Today in History March 19: इतिहास के पन्नों में 19 मार्च की तारीख ऐसी घटनाओं से भरी पड़ी है जिन्होंने दुनिया का नक्शा बदल दिया। सन 1279 में इसी दिन मंगोल सेना ने यामेन की नौसैनिक लड़ाई जीतकर चीन के सॉन्ग राजवंश का अंत कर दिया, तो 1882 में बार्सिलोना में महान वास्तुकार एंटोनी गौडी द्वारा डिज़ाइन किए गए सगरादा फैमिलिया बेसिलिका की पहली ईंट रखी गई। 1920 में अमेरिकी सीनेट ने Treaty of Versailles को दूसरी बार खारिज कर दिया और 2003 में अमेरिका-ब्रिटेन गठबंधन ने बिना संयुक्त राष्ट्र की मंज़ूरी के इराक पर हमला शुरू कर दिया। आइए जानते हैं Today in History March 19 की सभी प्रमुख और चौंकाने वाली घटनाएं विस्तार से।
1279: मंगोलों ने मिटाया चीन का सॉन्ग राजवंश
19 मार्च 1279 को यामेन की नौसैनिक लड़ाई में मंगोल सेना ने निर्णायक जीत हासिल की और चीन के सॉन्ग राजवंश का हमेशा के लिए अंत हो गया। यह लड़ाई चीनी इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक लड़ाइयों में गिनी जाती है। सॉन्ग राजवंश ने तीन शताब्दियों से अधिक समय तक चीन पर शासन किया था और उसके पतन के साथ ही मंगोल साम्राज्य का चीन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया। इस जीत ने कुबलई खान के युआन राजवंश की नींव को और मज़बूत किया। आम चीनी जनता के लिए यह एक युग का अंत था जिसमें कला, साहित्य और व्यापार का अभूतपूर्व विकास हुआ था।
1644: मिंग सम्राट के लिए 200 शाही सदस्यों ने दी जान
Today in History March 19 की सबसे मार्मिक घटनाओं में से एक 1644 में घटी जब पेकिंग (बीजिंग) के शाही परिवार और दरबार के 200 सदस्यों ने अंतिम मिंग सम्राट चोंगज़ेन के प्रति अपनी वफादारी दिखाते हुए सामूहिक आत्मदाह कर लिया। जब विद्रोही सेनाओं ने बीजिंग को घेर लिया था और मिंग राजवंश का पतन निश्चित हो गया था, तब इन शाही सदस्यों ने दुश्मन के सामने समर्पण करने की बजाय मृत्यु को गले लगाना बेहतर समझा। यह घटना वफ़ादारी और सम्मान की ऐसी मिसाल है जो आज भी चीनी इतिहास में अमिट छाप रखती है।
1799: हेडन की अमर कृति “द क्रिएशन” का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन
संगीत की दुनिया में 19 मार्च 1799 का दिन एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज है। महान ऑस्ट्रियन संगीतकार जोसेफ हेडन के विश्वप्रसिद्ध ऑरेटोरियो “द क्रिएशन” (Die Schöpfung) का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन वियना के बर्गथिएटर में हुआ। इस रचना को पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की सबसे महान कृतियों में गिना जाता है। हेडन ने बाइबिल की सृष्टि की कहानी को संगीत के ज़रिए इस तरह प्रस्तुत किया कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। इस प्रदर्शन ने हेडन को यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित संगीतकारों की पंक्ति में खड़ा कर दिया।
1859: गूनो के ऑपेरा “फॉस्ट” का शानदार प्रीमियर
19 मार्च 1859 को फ्रांसीसी ऑपेरा संगीतकार शार्ल गूनो के कालजयी ऑपेरा “फॉस्ट” का प्रीमियर पेरिस के थिएटर लिरिक में हुआ। जर्मन कवि गोएथे की महान रचना पर आधारित यह ऑपेरा शैतान से सौदे की कहानी पर केंद्रित है। “फॉस्ट” को ऑपेरा की दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे ज़्यादा प्रदर्शित की जाने वाली रचनाओं में शुमार किया जाता है। इसने गूनो को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई और फ्रांसीसी ऑपेरा की परंपरा को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
1882: Sagrada Familia की नींव रखी गई, 143 साल बाद भी अधूरा
Today in History March 19 में वास्तुकला की दुनिया की एक ऐसी घटना दर्ज है जो आज भी जारी है। 19 मार्च 1882 को स्पेन के बार्सिलोना शहर में सगरादा फैमिलिया बेसिलिका की पहली ईंट रखी गई। इस भव्य गिरजाघर को महान कैटलन वास्तुकार एंटोनी गौडी ने डिज़ाइन किया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 143 साल बाद भी यह बेसिलिका पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुआ है। गौडी ने अपने जीवन के आखिरी 43 साल इसी परियोजना को समर्पित कर दिए थे। 1926 में उनकी मृत्यु के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा और अनुमान है कि यह 2026 में पूरा हो सकता है। सगरादा फैमिलिया आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और बार्सिलोना का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बन चुका है। यह मानवीय कल्पना, धैर्य और कला के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।
1920: अमेरिकी सीनेट ने दूसरी बार खारिज की Treaty of Versailles
19 मार्च 1920 को अमेरिकी सीनेट ने Treaty of Versailles को दूसरी बार खारिज कर दिया और लीग ऑफ नेशंस (राष्ट्र संघ) की प्रसंविदा को मान्यता देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के साथ ही अमेरिका ने अलगाववाद (isolationism) की नीति को अपनाया, जिसका मतलब था कि दुनिया की सबसे बड़ी उभरती शक्ति यूरोपीय मामलों से दूर रहेगी। इस निर्णय के दूरगामी परिणाम हुए। कई इतिहासकार मानते हैं कि अमेरिका के लीग ऑफ नेशंस से बाहर रहने के कारण यह संगठन कमज़ोर हो गया और अंततः द्वितीय विश्व युद्ध को रोकने में असफल रहा। अगर अमेरिका ने उस समय अंतरराष्ट्रीय सहयोग का रास्ता अपनाया होता तो शायद इतिहास कुछ और होता।
1931: नेवादा में जुआ हुआ कानूनी, बना दुनिया की गैंबलिंग राजधानी
19 मार्च 1931 को अमेरिका के नेवादा राज्य ने जुआ (gambling) को कानूनी मान्यता दे दी। यह फ़ैसला ग्रेट डिप्रेशन (महामंदी) के दौर में लिया गया था जब आर्थिक तंगी चरम पर थी और राज्य को राजस्व के नए स्रोत की सख्त ज़रूरत थी। इस एक फैसले ने लास वेगास को दुनिया की जुआ और मनोरंजन की राजधानी बना दिया। आज लास वेगास हर साल करोड़ों पर्यटकों को आकर्षित करता है और अरबों डॉलर का राजस्व पैदा करता है। नेवादा के इस ऐतिहासिक फ़ैसले ने न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था बदली बल्कि अमेरिकी मनोरंजन उद्योग को एक नया आयाम दिया।
1932: Sydney Harbour Bridge का भव्य उद्घाटन
Today in History March 19 में इंजीनियरिंग का एक चमत्कार दर्ज है। 19 मार्च 1932 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में Sydney Harbour Bridge का उद्घाटन हुआ। यह पुल दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और खूबसूरत पुलों में से एक है। इसके निर्माण में आठ साल लगे और ग्रेट डिप्रेशन के कठिन समय में भी यह परियोजना पूरी हुई जिसने हज़ारों मज़दूरों को रोज़गार दिया। 1,149 मीटर लंबा और 134 मीटर ऊंचा यह स्टील आर्क ब्रिज आज भी सिडनी की पहचान है और हर साल नए साल की पूर्व संध्या पर इसके आतिशबाज़ी के दृश्य दुनियाभर में प्रसारित किए जाते हैं। सिडनी के निवासी इसे प्यार से “कोट हैंगर” कहते हैं।
1945: हिटलर का “नीरो डिक्री”: जर्मनी को तबाह करने का आदेश
द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में 19 मार्च 1945 को नाज़ी तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने “नीरो डिक्री” जारी किया, जिसमें जर्मनी की सभी फैक्ट्रियों, बुनियादी ढांचे और संसाधनों को नष्ट करने का आदेश दिया गया। हिटलर की मानसिकता यह थी कि अगर जर्मनी युद्ध हार रहा है तो उसे दुश्मन के हाथ कुछ भी नहीं लगना चाहिए। यह आदेश उसके अपने ही देश और नागरिकों के खिलाफ था। सौभाग्य से, जर्मनी के हथियार मंत्री अल्बर्ट स्पीयर ने इस आदेश को पूरी तरह लागू नहीं होने दिया और कई जर्मन कमांडरों ने भी इसकी अवहेलना की। वरना हिटलर की यह पागलपन भरी नीति जर्मनी को पूरी तरह मिटा सकती थी।
1982: फ़ॉकलैंड युद्ध की शुरुआत: अर्जेंटीना ने किया दक्षिण जॉर्जिया द्वीप पर कब्ज़ा
19 मार्च 1982 को अर्जेंटीनी सैनिकों ने दक्षिण जॉर्जिया द्वीप पर उतरकर ब्रिटेन के साथ फ़ॉकलैंड युद्ध की चिंगारी सुलगा दी। यह द्वीप ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र में था और अर्जेंटीना ने उस पर अपना दावा जताते हुए सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर के नेतृत्व में पूरी नौसैनिक ताकत भेजी और लगभग 74 दिनों तक चले इस युद्ध में ब्रिटेन ने जीत हासिल की। इस युद्ध में 907 लोगों की जान गई और इसने दोनों देशों के बीच संबंधों को दशकों तक प्रभावित किया।
2003: इराक पर हमला: बिना UN की मंज़ूरी के शुरू हुआ युद्ध
Today in History March 19 की सबसे विवादास्पद घटनाओं में 2003 का इराक युद्ध शामिल है। 19 मार्च 2003 को अमेरिका और ब्रिटेन के नेतृत्व वाले गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के बिना और विश्व जनमत की अवहेलना करते हुए इराक पर एयरस्ट्राइक शुरू कर दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने दावा किया कि इराक के पास सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) हैं, लेकिन बाद में यह दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। इस युद्ध ने इराक को तबाह कर दिया, लाखों लोगों की जान गई और मध्य पूर्व में अस्थिरता का ऐसा दौर शुरू हुआ जिसके प्रभाव आज तक महसूस किए जा रहे हैं। यह युद्ध 21वीं सदी के सबसे विवादास्पद सैन्य अभियानों में गिना जाता है।
2022: LeBron James ने रचा NBA इतिहास
खेल जगत में 19 मार्च 2022 का दिन बास्केटबॉल प्रेमियों के लिए यादगार रहा जब अमेरिकी बास्केटबॉल सुपरस्टार लेब्रॉन जेम्स ने कार्ल मैलोन (36,909 अंक) को पीछे छोड़ते हुए NBA के ऑल-टाइम स्कोरिंग लिस्ट में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। जेम्स ने लॉस एंजिल्स लेकर्स की वॉशिंगटन विज़ार्ड्स के खिलाफ 127-119 की हार में 38 अंक बनाए। उस समय पहले स्थान पर करीम अब्दुल-जब्बार (38,387 अंक) थे, जिन्हें बाद में जेम्स ने पीछे छोड़कर NBA इतिहास के सर्वकालिक सबसे ज़्यादा स्कोरर बने।
2024: MacKenzie Scott ने किया 640 मिलियन डॉलर का दान
19 मार्च 2024 को अमेरिकी उपन्यासकार और परोपकारी मैकेंज़ी स्कॉट ने अपने संगठन “यील्ड गिविंग” के ज़रिए 361 गैर-लाभकारी संगठनों को 640 मिलियन डॉलर (लगभग 5,300 करोड़ रुपये) दान देने की घोषणा की। यह राशि एक ओपन कॉल फॉर एप्लीकेशन के बाद वितरित की गई। मैकेंज़ी स्कॉट अमेज़ॉन के संस्थापक जेफ बेज़ोस की पूर्व पत्नी हैं और उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा परोपकार में लगाने का संकल्प लिया है। उनके इस कदम ने दुनिया को दिखाया कि अमीरों की ज़िम्मेदारी सिर्फ पैसा कमाना नहीं बल्कि समाज को वापस देना भी है।
2025: ब्रह्मांड के विस्तार पर नई खोज ने उलट दी पुरानी मान्यता
Today in History March 19 में विज्ञान की दुनिया से 2025 की एक बड़ी खबर भी जुड़ी है। DESI (डार्क एनर्जी स्पेक्ट्रोस्कोपिक इंस्ट्रूमेंट) टेलीस्कोप से मिले नए आंकड़ों ने वैज्ञानिकों की उस पुरानी मान्यता को चुनौती दे दी कि ब्रह्मांड लगातार विस्तार कर रहा है। नए शोध से पता चला कि पिछले 4.5 मिलियन वर्षों में डार्क एनर्जी कमज़ोर हुई है। यह खोज ब्रह्मांड विज्ञान (cosmology) में एक बड़ा बदलाव ला सकती है और हमारी समझ को पूरी तरह बदल सकती है कि ब्रह्मांड का भविष्य क्या होगा।
19 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
इतिहास में 19 मार्च को कई ऐसी शख्सियतों ने जन्म लिया जिन्होंने दुनिया पर अमिट छाप छोड़ी। 1589 में प्लायमाउथ कॉलोनी के गवर्नर विलियम ब्रैडफोर्ड का जन्म हुआ। 1813 में अफ्रीका के महान खोजकर्ता डेविड लिविंगस्टोन का जन्म स्कॉटलैंड में हुआ, जिन्हें पत्रकार हेनरी स्टैनली ने अफ्रीका में खोजकर “Dr. Livingstone, I presume?” कहकर इतिहास का सबसे मशहूर संवाद रचा।
1848 में अमेरिकी फ्रंटियर्समैन और मार्शल वायट अर्प का जन्म हुआ जो OK कोरल की प्रसिद्ध गोलीबारी में शामिल थे। 1891 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 14वें मुख्य न्यायाधीश अर्ल वॉरेन का जन्म हुआ। 1905 में नाज़ी जर्मनी के हथियार मंत्री अल्बर्ट स्पीयर और 1906 में होलोकॉस्ट के मुख्य वास्तुकार एडॉल्फ आइखमैन का जन्म हुआ, दोनों ने मानवता के खिलाफ सबसे बड़े अपराधों में अहम भूमिका निभाई।
1914 में चीनी कम्युनिस्ट नेता माओ ज़ेडोंग की पत्नी जियांग क़िंग का जन्म हुआ। हॉलीवुड से 1947 में ऑस्कर नॉमिनी अभिनेत्री ग्लेन क्लोज़ और 1955 में एक्शन सुपरस्टार ब्रूस विलिस (Die Hard फेम) का जन्म हुआ। 1944 में अमेरिकी सीनेटर रॉबर्ट एफ. कैनेडी के हत्यारे सिरहान सिरहान का जन्म हुआ। 1988 में MLB के स्टार पिचर क्लेटन कर्शॉ का जन्म हुआ।
19 मार्च को हुए प्रमुख निधन
19 मार्च को दुनिया ने कई महान हस्तियों को खोया। 1930 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री आर्थर बालफ़ोर का 81 वर्ष की आयु में निधन हुआ। बालफ़ोर को “बालफ़ोर घोषणा” के लिए जाना जाता है जिसने फ़लस्तीन में यहूदी राज्य की नींव रखी। 1950 में “टार्ज़न” के रचयिता अमेरिकी लेखक एडगर राइस बरोज़ का 74 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उनकी टार्ज़न सीरीज़ ने दुनियाभर में करोड़ों पाठकों को प्रभावित किया।
2008 में ब्रिटिश विज्ञान कथा लेखक आर्थर सी. क्लार्क का 90 वर्ष की आयु में श्रीलंका में निधन हुआ। “2001: ए स्पेस ओडिसी” जैसी अमर कृतियों के रचयिता क्लार्क को विज्ञान कथा साहित्य का जनक माना जाता है। उन्होंने संचार उपग्रहों की कक्षा (जिसे “क्लार्क ऑर्बिट” कहा जाता है) की अवधारणा भी दी थी। इसी दिन 2008 में ब्रिटिश अभिनेता पॉल स्कोफ़ील्ड का भी 86 वर्ष की आयु में ल्यूकीमिया से निधन हुआ। उन्होंने “ए मैन फ़ॉर ऑल सीज़न्स” में अपने अभिनय के लिए ऑस्कर जीता था।
19 मार्च का दिन क्यों है दुनिया के लिए खास
19 मार्च का दिन इतिहास में उन तारीखों में से एक है जिसने युद्ध और शांति, कला और विज्ञान, निर्माण और विनाश सभी को एक साथ देखा। चीन में एक राजवंश का अंत हुआ तो स्पेन में एक ऐसे गिरजाघर की नींव रखी गई जो 143 साल बाद भी बन रहा है। अमेरिकी सीनेट ने दुनिया से कटने का फ़ैसला किया तो दशकों बाद उसी अमेरिका ने बिना अंतरराष्ट्रीय सहमति के दूसरे देश पर हमला कर दिया। यह तारीख हमें याद दिलाती है कि इतिहास के हर फ़ैसले के परिणाम होते हैं, चाहे वो तुरंत दिखें या सदियों बाद।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1279 में मंगोल सेना ने यामेन की लड़ाई जीतकर चीन के सॉन्ग राजवंश का अंत किया, 1882 में बार्सिलोना में Sagrada Familia की पहली ईंट रखी गई जो आज भी अधूरा है
- 1920 में अमेरिकी सीनेट ने Treaty of Versailles दूसरी बार खारिज की, 1932 में Sydney Harbour Bridge का उद्घाटन हुआ
- 1945 में हिटलर ने जर्मनी की फैक्ट्रियां नष्ट करने का “नीरो डिक्री” जारी किया, 2003 में बिना UN मंज़ूरी के इराक पर हमला शुरू हुआ
- डेविड लिविंगस्टोन, वायट अर्प, ब्रूस विलिस और ग्लेन क्लोज़ जैसी हस्तियों का जन्म 19 मार्च को हुआ








