Sugar Import Duty को लेकर केंद्र सरकार ने दिवाली से ठीक पहले एक बड़ा फैसला लिया है। अगस्त महीने के बाद से देश में चीनी की बढ़ी कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डाला था। अब सरकार ने ड्यूटी फ्री कच्ची चीनी आयात की समयसीमा दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है, ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे और दाम काबू में रहें।
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‘क्यों बढ़ाई गई Sugar Import Duty की समयसीमा’
देखा जाए तो यह फैसला अचानक नहीं आया। अगस्त में रक्षाबंधन के दौरान चीनी की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं। उसी दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं।
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने पहले 31 अक्टूबर 2026 तक चीनी आयात की अनुमति दी थी। अब दिवाली और नए साल के बीच चीनी की बढ़ती मांग को पूरा करने और खुदरा दामों को नियंत्रित रखने के लिए समयसीमा में दो महीने की बढ़ोतरी की गई है। समझने वाली बात है कि यह कदम सीधे-सीधे आम ग्राहक की राहत से जुड़ा है।
‘DGFT की नई अधिसूचना में क्या है’
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 19 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना संख्या 45/2026-27 के माध्यम से इस बढ़ोतरी की औपचारिक घोषणा की। इंपोर्ट पॉलिसी में हुए इस संशोधन के तहत एक्सिम कोड 1701 के अंतर्गत आने वाली कच्ची चीनी के आयात की अंतिम तारीख अब 31 दिसंबर 2026 हो गई है।
| बिंदु | पुरानी स्थिति | नई स्थिति |
|---|---|---|
| ड्यूटी फ्री आयात की अंतिम तारीख | 31 अक्टूबर 2026 | 31 दिसंबर 2026 |
| अधिसूचना जारी करने की तारीख | 20 अगस्त 2026 | 19 अक्टूबर 2026 |
| कुल आयात सीमा | 10 लाख मीट्रिक टन | 10 लाख मीट्रिक टन (कोई बदलाव नहीं) |
| योजना का नाम | TRQ (टैरिफ रेट कोटा) | TRQ (टैरिफ रेट कोटा) |
इससे साफ होता है कि सरकार ने सीमा में नहीं, बल्कि समयसीमा में राहत दी है। यानी इंपोर्टर्स को तय मात्रा में चीनी मंगाने के लिए अतिरिक्त दो महीने का समय मिलेगा।
‘अगस्त वाली शर्तें रहेंगी लागू’
आपको बता दें इससे पहले सरकार ने 20 अगस्त 2026 को अधिसूचना संख्या 31/2025-26 के माध्यम से TRQ योजना के तहत 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी थी। दिलचस्प बात यह है कि नई अधिसूचना केवल समयसीमा बदलती है, बाकी सभी शर्तें पहले जैसी ही लागू रहेंगी।
यानी शुल्क मुक्त आयात की कुल सीमा में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 10 लाख मीट्रिक टन ही बनी रहेगी। अगर गौर करें तो सरकार की मंशा साफ है, सिर्फ इंपोर्टर्स को ज्यादा समय देना, कोटा नहीं बढ़ाना।
‘आम लोगों पर क्या असर’
आम ग्राहकों को चीनी के बढ़ते दामों से राहत मिलने की संभावना बनी है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और घरेलू जरूरतों के लिए चीनी की मांग बढ़ती है, ऐसे में सप्लाई बने रहने से रसोई का बजट थोड़ा संभल सकता है।
‘जानें पूरा मामला’
अगस्त के बाद से देश में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई, जिसने ग्राहकों के साथ-साथ सरकार की चिंता भी बढ़ा दी थी। इसी वजह से सरकार ने अगस्त में TRQ योजना के तहत 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी थी, जिसकी अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी। अब दिवाली और नए साल के बीच सप्लाई और डिमांड का संतुलन बनाए रखने के लिए DGFT ने इस समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सरकार ने TRQ योजना के तहत ड्यूटी फ्री कच्ची चीनी आयात की समयसीमा 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की।
- DGFT ने 19 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना संख्या 45/2026-27 जारी की।
- कुल आयात सीमा 10 लाख मीट्रिक टन ही रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं।
- अगस्त में जारी शर्तें पूरी तरह लागू रहेंगी, सिर्फ समयसीमा बढ़ी है।













