Zelensky-Trump Mineral Deal Breakdown – यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) का अमेरिका दौरा उम्मीदों के विपरीत एक विवाद में बदल गया। उनका उद्देश्य एक अहम खनिज सौदे (Mineral Deal) पर हस्ताक्षर करना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वान्स (J.D. Vance) के साथ उनकी बातचीत इतनी गरम हो गई कि उन्हें बैठक छोड़ने का निर्देश मिला। इसके बाद, जेलेंस्की तुरंत अमेरिका (USA) को छोड़कर अपने देश लौट आए।
खनिज सौदे की महत्वाकांक्षाएं और असफलता
यूक्रेन और अमेरिका के बीच यह खनिज समझौता (Mineral Agreement) पहले से चर्चा में था। यूक्रेन, जो दुर्लभ खनिजों का बड़ा स्रोत है, ने यह सौदा अमेरिकी रक्षा और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए अहम माना था। इस सौदे में यूक्रेन की खदानों (Ukraine Mines) से खनिज निकालने की अनुमति अमेरिका को दी जानी थी, बदले में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी मिलने की उम्मीद थी। लेकिन ट्रंप की नीति ने इसे असफल कर दिया।
सौदा क्यों टूटा?
यूक्रेन ने अमेरिका से खनिज आपूर्ति (Mineral Supply) का वादा किया था, लेकिन जेलेंस्की चाहते थे कि इसके बदले अमेरिका यूक्रेन की सुरक्षा (Ukraine Security) सुनिश्चित करे। जेलेंस्की का मानना था कि अमेरिका ने जो बाइडेन (Joe Biden) की सरकार के दौरान सैन्य मदद दी थी, उसी तरह ट्रंप प्रशासन भी उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देगा। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका सिर्फ वही सौदे करेगा जिनमें उसे फायदा हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन से खनिजों की आपूर्ति तो चाहिए, लेकिन बदले में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं दी जाएगी।
ट्रंप की कड़ी नीति और यूक्रेन की चिंता
अमेरिका ने 50,000 करोड़ डॉलर (50 Billion Dollars) के खनिज की मांग की, लेकिन जेलेंस्की ने इसे ठुकरा दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अब तक 30,000 करोड़ डॉलर (30 Billion Dollars) की आर्थिक मदद यूक्रेन को दे चुका है और वह इस खनिज सौदे के जरिए उस खर्च की भरपाई करना चाहता है।
यूक्रेन की स्थिति भी अलग है। युद्ध के कारण वहां के खनिज भंडार काफी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई हिस्सों पर रूस (Russia) का कब्जा हो चुका है। यूक्रेन के पास ग्रेफाइट (Graphite), टाइटेनियम (Titanium) और लिथियम (Lithium) जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है, जो अमेरिका की रक्षा और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी हैं।
खतरनाक सौदा टूटने से कौन हुआ नुकसान?
इस खनिज डील (Mineral Deal) के टूटने से यूक्रेन को सबसे बड़ा झटका लगा, क्योंकि उसे अमेरिका से सुरक्षा समर्थन की उम्मीद थी। दूसरी ओर, अमेरिका भी महत्वपूर्ण खनिजों (Crucial Minerals) से हाथ धो बैठा, जो उसकी तकनीकी और रक्षा उद्योग के लिए अहम थे। ट्रंप की कड़ी नीति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह सीधे अमेरिकी लाभ के बिना कोई समझौता नहीं करेंगे।
अमेरिका-यूक्रेन खनिज डील का भविष्य
यूक्रेन को अब यूरोप (Europe) से ज्यादा समर्थन जुटाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जबकि अमेरिका को नए खनिज स्रोत (New Mineral Sources) की तलाश करनी होगी। इस खनिज डील की असफलता ने संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) की प्राथमिकताएं अलग हैं, और भविष्य में अमेरिका को इन खनिजों का वैकल्पिक स्रोत खोजने की आवश्यकता होगी।