Shark Tank जज का पहला बिजनेस आइडिया जो नहीं बन सका हकीकत, जानिए किन चुनौतियों से हुईं रूबरू

Shark Tank judge : भारतीय टेलीविजन के चर्चित शो शार्क टैंक इंडिया की जज और ब्यूटी ब्रांड सुगर कॉस्मेटिक्स (SUGAR Cosmetics) की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विनीता सिंह (Vineeta Singh) किसी बिजनेस को खड़ा करने से जुड़े संघर्ष को बखूबी जानती हैं।

विनीता सिंह ने 28 अप्रैल को अपनी एक लिंक्डइन पोस्ट में एक महिला उद्यमी के रूप में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सुगर कॉस्मेटिक्स उनका पहला बिजनेस आइडिया (business idea) नहीं था।

पहले यह बिजनेस करना चाहती थीं विनीता सिंह

उन्होंने कहा, “15 साल पहले जब मैंने शुरुआत करने के बारे में सोचा तो मैं एक लिंजरी बिजनेस शुरू करना चाहती थी। यह बिजनेस प्लान कभी अमल में नहीं आ सका। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ बातचीत में मुझे कुछ अहसास हो गया था।”

उन्होंने कहा, इस बात का कोई मतलब नहीं है कि अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए कोशिश करते समय आपको कैसे हालात का सामना करना पड़ता है। एक स्टार्टअप को खड़ा करना या काम और जीवन के बीच संतुलन कायम करना ही असली चुनौती होती है।

सात साल में कई चुनौतियों से उबरीं सुगर कॉस्मेटिक्स

SUGAR Cosmetics की सीईओ ने कहा कि पिछले सात साल में, उनकी कंपनी कई चुनौतियों, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से उबरी है।

सिंह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की पूर्व छात्रा हैं और उन्होंने अपना वेंचर शुरू करने के लिए लुभावनी नौकरी के ऑफर छोड़ दिए थे। वह 23 वर्ष की उम्र में मुंबई पहुंची और पैसे की तंगी के चलते एक छोटे से घर में रही थीं।

एक समय पैसे की तंगी का किया था सामना

उन्होंने जनवरी में ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे से बातचीत में कहा, “मेरी सेविंग बहुत कम थी। मैं पैसे की तंगी के चलते कभी कभार ही आउटिंग के लिए जाती थी। लेकिन मैंने कोशिशें कीं। एक वेंचर शुरू किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक यह आगे नहीं बढ़ा। एक साल बाद, मुझमें काफी हिम्मत आ गई थी और मैं Fab Bag के साथ अपनी उद्यमिता को आगे बढ़ाने की पहल की। काफी रिसर्च के बाद मुझे भारतीय महिलाओं के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले कॉस्मेटिक्स की जरूरत महसूस हुई- और इस तरह सुगर कॉस्मेटिक्स का जन्म हुआ।”

इनवेस्टर मिलने से कर देते थे इनकार

सिंह की कंपनी ने 1,500 से ज्यादा कर्मचारी हैं और हर साल लगभग 350 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है। लेकिन एक समय था, जब इनवेस्टर्स उनसे मिलते तक नहीं थे।

सिंह ने ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे को बताया, एक बार एक इनवेस्टर ने मुझसे मिलने तक से इनकार कर दिया था। लेकिन मैंने बातचीत को जारी रखने का फैसला किया।

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