सिद्धू की भूमिका को लेकर कांग्रेस में मंथन जारी, हाईकमान का सिद्धू को निर्देश फैसला आने तक रहें चुप


नई दिल्ली, 14 जुलाई (The News Air)
पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की भूमिका को लेकर कांग्रेस में मंथन जारी है। राज्य के प्रभारी महासचिव हरीश रावत ने बुधवार को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाक़ात भी की। इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव के.के वेणुगोपाल भी शामिल रहे। बैठक में नवजोत सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की संभावना पर गंभीरता से विचार-चर्चा की गई, हालांकि कैप्टन अमरिंदर खेमा अब भी नवजोत सिद्धू को अध्यक्ष जैसी बड़ी भूमिका देने की पुरज़ोर मुखालफत कर रहा है। इसी बीच किसी फ़ैसले तक पार्टी आलाकमान ने नवजोत सिद्धू को चुप रहने के भी निर्देश दिए हैं।
पंजाब का संकट सुलझाने और नवजोत सिद्धू की भूमिका तय करने के लिए कांग्रेस में आखिरी दौर की बात चल रही है। कांग्रेस आगामी 2-3 दिन में नवजोत सिद्धू की भूमिका तय कर लेने का दावा कर रही है। पंजाब फॉर्मूला तय करने के लिए राहुल, प्रियंका और हरीश रावत ने बुधवार को 2 दौर की विचार चर्चा की। इस दौरान संगठन महासचिव वेणुगोपाल भी बैठक में शामिल थे।
नवजोत सिद्धू की वकालत कर रहीं हैं प्रियंका- सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी नवजोत सिद्धू को अध्यक्ष बनाने की पुरज़ोर वकालत कर रही हैं जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमा नवजोत सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने का लगातार विरोध कर रहा है। पार्टी नवजोत सिद्धू को अध्यक्ष बनाने के साथ 2 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाने पर मंथन कर रही है। इसके लिए विजय इंद्र सिंगला और संतोष चौधरी का नाम चल रहा है।
नवजोत सिद्धू को उपमुख्यमंत्री और कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमे को कोई ऐतराज़ नहीं है। लेकिन उनके साथ 2 और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की बात है, जिसमें से 1 दलित होगा।
नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के झगड़े को सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व को मुश्किल इस लिए भी आ रही है, क्योंकि पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह को नाराज़ कर के नवजोत सिद्धू को ख़ुश रखने का रिस्क नहीं उठाना चाहती। मुश्किल यही है कि कांग्रेस उस अंतिम फार्मूले पर मुहर नहीं लगा पा रही है, जिस पर नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर दोनों राज़ी हों।


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