Tamil Nadu Kerala Heavy Rain Alert को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आज एक बड़ी चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से 21 से 25 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
दिलचस्प बात यह है कि यह चेतावनी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि पूरे हफ्ते तक असर दिखाने वाली है। लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी अलग-अलग तारीखों पर भारी बारिश का असर देखने को मिलेगा।
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पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई
समझने वाली बात है कि यह चेतावनी किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर आधारित है। 21 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक तमिलनाडु और केरल में 12 से 20 सेंटीमीटर तक यानी अति भारी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि रायलसीमा में 7 से 11 सेंटीमीटर भारी बारिश रिकॉर्ड हुई।
नीचे टेबल में सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों को एक नजर में देखिए।
| स्थान | राज्य | बारिश (सेंटीमीटर) |
|---|---|---|
| एमजीआर नगर | तमिलनाडु | 15 |
| पोनमुडी (तिरुवनंतपुरम) | केरल | 14 |
| तिरुपति | रायलसीमा | 11 |
बंगाल की खाड़ी में बन रहा है नया सिस्टम
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक और मौसमी सिस्टम तैयार हो रहा है। थाईलैंड की खाड़ी और उससे सटे म्यांमार क्षेत्र में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी अंडमान सागर में प्रवेश कर रहा है। इसके असर से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो आगे चलकर और मजबूत हो सकता है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और बांग्लादेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं, और 24 अक्टूबर से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।
तूफान, बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा
अगर गौर करें तो सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 26 अक्टूबर के बीच 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
केरल, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी
चिंता का विषय यह है कि समुद्री इलाकों में हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। IMD ने साफ कहा है कि केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 26 अक्टूबर तक तथा कर्नाटक तट पर 23 से 26 अक्टूबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
वहीं बंगाल की खाड़ी में अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में भी 23 से 26 अक्टूबर के बीच समुद्री गतिविधियां प्रभावित रह सकती हैं।
दिल्ली-NCR का मौसम रहेगा साफ
राहत की बात यह है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में इस हफ्ते कोई बड़ी मौसमी हलचल नहीं दिखेगी। दिल्ली-NCR में अगले चार दिन मुख्यतः साफ आसमान रहेगा। 21 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, और धीरे-धीरे 24 अक्टूबर तक यह 32-34 डिग्री तक पहुंच सकता है।
कोंकण और गोवा में 21-22 अक्टूबर के दौरान गर्म और उमस भरा मौसम रहने की चेतावनी भी जारी की गई है।
आम आदमी के लिए जरूरी सलाह
देखा जाए तो यह चेतावनी सीधे किसानों, मछुआरों और यात्रियों से जुड़ी है। IMD ने सलाह दी है कि बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण न लें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तुरंत अनप्लग करें और पानी से दूर रहें। सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम जरूर चेक करें।
किसानों के लिए भी खास सलाह दी गई है कि धान, केला, कपास, हल्दी और गन्ने के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें, और बारिश के दौरान खाद व कीटनाशक का छिड़काव न करें।
मुख्य बातें (Key Points)
- तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में 21 से 27 अक्टूबर के बीच भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी।
- पिछले 24 घंटे में तमिलनाडु और केरल में 12-20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई।
- बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर के आसपास नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की आशंका।
- मछुआरों को केरल, कर्नाटक तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र न जाने की सख्त सलाह दी गई है।










