कर्नाटक में हिजाब से UP में धुव्रीकरण की कोशिश, पश्चिम UP में मतदान कल, गूगल और सोशल मीडिया पर..

The News Air- एक सवाल- क्या कर्नाटक के उडुपी में हिजाब का पूरा विवाद UP चुनाव के लिए था? ये थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन जिस तरह से मुस्लिम लड़की और भगवाधारी लड़कों का वीडियो शूट (किसी फ़िल्म की तरह) हुआ, जिस तरह उसको पहले सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराया गया…उससे ये आशंका हक़ीक़त का रूप लेने लगी है, क्योंकि UP में हिजाब ट्रेंड कर रहा है।
मतदान से एक दिन पहले बुधवार को सुबह गूगल सर्च में तेलंगाना और तमिलनाडु के बाद कर्नाटक का हिजाब विवाद सबसे ज़्यादा UP में ही सर्च किया गया। अब इस विवाद में मलाला यूसुफजई और UAE की प्रिंसेस भी कूद गई हैं। प्रियंका गांधी लखनऊ पहुँची थीं कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करने, लेकिन यहां हिजाब की चर्चा में उलझ गईं। उन्होंने ट्वीट तो किया ही, प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी एक पत्रकार के सवाल पूछने पर भड़क गईं। साफ़-साफ़ कह दिया कि हिजाब पहनना संविधान में दिया अधिकार है।
अब सोशल मीडिया पोस्ट, वायरल वीडियो मिनटों में करोड़ों लोगों तक पहुंचना कोई मुश्किल बात नहीं है। उन्हें देखकर किसी का भी मन बदलना स्वाभाविक है। संभवत: यही इसका मक़सद भी है। लगभग एक हफ़्ते से जारी हिजाब विवाद की उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूरी तरह से एंट्री हो चुकी है। यह वायरल है कि कर्नाटक के शिमोगा में मुस्लिम महिलाएं बोल रही हैं कि उत्तर प्रदेश में उन्नाव में हमें रातोंरात जिन्दा जला दिया जाता है, हिजाब तो बहाना है।

गूगल पर UP हिजाब सर्च करने पर उत्तर प्रदेश में तीसरे नंबर पर आया

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उधर, ओवैसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल में हिजाब वाली घटना का बार-बार ज़िक्र कर वोट मांग रहे हैं। यही नहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदर मौलाना महमूद मदनी ने हिजाब वाली छात्रा बीबी मुस्कान ख़ान को पांच लाख रुपए का नक़द इनाम देने की भी घोषणा कर दी है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद जो कि उत्तर भारत की उत्तर प्रदेश में सबसे प्रमुख मुस्लिम राजनीतिक दख़ल रखने वाली संस्था है, उसके समेत कई मुस्लिम संस्थाओं के लोग मुस्कान के घर जा रहे हैं।
कर्नाटक की यह घटना उत्तर प्रदेश के चुनाव में चारे की तरह परोसी जा रही है। वहाँ दिए जा रहे बयानों में उत्तर प्रदेश का ज़िक्र है, तो यहां वोट मांग रहे लोग भी उसी घटना का हवाला दे रहे हैं।

टॉप-5 जातियों में सबसे ज़्यादा मुस्लिम

हिजाब विवाद का UP कनेक्शन यूँ ही सामने नहीं आ रहा है। इसके मायने पहले चरण के चुनाव से जुड़े हुए हैं। पहले चरण में पश्चिमी UP के ज़िले रहे हैं। पश्चिमी UP में सबसे ज़्यादा मुस्लिम 27 प्रतिशत हैं। इसके बाद दलित 25 प्रतिशत, जाट 17 प्रतिशत, राजपूत 8 प्रतिशत, यादव 7 प्रतिशत हैं।

हिजाब विवाद पर क्या बोले ओवैसी?

उत्तर प्रदेश चुनाव में AIMIM के चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने अपने उम्मीदवार भी उतारे हैं। उन्होंने कहा कि आप किसी को ये नहीं कह सकते हैं कि क्या खाना है और क्या पहनना है। उन्होंने केरल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के तीन-चार जजमेंट की बात करते हुए कहा कि एक लड़की कई सालों से हिजाब पहन रही है, अचानक आपको इस पर रोक लगाने का ख्याल कैसे आ गया?
ओवैसी ने कहा कि चाहे कोई भी समाज का व्यक्ति हो, अगर उसे दबाया जाएगा तो उसे लड़ना पड़ेगा। हिजाब मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों को बोलना चाहिए, किससे डर रहे हैं, अगर नहीं बोलेंगे तो 10 मार्च को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।

जो हिजाब की बात कर रहे हैं, वो बेहिजाब: मोहसिन रज़ा

हिजाब पर UP सरकार के मंत्री मोहसिन रज़ा का कहना है कि हमारे देश के संस्कार हैं कि हम लोग माताओं-बहनों से नज़र नीचे करके बात करते हैं। यही हमारी संस्कृति है। जो हिजाब की बात कर रहे हैं, वो बेहिजाब लोग हैं। अपनी संस्कृति को देखें, तो हिजाब पर बात करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

वीडियो ही प्रायोजित जैसा लग रहा है

हालांकि एक और बात पर संशय है कि इस घटना के वीडियो में देखें तो वहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। लगातार कैमरा उस हिजाब वाली लड़की को फॉलो करता है और जहां- जहां वो ज़ाती है, वहाँ-वहाँ उसे ही कैप्चर करता है। ऐसा लग रहा है कि कोई खासतौर पर उसे शूट कर रहा है। लड़की जहां-जहां जा रही है, वहाँ-वहाँ कैमरा घूम रहा है और फ्रंट से शूट कर रहा है। लड़की की एंट्री से लेकर नारेबाज़ी तक उसे शूट किया गया है।

ऐसे शुरू हुआ हिजाब विवाद

कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद 1 जनवरी को शुरू हुआ था। कर्नाटक के उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की वजह से कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया था। कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था। इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। लड़कियों का तर्क है कि हिजाब पहनने की इजाज़त न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है।

विवाद के बाद शुरू हुआ विरोध

8 मुस्लिम छात्राओं ने विरोध किया और कहा कि कॉलेज उन्‍हें हिजाब पहनने से नहीं रोक सकता क्‍योंकि ये उनकी धार्मिक स्‍वतंत्रता है। इसके बाद हिजाब के विरोध में कुछ बच्चों ने भगवा गमछे या शॉल पहनने शुरू कर दिए, जिससे विवाद और बढ़ गया। इसके बाद यह विवाद कई अन्य कॉलेजों में शुरू हो गया। हाल ही में कुछ कॉलेज ने छुट्टी करके इसका हल निकाला तो एक कॉलेज में हिजाब पहने लड़कियों को अलग बैठा दिया गया। इस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन भी जारी है।

क्या होता है हिजाब?

हिजाब का मतलब पर्दे से है। पर्दे का मतलब किसी कपड़े के पर्दे से नहीं बल्कि पुरुषों और महिलाओं के बीच के पर्दे से है। वहीं, हिजाब में बालों को पूरी तरह से ढकना होता है यानी हिजाब का मतलब सिर ढकने से भी है। हिजाब में महिलाएं सिर्फ़ बालों को ही ढँकती हैं। किसी भी कपड़े से महिलाओं का सिर और गर्दन ढंकी होना ही असल में हिजाब कहा जाता है।

क्या होता है बुर्क़ा?

महिलाओं को सिर से लेकर पाँव तक पूरा शरीर ढकने का होता है। आंखों पर एक पर्दा भी किया जा सकता है। इसके लिए आंखों के सामने एक जालीदार कपड़ा लगा होता है, जिससे कि महिला को बाहर का दिख सके। कई देशों में इसे अबाया भी कहा जाता है।

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