला, लेकिन अब उन पर हिंसा भड़काने और फंडिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगने से विवाद गहराता जा रहा है।
मुख्य बातें
- सोनम वांगचुक के NGO SECMOL का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
- CBI ने उनके खिलाफ जांच शुरू की है और पिछले डेढ़ महीने से उन्हें नोटिस मिल रहे हैं।
- वांगचुक ने विदेशी फंडिंग लेने के आरोप से इनकार करते हुए इसे “नॉलेज फीस” बताया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग सबसे जोर से उठाई।








