मंगलवार, 31 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Supreme Court की सख्ती! गुमराह करने वाले Ads पर कड़ा एक्शन

Supreme Court की सख्ती! गुमराह करने वाले Ads पर कड़ा एक्शन

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को लगाई फटकार, मुख्य सचिवों को तलब किया

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 10 फ़रवरी 2025
A A
0
Supreme Court.

Supreme Court.

104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

 Fake Advertisements : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आयुर्वेदिक (Ayurvedic), सिद्ध (Siddha) और यूनानी (Unani) दवाओं के गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती दिखाते हुए दिल्ली (Delhi), आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) समेत कई राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है।

जस्टिस अभय एस. ओका (Justice Abhay S. Oka) और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan) की बेंच ने राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों का सही से पालन नहीं किया जा रहा।

राज्यों को कोर्ट में पेश होने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया और उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि वे नियमों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं।

वरिष्ठ वकील शादान फरासात (Shadan Farasat), जो इस मामले में न्यायमित्र के रूप में कोर्ट में उपस्थित थे, उन्होंने बताया कि ज्यादातर राज्यों ने उल्लंघन करने वालों को माफ कर दिया है, जिससे इस तरह के गुमराह करने वाले विज्ञापन लगातार जारी हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर सभी राज्य 1945 के औषधि एवं प्रसाधन नियम (Drugs and Cosmetics Rules, 1945) के नियम 170 (Rule 170) का सही से पालन करें, तो इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

किन राज्यों को कोर्ट में जवाब देना होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh), दिल्ली (Delhi), गोवा (Goa), गुजरात (Gujarat) और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) को आदेश दिया कि वे इस मामले में शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल करें और नियम 170 लागू न करने का कारण स्पष्ट करें।

कोर्ट ने कहा, “हम इन राज्यों को इस महीने के अंत तक जवाब दाखिल करने का समय देते हैं।” इस मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च 2025 को होगी।

यह भी पढे़ं 👇

Din Bhar Ki Khabar

Din Bhar Ki Khabar: ईरान पर Nuclear Attack का खतरा, भारत में LPG संकट और भगदड़ में 9 की मौत

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Punjab Law and Order

Punjab Law and Order: मजीठिया का बड़ा हमला, बोले पंजाब में जंगलराज!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Mukhyamantri Sehat Yojana

Mukhyamantri Sehat Yojana: पंजाब बना देश का पहला राज्य, हर परिवार को ₹10 लाख कवर!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Nangal Glass Bridge

Nangal Glass Bridge: पंजाब में बनेगा उत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज, बड़ा ऐलान!

मंगलवार, 31 मार्च 2026

आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में आयुष मंत्रालय के आदेश को किया था रद्द

अगस्त 2023 में, सुप्रीम कोर्ट ने आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) द्वारा जारी एक अधिसूचना (Notification) को रद्द कर दिया था, जिसमें 1945 के औषधि एवं प्रसाधन नियमों (Drugs and Cosmetics Rules, 1945) से नियम 170 को हटा दिया गया था।

नियम 170 उन विज्ञापनों को प्रतिबंधित करता था जो आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी दवाओं को लेकर भ्रामक या गुमराह करने वाली जानकारी देते थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आयुष मंत्रालय का यह आदेश उसके 7 मई 2024 के फैसले के खिलाफ था।

7 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?

सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई 2024 को अपने आदेश में कहा था कि किसी भी गुमराह करने वाले विज्ञापन को जारी करने से पहले, विज्ञापनदाता से एक स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration Form) लिया जाना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम (Cable Television Network Rules, 1994) के तहत किया जाता है।

यह फैसला भ्रामक दवाओं के विज्ञापन रोकने के लिए लिया गया था, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके और वे झूठे दावों के जाल में न फंसे।


गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर क्यों बढ़ी चिंता?

हाल ही में कई कंपनियां और ब्रांड आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं के नाम पर भ्रामक दावे कर रही हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि उनकी दवाएं कैंसर (Cancer), डायबिटीज (Diabetes) और अन्य गंभीर बीमारियों को पूरी तरह ठीक कर सकती हैं।

इन भ्रामक विज्ञापनों के कारण लोग इन उत्पादों को खरीदते हैं और कई बार इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

सरकार और कोर्ट की सख्ती जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती को सही से लागू किया जाए, तो गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाई जा सकती है।

हालांकि, इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य सरकारों और ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट्स (Drug Control Departments) की होगी कि वे इस नियम को कड़ाई से लागू करें।


क्या होगा अब आगे?

अब सभी की निगाहें 7 मार्च 2025 की सुनवाई पर टिकी हैं। इस सुनवाई में राज्यों से पूछा जाएगा कि उन्होंने गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

अगर राज्य सरकारें संतोषजनक जवाब नहीं देती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट और सख्त कार्रवाई कर सकता है।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Delhi का नया CM कौन? Pravesh Verma या कोई नया चेहरा?

Next Post

8th Pay Commission पर CRPF ने दिए 12 बड़े सुझाव, क्या OPS बहाल होगा?

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Din Bhar Ki Khabar

Din Bhar Ki Khabar: ईरान पर Nuclear Attack का खतरा, भारत में LPG संकट और भगदड़ में 9 की मौत

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Punjab Law and Order

Punjab Law and Order: मजीठिया का बड़ा हमला, बोले पंजाब में जंगलराज!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Mukhyamantri Sehat Yojana

Mukhyamantri Sehat Yojana: पंजाब बना देश का पहला राज्य, हर परिवार को ₹10 लाख कवर!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Nangal Glass Bridge

Nangal Glass Bridge: पंजाब में बनेगा उत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज, बड़ा ऐलान!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Punjab Police Gangsteron Te Vaar

Punjab Police Gangsteron Te Vaar: 521 ठिकानों पर छापेमारी, 214 गिरफ्तार!

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Punjab Industrial Reforms 2026

Punjab Industrial Reforms 2026: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, उद्योगपतियों को भारी राहत

मंगलवार, 31 मार्च 2026
Next Post
8th Pay Commission

8th Pay Commission पर CRPF ने दिए 12 बड़े सुझाव, क्या OPS बहाल होगा?

भाजपा में महिला मुख्यमंत्री के नाम पर हो रहा है विचार, चार महिला विधायक हैं रेस में

Delhi को मिलेगी पहली महिला CM? BJP विधायकों में मंथन शुरू!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।