Punjab Assembly Session आज से शुरू हो गया है और पहले ही दिन इसका माहौल पूरी तरह भावुक और तनावपूर्ण रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मानसा के नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा सहित कई दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई, और उसके फौरन बाद सदन अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
दिलचस्प बात यह है कि छह दिन तक चलने वाले इस विशेष सत्र का पहला दिन महज नौ मिनट छह सेकेंड में ही सिमट गया। आम जनता के लिए सवाल यही है कि जब इतने गंभीर मुद्दे सदन के सामने हैं, तो इतनी जल्दी कार्यवाही क्यों समेट दी गई।
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श्रद्धांजलि सत्र में किन्हें किया गया याद
सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। परविंदर सिंह झोटा की मौत की घटना की सदन में कड़ी निंदा की गई। इसके अलावा संगरूर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों को भी याद किया गया। इस दौरान पूरे सदन ने दो मिनट का मौन रखा।
समझने वाली बात है कि इतने कम समय में सदन की कार्यवाही का स्थगित होना यह दर्शाता है कि आगे के दिनों में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस होने वाली है।
भाजपा का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
Punjab Assembly Session शुरू होने से ठीक पहले सदन के बाहर हंगामे जैसा माहौल बन गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और पीड़ित परिवारों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
भाजपा नेताओं का कहना था कि पंजाब में नशे का असर लोगों के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Assembly Session के पहले दिन झोटा समेत कई दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।
- सदन की कार्यवाही सिर्फ 9 मिनट 6 सेकेंड चली।
- भाजपा नेताओं ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया, पुलिस ने हिरासत में लिया।
- विपक्ष नशा तस्करी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।













