बालीवुड वालों की चुनौती मानकर बनाई है थाना सदर – करतार चीमा

चंडीगड, 14 सितंबर (The News Air)
फिल्मों के साथ जुडे होने के कारण अक्सर बालीवुड वालों के साथ बातचीत होती रहती थी और उन की तरफ से पंजाबी सिनेमा को निचले दर्जो का दिखाने वाली बातों पर गुस्सा भी आता था। यह फ़िल्म थाना सदर जब आप देखोगे तो आपको खुद ही महसूस होगा कि यह बालीवुड वालों की कई फिल्में से भी क्वालिटी वायज़ कहीँ ऊपर है। बालीवुड वाले शायद भूल गए हैं, उनको याद कराएंगे कि बालीवुड की जडें भी पंजाब में ही हैँ और मुंबई की फ़िल्म इंडस्ट्री भी पंजाबियों ने ही जाकर इतनी बड़ी की है। यह कहना है अदाकार करतार चीमा का। चीमा आज चंडीगड प्रैस क्लब में फ़िल्म थाना सदर की पूरी टीम के साथ पहुँचे हुए थे।


चीमा ने कहा कि किसानों के संघर्ष के मुद्दे पर बालीवुड की तरफ से अपनाए गए रुख ने बडा परेशान किया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। चीमा ने कहा कि वह ख़ुद भी किसान के पुत्र होने के नाते किसान संघर्ष के साथ जुडे रहे हैं और कल भी किसान रैली में शामिल होने जा रहे हैं। पंजाबी फिल्म थाना सदर 17 सितंबर, 2021 को सिनेमाघरों में धमाकेदार तरीके से रिलीज होने जा रही है। 2:10 घंटे की अव्धि वाली यह फिल्म बलकार मोशन पिक्चर्स द्वारा निर्मित है, जिन्होंने इससे पहले सिकंदर-2 जैसी धमाकेदार व मनोरंजक फिल्म भी पंजाबी फिल्म जगत को दी थी। फिल्म के डायरैक्टर विक्रम थोरी हैं जबकि इसे लिखा हैप्पी रोडे ने है।

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फिल्म के डायरैक्टर विक्रम थोरी व लेखक हैप्पी रोडे ने कहा कि यह फिल्म पंजाबी फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगी और दर्शकों में पंजाबी सिनेमा की इस नई शुरुआत से भविष्य में और भी अधिक अच्छी क्वालिटी का टेस्ट डेवलप होगा। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी मोगा जिले के नजदीकी इलाके की एक सच्ची घटना पर आधारित है इसलिए लोग इससे पूरी तरह से जुड़ाव महसूस करेंगे।
फिल्म का कुल बजट 4.5 करोड़ रुपये के आसपास है और पंजाबी फिल्म के हिसाब से यह बड़े बजट की फिल्म है। फिल्म की स्टार कास्ट में करतार चीमा, विक्रमजीत विर्क, गुंजन, हॉबी धालीवाल, गुरमीत साजन, महावीर भुल्लर, अर्श मैनी और बलजिंदर कौर शामिल हैं। एक्शन, इमोशन, थ्रिलर व ट्विस्ट से भरपूर वास्तविक जीवन की कहानी को पर्दे पर देखने के लिए पंजाबी फिल्मों के दर्शको, खासकर युवा वर्ग में काफी उत्साह है।

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विशिष्ट तकनीक-पंजाबी फिल्मों के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी फिल्म की शूटिंग के लिए रैड रेंजर हीलियम, एनामॉर्फिक लेंस, फैंटम कैमरा और डॉली पैंथर जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग किया गया है। इस तरह के आधुनिक उपकरणों की बदौलत फिल्म की गुणवत्ता शीर्ष पर होगी।

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कहानी के बारे में-एक्शन, थ्रिलर व ड्रामा से भरपूर फिल्म थाना सदर की कहानी सच्ची घटनाओं के माध्यम से मौजूदा नीति और राजनीतिक ढांचे की कमियों पर गहरा प्रहार करती है और वर्तमान पंजाब के गांवों के युवाओं को दर्शाती है, जो पुलिस के प्रति वंचित, निष्क्रिय और विद्रोही दृष्टिकोण रखते हैं। कहानी का मूल आधार यह है कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मनुष्य अपराध करके दुनिया से छिप जाता है, लेकिन प्रकृति समय-समय पर विभिन्न दुर्घटनाओं की साक्षी रहती है। यह कहानी दर्शाती है कि कैसे प्रकृति एक अपराध की गवाह बन जाती है। फिल्म का नायक, जो एक पुलिस अधिकारी है, बारह साल पुरानी जांच के दौरान एक दिलचस्प मोड़ पर गवाही देता है। थाने में आए दिन होने वाली घटनाओं के दौरान नायक का हाथ एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी तक पहुंच जाता है, जिसने नेताओं और अधिकारियों को मोहरे बनाकर रखता है। खलनायक के प्रति नायक का दृष्टिकोण एक दिलचस्प पहलू है।

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