मुख्यमंत्री पंजाब में चल रहे मानवीय संकट को पहचान कर उसपर कार्रवाई करें

कोविड पीड़ित परिवारों को 2 लाख रूपये मुआवजा, कोविड में अनाथ हुए बच्चों को 6000 रूपये की मासिक पेंशन और गरीबी रेखा से नीचे  परिवारों को 6000 रूपये की मासिक सहायता देने की अपील की

कहा कि सरकार को 10 लाख रूपये से कम वार्षिक आय वाले सभी रोगियों  के  निजी अस्पताल में इलाज का खर्चा वहन करना चाहिए

चंडीगढ़, 16 मई

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह  बादल ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वे पंजाब में कोविड -19 महामारी के कारण पैदा हो रहे मानवीय संकट को पहचानें और कोविड पीड़ित परिवारों को दो लाख रूपये मुआजवा दें, कोविड में अनाथों के लिए 6000 रूपये मासिक पेंशन और सभी गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को 6000 रूपये मासिक सहायता देने की अपील की।

मुख्यमंत्री से उन लोगों के बारे जो कोविड से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं तथा उन गरीबों, कुशल कामगारों और व्यापारियों पर लाकडाउन के बाद के प्रभावों के बारे में सोचने के लिए कहते हुए कहा कि यह ‘दिल दहला देने वाला है कि सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग के लिए कुछ नही किया है जबकि सरकार कोविड देखभाल पर 1100 करोड़ रूपये खर्च करने का दावा कर रही है। मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि वे समाज के विभिन्न वर्गों के दुखों को कम करें जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, अन्यथा हम अपनी आंखों के सामने एक अन्य त्रासदी का मंजर देंखेंगे।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को तुरंत उन सभी परिवारों को दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा करनी चाहिए, जिन्होने अपनी रोजी रोटी खो दी थी। उन्होने कहा कि इसी तरह कोविड में अनाथ हुए बच्चों  परिपक्वता आयु होने तक 6000 रूपये मासिक पेंशन दी जानी चाहिए। ‘ ऐसे बच्चों को पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर तक मुफ्त शिक्षा भी प्रदान की जानी चाहिए‘।

यह दावा करते हुए कि मुख्यमंत्री, निजी अस्पतालों के हाथों ठगे जा रहे लोगों को कोई राहत देने में विफल रहे हैं। श्री बादल ने कहा कि यह पहले ही बताया जा चुका है कि कैसे निजी अस्पताल 2.50 लाख रूपये से 5 लाख रूपये तक वसूल रहे हैं। इसी प्रकार जहां तक जीवन  रक्षक दवाओं और इंजेक्शनों का संबंध है, सभी को निशुल्क करें।  उन्होने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार आम आदमी को राहत प्रदान करे। ‘ सरकार को निजी अस्पतालों में 10 लाख रूपये से कम वार्षिक आय वाले रोगियों के लिए आय का पूरा खर्च उठाना चाहिए।

बादल ने कहा कि राज्य में जारी लाकडाउन के कारण गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे परिवारों को छह महीने की अवधि के लिए 6000 रूपये प्रति माह की मासिक नकद सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि उन्हे संकट से उबरने में मदद मिल सके। उन्होने कहा कि टैक्सी और आॅटों मालिकों को भी अगले छह महीने तक 6 हजार रूपये प्रति माह भत्ता दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि इसी तरह कोविड संक्रमित पंजीकृत मजदूरों को मुआवजा वर्तमान 1500 रूपये से बढ़ाकर 3000 रूपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए और यदि उनके परिवार का कोई सदस्य संक्रमित हुआ तो मुआवजा वर्तमान 3000 रूपये के बजाय 5000 रूपये तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार द्वारा पंजीकृत मजदूरों के लिए घोषित थोड़े मुआवजे पर भी अब तक कोई कार्रवाई नही की गई है।

अकाली दल अध्यक्ष ने व्यापारियों और उद्योगपतियों को कर्ज और अन्य अंतरिम राहत देने की जरूरत पर भी जोर देकर कहा कि राज्य द्वारा लगाए गए  नियतकालीन लाकडाउन ने व्यापार और उद्योग को तबाह करके रख दिया है। ‘ सरकार को इस क्षेत्र को अल्पकालिक ब्याज सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए ताकि व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपने खर्चों को पूरा करने की अनुमति दी जा सके। इस क्षेत्र को इस कठिन दौर के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए चार महीने की अवधि के लिए मुफ्त बिजली भी प्रदान की जानी चाहिए ।

श्री बादल ने मुख्यमंत्री से छह माह की अवधि के लिए बिजली व पानी के बिल पर वसूली माफ कर आम आदमी को राहत देने का अनुरोध किया ।

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