USCIRF Report India 2026 ने एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों में तूफान खड़ा कर दिया है। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत के खिलाफ कई चौंकाने वाली सिफारिशें की हैं। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अमेरिका में संपत्ति फ्रीज करना, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाना और भारत को हथियार बेचना बंद करने जैसे कदम शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को “मोटिवेटेड और बायस्ड” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
USCIRF ने की 5 बड़ी सिफारिशें: क्या-क्या मांगा?
USCIRF Report India 2026 में कमीशन ने अमेरिकी सरकार से भारत के खिलाफ पांच बड़ी कार्रवाइयों की सिफारिश की है। पहला, भारत को ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न’ (CPC) घोषित किया जाए, जो वही टैग है जो चीन, ईरान, उत्तर कोरिया, म्यांमार और पाकिस्तान जैसे देशों पर लगा हुआ है। दूसरा, RSS की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएं और इसके सदस्यों पर वीज़ा बैन और वित्तीय प्रतिबंध लगाए जाएं।
तीसरा, भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी RAW पर प्रतिबंध लगाए जाएं क्योंकि कमीशन का आरोप है कि RAW ट्रांसनेशनल रिप्रेशन में शामिल है। चौथा, अमेरिका का भारत को होने वाला रक्षा निर्यात बंद किया जाए और पांचवां, भविष्य में होने वाले रक्षा सहयोग और व्यापार को भारत में धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जोड़ा जाए।
USCIRF है क्या? क्या इसकी सिफारिशें सीधे लागू होती हैं?
यहां सबसे जरूरी बात समझ लेनी चाहिए कि USCIRF एक स्वतंत्र द्विदलीय संघीय सलाहकार निकाय है, जो 1998 के इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत बनाया गया था। इसका काम दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर निगरानी रखना और अमेरिकी राष्ट्रपति, कांग्रेस (संसद) और स्टेट डिपार्टमेंट को सिफारिशें देना है।
लेकिन सबसे अहम बात यह है कि USCIRF की सिफारिशें सिर्फ एडवाइज़री हैं। यह खुद से कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता। अंतिम फैसला अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का होता है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो अमेरिकी सरकार ने USCIRF की भारत संबंधी CPC सिफारिशों को पहले भी कई बार नजरअंदाज किया है।
भारत ने RSS-RAW पर बैन सिफारिश क्यों खतरनाक मानी?
USCIRF Report India में RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश इसलिए बड़ी बात है क्योंकि RSS को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का वैचारिक मूल संगठन माना जाता है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के प्रचारक रह चुके हैं। अगर अमेरिका RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दे तो इसका मतलब बीजेपी के बड़े नेताओं की अमेरिका यात्रा और वहां उनकी संपत्तियों पर असर पड़ सकता है।
वहीं RAW पर प्रतिबंध की मांग सीधे तौर पर कनाडा और अमेरिका में सिख अलगाववादियों से जुड़े मामलों की पृष्ठभूमि में आई है। कमीशन का आरोप है कि RAW ने विदेशी धरती पर ट्रांसनेशनल सर्विलांस और रिप्रेशन किया है। यह आरोप भारत-कनाडा संबंधों में पहले से ही बड़ा विवाद का कारण बना हुआ है।
भारत ने USCIRF रिपोर्ट को क्यों खारिज किया?
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने 16 मार्च 2026 को बयान जारी कर USCIRF Report India को “मोटिवेटेड और बायस्ड” बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कमीशन कई सालों से भारत की “विकृत और चयनात्मक तस्वीर” पेश करता आ रहा है। इसकी रिपोर्ट्स संदिग्ध सूत्रों और वैचारिक नैरेटिव पर आधारित हैं, न कि वस्तुनिष्ट तथ्यों पर। बार-बार ऐसी गलत बयानी से खुद कमीशन की विश्वसनीयता ही कमजोर होती है।
जैसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत को लेक्चर देने की बजाय USCIRF को अपने देश में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों, तोड़फोड़ और भारतीय डायस्पोरा के खिलाफ बढ़ रहे असहिष्णुता के मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
जियोपॉलिटिक्स का एंगल: क्या ट्रंप मानेंगे ये सिफारिशें?
ये सिफारिशें ऐसे समय में आई हैं जब भारत-अमेरिका का रक्षा सहयोग अपने चरम पर है। फाइटर एयरक्राफ्ट, ड्रोन, नेवल इक्विपमेंट, मिसाइल सिस्टम जैसे कई बड़े डिफेंस डील्स दोनों देशों के बीच हो चुके हैं। अमेरिका को चीन काउंटर करने, इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटजी मजबूत करने और क्वाड अलायंस में भारत की जरूरत है।
ऐसे में ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार इन सिफारिशों को लागू नहीं करेगी। हालांकि ट्रंप की अप्रत्याशित नीतियों को देखते हुए कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता। भारत के लिए यह रिपोर्ट एक राजनयिक चुनौती जरूर है, भले ही इससे कोई तत्काल कार्रवाई न हो।
कमीशन ने भारत की आलोचना क्यों की? ये रहे आरोप
USCIRF ने भारत पर कई आरोप लगाए हैं। कमीशन का कहना है कि CAA (नागरिकता संशोधन कानून), NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर), UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम), एंटी-कन्वर्शन कानून और गोरक्षा कानून जैसे कानून अल्पसंख्यकों को असमान रूप से प्रभावित करते हैं। रिपोर्ट में मॉब वायलेंस, चर्चों पर हमले, काऊ विजिलंटिज्म और बिना ट्रायल के लंबी गिरफ्तारी जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि यह कमीशन एनजीओ और एक्टिविस्ट ग्रुप्स की रिपोर्ट्स पर निर्भर करता है और खुद जमीनी सत्यापन नहीं करता। भारत का स्पष्ट रुख है कि धार्मिक स्वतंत्रता उसका आंतरिक मामला है और कोई विदेशी संस्था उसे इस पर उपदेश देने की स्थिति में नहीं है।
मुख्य बातें (Key Points)
- USCIRF Report India 2026 में RSS की संपत्ति फ्रीज करने, RAW पर प्रतिबंध और भारत को हथियार बिक्री बंद करने की सिफारिश।
- भारत को चीन-पाकिस्तान की तरह ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न’ घोषित करने की मांग।
- भारत ने रिपोर्ट को “मोटिवेटेड और बायस्ड” बताकर पूरी तरह खारिज किया।
- USCIRF की सिफारिशें सिर्फ एडवाइज़री हैं, अंतिम फैसला अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का होता है।







