कंगना के ख़िलाफ़ मानहानि का केस: लेखक ने कहा-जानबूझ कर कोर्ट में नहीं हो रहीं पेश


The News Air – गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने मुंबई की स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर एक्ट्रेस कंगना रनोट के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि मामले में गैरजमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया है। अख्तर की ओर से कहा गया है कि कंगना बहाने बनाकर अदालत में पेश नहीं हो रही, लेकिन इसी समय में वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नज़र आ रहीं हैं। अदालत ने अरज़ी पर कंगना वकील को सुनवाई की अगली तारीख़ चार जनवरी को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कंगना के वकील को अगली सुनवाई पर अभिनेत्री की उपस्थिति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

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अख्तर के वकील जय भारद्वाज की ओर से दाखिल अरज़ी में इस साल मार्च के बाद से रनोट द्वारा किसी न किसी वजह से छूट की मांग के अनुरोध का उल्लेख किया गया है। एक्ट्रेस ने आखिरी बार 20 सितंबर को अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आर.आर ख़ान के सामने पेश हुई थीं।

जानबूझ कर अदालत में हाज़िर नहीं हो रहीं कंगना

अरज़ी में कहा गया है, ‘‘आरोपी के आचरण से यह स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है कि इस अदालत (अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत) द्वारा प्रक्रिया(नोटिस) जारी करने के समय से ही वह मामले में अत्यधिक देरी करने के लिए ने जानबूझ कर अनुपस्थिति के कारण पूरी तरह से कार्यवाही को पटरी से उतारने और शिकायतकर्ता(जावेद अख्तर) के समक्ष बेहिसाब कठिनाईयां पैदा करने का प्रयास किया है।’’

कंगना की केस ट्रांसफर करने की अरज़ी हो चुकी है खारिज

इससे पहले, एक मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने आपराधिक मानहानि मामले को स्थानांतरित करने के संबंध में रनोट की याचिका को खारिज कर दिया था।

क्या है मानहानि का पूरा मामला?

  • जावेद अख्तर ने अपने वकील निरंजन मुंदर्गी के ज़रिए 2 नवंबर 2020 को एक प्राइवेट शिकायत दर्ज़ कराई थी। इसमें उन्होंने एक्ट्रेस कंगना रनोट के ख़िलाफ़ इंडियन पैनल कोड के सेक्शन 499 (मानहानि) और सेक्शन 500 (मानहानि के लिए सज़ा) के तहत आरोप लगाए थे।
  • अख्तर ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह एक आत्मनिर्भर व्यक्ति है, जो 4 अक्टूबर, 1964 को 27 रुपए, 2 जोड़ी कपड़े और कुछ क़िताबों के साथ मुंबई पहुंचे थे। उस वक़्त वे 19 साल के थे। याचिका में अख्तर की प्रतिष्ठा के बारे में बताया गया, “अपीलकर्ता फ़िल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों में शुमार हैं। जिसने अपने करियर में 55 साल से ज़्यादा समय तक काम किया है। यह अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है। वे मार्च 2010 से मार्च 2016 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।”
  • अख्तर का दावा था कि 57 मिनट तक चले इंटरव्यू में कंगना बिना किसी सुबूत या नॉलेज के सुशांत की मौत से जुड़े हालातों पर बोलती दिखाई देती हैं। उनकी याचिका में आगे कहा गया है कि इसी इंटरव्यू के दौरान जावेद के ख़िलाफ़ बयान दिए गए थे।
  • अख्तर ने कथित तौर पर कंगना पर आरोप लगाया था कि कंगना ने इंटरव्यू के दौरान उन पर झूठा आरोप लगाया था कि उन्होंने ऋतिक रोशन के ख़िलाफ़ दर्ज़ केस वापस लेने के लिए उन्हें धमकी दी थी।
  • अख्तर ने अपनी शिकायत में कहा था कि कंगना ने इंटरव्यू में उन्हें सुसाइड गैंग का हिस्सा बताया था। कंगना ने यह आरोप भी लगाया था कि अख्तर ने उन्हें धमकाते हुए कहा था कि अगर उन्होंने केस वापस नहीं लिया तो उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
  • अख्तर का दावा था कि कंगना के इस कमेंट के चलते उन्हें कई धमकी भरे फ़ोन कॉल्स और मैसेज आए। उन्हें सोशल मीडिया पर भी ट्रोल किया गया। उनके मुताबिक़, इस कमेंट की वजह से उनकी रेपुटेशन ख़राब हुई है।

ज़मानती वारंट रद्द करा चुकीं कंगना

जावेद की शिकायत के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कंगना के ख़िलाफ़ ज़मानती वारंट जारी किया था। कंगना ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया ज़मानत और मुचलके के बाद उनका वारंट रद्द कर दिया गया था।


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