Delhi Voter List में नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार कराने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। दक्षिणी दिल्ली जिला प्रशासन और चुनाव आयोग की ओर से हर रविवार को पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 25 अक्टूबर को भी एक बड़ा शिविर आयोजित होने जा रहा है।
🔍 यह भी पढ़ें- Jantar Mantar पर लगी प्रतिबंध की रोक! अब इन 3 नई जगहों से करें Delhi में Protest
‘क्यों जरूरी है यह शिविर’
जरा सोचिए, मतदान का दिन आए और पता चले कि Delhi Voter List में आपका नाम है ही नहीं, तो कितनी निराशा होगी। लोकतंत्र में वोट ही सबसे बड़ा अधिकार है, लेकिन अगर मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी हो तो यह अधिकार छिन भी सकता है।
इसी समस्या से बचाने के लिए प्रशासन ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। हर रविवार दक्षिणी दिल्ली के पोलिंग बूथों पर कैंप लगाकर लोगों को वहीं पर आवेदन की सुविधा दी जा रही है।
‘फॉर्म 6, 7 और 8 का सही इस्तेमाल’
समझने वाली बात है कि हर फॉर्म का अपना अलग मकसद है। अगर किसी नागरिक की उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है या पहली बार नाम जुड़वाना है, तो फॉर्म 6 भरा जाता है। अगर किसी मृतक का नाम हटाना है या कोई व्यक्ति स्थायी रूप से शिफ्ट हो गया है, तो फॉर्म 7 का प्रावधान है। वहीं नाम, पता, फोटो या जन्मतिथि में गलती सुधारने के लिए फॉर्म 8 भरा जाता है।
| फॉर्म | इस्तेमाल |
|---|---|
| फॉर्म 6 | नया नाम जोड़ना (18 वर्ष पूरे होने पर) |
| फॉर्म 7 | नाम हटवाना (मृत्यु या स्थायी शिफ्टिंग पर) |
| फॉर्म 8 | नाम, पता, फोटो, जन्मतिथि में सुधार |
‘लोगों का जबरदस्त रिस्पांस’
दिलचस्प बात यह है कि इन शिविरों को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बीते रविवार के कैंपों में नए वोटर बनने के लिए फॉर्म 6 के 210 आवेदन और संशोधन के लिए फॉर्म 8 के 90 आवेदन जमा हुए। इससे पहले 11 अक्टूबर के शिविरों में भी फॉर्म 6 के 195, फॉर्म 7 का 1 और फॉर्म 8 के 72 आवेदन दर्ज हुए थे।
‘एसडीएम की सख्त अपील’
इसी बीच दक्षिणी दिल्ली के एसडीएम ने मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उनका कहना है कि जिन लोगों को वोटर लिस्ट या सत्यापन से जुड़ा कोई नोटिस मिला है, वे उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करना जरूरी है, वरना भविष्य में कानूनी या प्रशासनिक परेशानी हो सकती है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर नोटिस का समय पर जवाब नहीं दिया गया, तो नाम मतदाता सूची से काटा भी जा सकता है। इससे यह भी साफ होता है कि चुनाव आयोग फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाने को लेकर काफी गंभीर है।
‘आम लोगों पर क्या असर’
आम जनता को अब घर के पास ही पोलिंग बूथ पर जाकर अपनी गलती सुधारने का मौका मिल रहा है, जिससे चुनाव के ठीक पहले होने वाली भागदौड़ से राहत मिलेगी।
‘जानें पूरा मामला’
दक्षिणी दिल्ली में जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए हर रविवार पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाने का अभियान शुरू किया है, जिसमें फॉर्म 6, 7 और 8 के जरिए नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की सुविधा दी जा रही है। इसी क्रम में अगला शिविर 25 अक्टूबर को आयोजित होगा, वहीं एसडीएम ने नोटिस मिलने पर समय पर जवाब देने की सख्त अपील भी की है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- दक्षिणी दिल्ली में हर रविवार मतदाता सूची सुधार शिविर, अगला शिविर 25 अक्टूबर को।
- फॉर्म 6 (नया नाम), फॉर्म 7 (नाम हटाना), फॉर्म 8 (सुधार) की सुविधा।
- बीते शिविरों में सैकड़ों आवेदन जमा, लोगों का अच्छा रिस्पांस।
- एसडीएम की अपील, नोटिस को नजरअंदाज न करें वरना नाम कट सकता है।













