रविवार, 22 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - NEWS-TICKER - तैरते शहर : चेन्नई, वडोदरा, अगरतला, दावणगेरे…इन 4 सिटी ने दिखाया शहरी बाढ़ से कैसे निपटें

तैरते शहर : चेन्नई, वडोदरा, अगरतला, दावणगेरे…इन 4 सिटी ने दिखाया शहरी बाढ़ से कैसे निपटें

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 2 अगस्त 2024
A A
0
news
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

नई दिल्ली : देशभर के शहरों में बाढ़ जैसे हालात अब आम हो चले हैं। दिल्ली और मुंबई में भारी जलभराव ने शहरी बाढ़ के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। हालांकि, चेन्नई, दावणगेरे, वडोदरा और अगरतला सहित कई शहर ऐसे हैं जिन्होंने दिखाया है कि इस समस्या से निदान संभव है।

इन शहरों ने तकनीक की मदद और उचित प्लानिंग के जरिये शहरी बाढ़ को रोकने में सफलता पाई है। कई शहरों ने स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत कई परियोजनाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से इस समस्या को हल किया है।स्मार्ट सिटी मिशन एनडीए सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य 100 स्मार्ट शहर विकसित करना है। हमारे सहयोगी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स ने इस मुद्दे को जाना कि इन चार शहरों ने कैसे बाढ़ जैसी स्थिति पर काबू पाया।

चेन्नई : हाईटेक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

चेन्नई को भी दिल्ली जैसी ही समस्या का सामना करना पड़ रहा था। यहां भी बारिश के कारण जलभराव हो जाता है। खास तौर पर अंडरपास वाले इलाकों में यह आम है। इसके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या हो जाती है। अगर चेन्नई में कोई एक अंडरपास बंद हो जाता है, तो पूरे शहर में ट्रैफिक जाम फैल जाता है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत, चेन्नई ने एक हाई-टेक कमांड और कंट्रोल सेंटर (CCC) में निवेश किया। सभी 100 स्मार्ट शहर इस सेट-अप के जरिए अपनी नगरपालिका सेवाओं का मैनेजमेंट करते हैं। यह वास्तव में शहर के नर्व सेंटर की तरह है। चेन्नई ने सबसे पहले अपने 50 अंडरपास का नक्शा बनाया। फिर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए उनकी निगरानी शुरू की। इससे शहर को पानी के जमाव को रोकने के लिए सही जगहों पर समय पर सक्शन पंप लगाने में मदद मिली।

वडोदरा : सीसीटीवी से निगरानी

वडोदरा के निचले इलाकों में 30 से अधिक ऐसे स्थान हैं जहां जलभराव की समस्या है। शहर में शहरी बाढ़ भी देखी गई है। अब तक, इन 30 स्थानों पर 1-2 अधिकारी तैनात किए जाते थे जो वहां मौजूद रह कर उनकी निगरानी करते थे। वे जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करते थे, जो स्थानीय अग्निशमन कार्यालय से बाढ़ की स्थिति की निगरानी करते थे। कभी-कभी जमीनी स्थिति की वास्तविक समय की रिपोर्टिंग में अंतराल होता था। ये अंतराल बाढ़ का कारण बनते थे। एक प्रवक्ता ने हमारे सहयोगी अखबार ईटी को बताया कि वडोदरा ने अब सीसीसी के माध्यम से निगरानी को सुव्यवस्थित किया है। इसने इन 30 स्थानों पर क्लोज सर्किट कैमरे (सीसीटीवी) लगाए हैं। अब, अधिकारियों की तैनाती की कोई जरूरत नहीं है और जमीनी जानकारी सटीक है।

यह भी पढे़ं 👇

Iran Oil Sanctions

Iran Oil Sanctions हटे: भारत को हजारों करोड़ की बड़ी राहत

रविवार, 22 मार्च 2026
Diego Garcia

Iran ने Diego Garcia पर दागी Missile: हिंद महासागर तक फैला युद्ध का दायरा

रविवार, 22 मार्च 2026
Six Day War 1967

Six Day War 1967: इजराइल ने सिर्फ 6 दिन में तीन देशों को कैसे हराया

रविवार, 22 मार्च 2026
Trump NATO Iran War

Trump ने NATO Allies को बताया ‘कायर’: Strait of Hormuz पर बड़ा तनाव

रविवार, 22 मार्च 2026
दावणगेरे : चार साल से कोई जलभराव नहीं

दावणगेरे कर्नाटक का सातवां सबसे बड़ा शहर है। इसे राज्य का मैनचेस्टर कहा जाता है। सबसे पहले, शहर के मौजूदा जल निकासी नेटवर्क का सर्वेक्षण किया गया। एक वो काम जिसमें छह महीने लगे। सर्वेक्षण के बाद, शहर ने अनुमान लगाया कि कहां वर्षा जल निकासी की आवश्यकता है। परियोजनाओं को पहले दावणगेरे स्मार्ट सिटी के तहत क्षेत्र में और फिर बाहर भी शुरू किया गया। कुल मिलाकर, जलभराव को रोकने के लिए 69 किलोमीटर का वर्षा जल निकासी नेटवर्क बनाया गया था। इससे पहले, स्कूल और कॉलेज कई दिनों तक बंद रहते थे। बस टर्मिनल महीनों तक जलमग्न रहते थे। लेकिन स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के साथ, अब चार साल से कोई जलभराव नहीं हुआ है।

अगरतला : कलर बैंड के अनुसार SoP

शहर में साल के छह महीने भारी बारिश होती है। यहां नियमित रूप से एक दिन में 200 मिमी बारिश होती है। जल निकासी व्यवस्था का नक्शा बनाने के लिए पहला कदम 2018 में उठाया गया था। शहर में 340 किलोमीटर लंबे नाले हैं। शहर ने 50 किलोमीटर के नालों से अतिक्रमण हटा दिया। स्मार्ट सिटी फंड का इस्तेमाल 25 किलोमीटर लंबे कंक्रीट स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने में किया गया। चूंकि शहर में बाढ़ का खतरा बना रहता है, इसलिए बाढ़ सेंसर लगाने का कोई मतलब नहीं था। एक अधिकारी ने ET को बताया कि सेंसर हर समय बजते रहते।

कलर बैंड सिस्टम का पालन

इसके बजाय शहर ने CCC में निवेश किया और फिर एक बैंड सिस्टम का पालन किया। इसने शहरी बाढ़ की आशंका वाले स्थानों की पहचान की और बिजली के खंभे पर अलग-अलग रंग की पट्टियां पेंट कीं। इसके बाद इसने प्रत्येक रंग के लिए मानक संचालन प्रक्रियाए (SoP) तैयार कीं। इन रंग बैंड पर ध्यान केंद्रित करते हुए CCTV लगाए गए। जब पानी जमा होना शुरू हुआ, तो बैंड के स्तर के अनुसार इसकी निगरानी की गई। इसने अधिकारियों को पानी के सक्शन पंप लगाने में मार्गदर्शन किया। अधिकारी ने कहा कि उदाहरण के लिए, यदि पानी हरे बैंड को पार कर लाल बैंड तक पहुंच जाता है, तो पानी के पंपों को तैनात किया जाएगा। इस तरह हर बैंड के लिए एक एसओपी था।

Previous Post

रिकार्ड प्लांट लोड फैक्टर पर चल रहा है गुरू अमरदास थर्मल प्लांट: हरभजन सिंह ई. टी. ओ.

Next Post

UP में अपराधियों के लिए सद्भावना एक्सप्रेस नहीं चलेगी ‘बुलेट ट्रेन’,

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Iran Oil Sanctions

Iran Oil Sanctions हटे: भारत को हजारों करोड़ की बड़ी राहत

रविवार, 22 मार्च 2026
Diego Garcia

Iran ने Diego Garcia पर दागी Missile: हिंद महासागर तक फैला युद्ध का दायरा

रविवार, 22 मार्च 2026
Six Day War 1967

Six Day War 1967: इजराइल ने सिर्फ 6 दिन में तीन देशों को कैसे हराया

रविवार, 22 मार्च 2026
Trump NATO Iran War

Trump ने NATO Allies को बताया ‘कायर’: Strait of Hormuz पर बड़ा तनाव

रविवार, 22 मार्च 2026
Dawood Ibrahim

Dawood Ibrahim की Official Report से बड़ा खुलासा: ISI कनेक्शन और D Company का सच

रविवार, 22 मार्च 2026
Gulf Nations Iran War

Gulf Nations Iran War: हमलों के बावजूद खाड़ी देश ईरान से क्यों नहीं लड़ रहे?

रविवार, 22 मार्च 2026
Next Post
UP में अपराधियों के लिए सद्भावना एक्सप्रेस नहीं चलेगी ‘बुलेट ट्रेन’,

UP में अपराधियों के लिए सद्भावना एक्सप्रेस नहीं चलेगी 'बुलेट ट्रेन',

सांसद राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने राज्यसभा में ओटीटी प्लेटफार्मों में पायरेसी को रेगुलेट करने के लिए...

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।