एडवोकेट जनरल एपीएस देओल का इस्तीफ़ा, नियुक्ति पर सिद्धू ने उठाए थे सवाल

नई दिल्ली, 1 नवंबर (The News Air)
पंजाब के एडवोकेट जनरल (AG) एपीएस देओल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. पिछले महीने चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने एपीएस देओल को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया था. लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू की नाराज़गी के चलते देओल को इस्तीफ़ा देना पड़ा है.
दरअसल सिद्धू राहुल गांधी से मुलाक़ात के बाद से ना तो पार्टी ऑफ़िस आ रहे हैं, ना ही सार्वजनिक कार्यक्रमों या पार्टी के सांगठनिक कार्यों में शामिल हो रहे हैं. सिद्धू केवल ऑल पार्टी मीटिंग में शामिल हुए थे. सिद्धू डीजीपी और एडवोकेट जनरल को हटाने की अपनी मांग पर अड़े थे. अब कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर नवजोत सिंह सिद्धू को चुनाव मुहिम में वापस लाने के लिए उनकी बात मानी है. डीजीपी आईपीएस सहोता का मामला यूपीएससी (UPSC) के पास लंबित है. यूपीएस की सिफ़ारिश पर नए पैनल से एक नाम DGP के लिए तय होगा.
एडवोकेट जनरल और डीजी की नियुक्ति के बाद पिछले महीने नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर के भी उनकी नियुक्ति का विरोध किया था. उन्होंने लिखा था कि बेअदबी और ड्रग ट्रेड मामलों के आरोपियों कि गिरफ़्तारी के लिए 2017 में हमारी सरकार बनी थी, लेकिन उनकी नाकामी की वजह से लोगों ने पिछले सीएम (अमरिंदर सिंह) को हटा दिया था. अब एजी और डीजी की नियुक्ति से पीड़ितों के ज़ख़मों पर नमक रगड़ा जा रहा है.

क्या है पूरा विवाद

एपीएस देओल की नियुक्ति को लेकर इसलिए विरोध हुआ क्योंकि उन्होंने पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी सुमेध सिंह सैनी और आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की कोर्ट में पैरवी की थी. बेअदबी मामले और 2015 में कोटकापुरा और बेहबल कलान में हुई फायरिंग मामले में दोनों अधिकारी आरोपी हैं. ऐसे में पंजाब सरकार ने जब से इनकी नियुक्ति की विपक्ष के अलावा कांग्रेस पार्टी के नेता भी इन्हें हटाने की मांग कर रहे थे.

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