LIVE | ...
मंगलवार, 21 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - शंभू बॉर्डर पर Delhi Chalo March: हजारों किसान फंसे, भारी जाम

शंभू बॉर्डर पर Delhi Chalo March: हजारों किसान फंसे, भारी जाम

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब से निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोका, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा भारी जाम।

Ajay Kumar by Ajay Kumar
मंगलवार, 21 जुलाई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
Delhi Chalo March
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Shambhu Border Farmers Protest: पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर मंगलवार सुबह से तनाव का माहौल बना हुआ है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ दिल्ली में 21 जुलाई को ‘महापंचायत’ करने के लिए निकले हजारों किसानों को हरियाणा पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रोक दिया है। इस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है और आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले देश भर से करीब 550 किसान संगठनों ने दिल्ली स्थित किसान घाट पर एक दिवसीय महारैली का ऐलान किया था। लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही किसानों का काफिला शंभू बॉर्डर पर रुक गया।

🔍 यह भी पढ़ें- Delhi Voter List 2026: एक गलती और नाम OUT! SIR Form भरने में सावधानी जरूरी

हरियाणा पुलिस ने सीमा को किया सील

देखा जाए तो हरियाणा प्रशासन ने इस बार किसानों के दिल्ली प्रवेश को रोकने के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। पटियाला जिले के घनौर इलाके में पड़ने वाले शंभू बैरियर पर पुलिस ने मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए। JCB और पोकलेन मशीनों की मदद से कुछ जगहों पर सड़कों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया।

भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के प्रवक्ता तेजवीर सिंह ने दावा किया कि हरियाणा सरकार ने पंजाब की तरफ से आने वाले हर वाहन के लिए सीमा पूरी तरह से सील कर दी है। उन्होंने कहा, “बिना किसी पूर्व सूचना के सीमा बंद कर दी गई, जिससे आम यात्रियों को भारी मुश्किल हो रही है।”

दूसरी ओर, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण ट्रैफिक को अन्य रास्तों की ओर मोड़ा जा रहा है। हालांकि, ज्यादा विवरण देने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि आधिकारिक बयान के लिए उच्च अधिकारियों के जवाब का इंतजार करना होगा।

🔍 यह भी पढ़ें- Delhi DTC Pink Ticket: 1 अगस्त से बदलेगा फ्री बस यात्रा का नियम, पिंक सहेली कार्ड जरूरी

आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें, एयरपोर्ट जाने वाले फंसे

सड़क बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी आम यात्रियों को हो रही है। जालंधर निवासी जसकरन सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया, “मैं अपने चचेरे भाई को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने जा रहा था। अब हमें गांवों के लिंक रोड से होते हुए गुड़गांव की तरफ मोड़ा जा रहा है। अगर पुलिस को पहले से ही शंभू रूट बंद होने की जानकारी थी, तो ट्रैफिक को पहले ही डायवर्ट किया जा सकता था।”

उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि तड़के निकलने के बावजूद दोपहर 2 बजे तक एयरपोर्ट पहुंचना मुश्किल लग रहा है।

यह भी पढे़ं 👇

Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को, भारत में नहीं दिखेगा

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Gold Silver Price Today

Gold Silver Price Today: सोना-चांदी में उछाल, जानें आज के दाम

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Sawan 2026

Sawan 2026: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय मिलाएं ये चीजें

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Post Office Monthly Income Scheme

Post Office Monthly Income Scheme: हर महीने पक्की इनकम, 7.4% ब्याज

मंगलवार, 21 जुलाई 2026

यह ध्यान देने वाली बात है कि इस तरह की नाकेबंदी से न सिर्फ किसानों की महारैली प्रभावित हुई, बल्कि हजारों मासूम यात्री भी इसकी भेंट चढ़ गए।

💡 यह भी पढ़ें- Gold Silver Rate Today: सोने में ₹439 की उछाल, चांदी ₹1989 धड़ाम

21 जुलाई को दिल्ली में थी विशाल महापंचायत

‘देश बचाओ मोर्चे’ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर एक विशाल ‘महापंचायत’ का आयोजन किया गया था। आयोजकों का दावा है कि इस महापंचायत में देश भर से लगभग 550 किसान संगठन और सामाजिक संस्थाएं हिस्सा ले रही हैं।

दिल्ली में पिछले दिनों हुए प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन की तरफ से अधिक सतर्कता बरती जा रही है। 2019 के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी आंदोलन के बाद यह पहली बार है जब किसी बड़े विरोध प्रदर्शन पर इतनी सख्ती देखने को मिली है।

किसान नेताओं ने दी वैकल्पिक रास्तों की अपील

हरियाणा पुलिस की रोक के बाद किसान नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को जीरकपुर या दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक रास्ते अपनाकर दिल्ली पहुंचने की अपील की है। BKU के प्रवक्ता तेजवीर सिंह ने आसपास के किसानों को शंभू बॉर्डर पर ही इकट्ठा होने का आह्वान दिया है।

देश बचाओ मोर्चा के नेता सरवण सिंह पंढेर और अन्य नेताओं की अगुवाई में पंजाब में विभिन्न जगहों से किसानों ने बीते दिन ही दिल्ली के लिए कूच कर दिया था। किसान रात के समय श्री फतेहगढ़ साहिब के पास रुके और आज सुबह जैसे ही दिल्ली की ओर आगे बढ़े, पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर भारी रोक लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

इस समय शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच चुके हैं और वहां किसानों का भारी जमावड़ा हो गया है।

पिहोवा से बस में निकले किसानों को भी हिरासत में लिया

पिहोवा से बस के जरिए रवाना हुए किसानों को कुरुक्षेत्र पुलिस ने मंगलवार सुबह हिरासत में ले लिया। दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के काफिले को रास्ते में रोकते हुए पुलिस ने पूरी बस को अपने घेरे में ले लिया और सभी किसानों को कुरुक्षेत्र पुलिस लाइंस भेज दिया।

भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे, लेकिन कुरुक्षेत्र पुलिस ने हमें रास्ते में ही हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस पहुंचा दिया। हरियाणा सरकार लगातार दबंगई करके किसानों को अपने हक और चिंताओं के लिए आवाज बुलंद करने से रोक रही है।”

अंबाला पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

दिल्ली के किसान घाट में कराई जा रही ‘महापंचायत’ के लिए कूच कर रहे पंजाब के किसानों को रोकने के लिए हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। अंबाला पुलिस ने किसानों को हरियाणा में दाखिल होने से रोकने के लिए सीमा पर मजबूत बैरिकेड लगा दिए हैं।

अंबाला पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करने और संभव होने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवाजाही को सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर भारी जाम

किसानों के दिल्ली कूच के कारण GT रोड पर आवाजाही प्रभावित होने से वाहनों का बड़ा रुख अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की ओर हो गया, जिससे हाईवे पर भारी जाम की स्थिति बन गई। सबसे ज्यादा असर लालड़ू से लेहली तक के क्षेत्र में देखने को मिला, जहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

हाईवे के साथ-साथ सर्विस लेन भी वाहनों से भर गईं। जाम के कारण स्थानीय निवासियों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्ते अपनाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी बढ़े ट्रैफिक के कारण कोई खास राहत नहीं मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती रही और दोपहर तक जाम कई किलोमीटर तक फैल गया।

ट्रकों, बसों, निजी कारों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारों के कारण आवाजाही बहुत धीमी रफ्तार से चलती रही। कई जगहों पर एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी गुजरने में दिक्कत आई।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को खतरा

किसान संगठनों का कहना है कि भारत और अमेरिका के कृषि क्षेत्र तथा आर्थिक हालात में जमीन-आसमान का फर्क है। अमेरिका में खेती सैकड़ों एकड़ के बड़े फार्मों में होती है और वहां के किसानों को सरकार से भारी सब्सिडी मिलती है।

इसके विपरीत, भारत में अधिकतर किसानों के पास सिर्फ दो से तीन एकड़ जमीन है और सरकारी मदद भी बहुत सीमित है। किसानों को आशंका है कि अगर इस समझौते के तहत अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं, तो छोटे भारतीय किसान उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे।

दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसानों के भविष्य को बचाने के लिए इस व्यापारिक पैकेज का डटकर विरोध करना बेहद जरूरी है। अगर गौर करें तो छोटे और मझोले किसानों की आजीविका पर इस समझौते से सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ दिल्ली में ‘महापंचायत’ करने के लिए पंजाब से रवाना हुए किसानों को रोकने के लिए राजधानी की सीमाओं पर की गई सख्त नाकेबंदी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज दबाने के लिए उन्हें दिल्ली में दाखिल होने से रोक रही है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन तथा राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सोमवार को विद्यार्थियों द्वारा किए गए जबरदस्त प्रदर्शन के बाद घबराई सरकार अब किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेड लगा रही है।

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सरकार ने किसानों को राजधानी में दाखिल होने से रोकने के लिए बैरिकेड लगा दिए हैं, ताकि देश के नौजवानों के खिलाफ कल इस्तेमाल की गई बेरहम ताकत और हिंसक रवैये के बाद सरकार को एक और शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘नौजवानों और किसानों’ के मुद्दों पर फेल हो गई है।

किसान नेताओं का रुख: टकराव नहीं, शांतिपूर्ण विरोध

देश बचाओ मोर्चा के नेता सरवण सिंह पंढेर का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों और आम लोगों के खिलाफ है। इसीलिए देश भर के किसानों द्वारा इस समझौते के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के किसान घाट पर एक दिन की महारैली करने का फैसला किया गया था।

लेकिन हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से भी रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान किसी टकराव में नहीं पड़ेंगे, बल्कि शंभू बॉर्डर पर इकट्ठा होकर अगली रणनीति तैयार करेंगे।

समझने वाली बात यह है कि किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं लेकिन हिंसा से दूर रहने की बात कर रहे हैं। यह 2020-21 के किसान आंदोलन की याद दिलाता है जब किसानों ने लंबे समय तक शांतिपूर्ण धरना दिया था।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापारिक समझौते पर बातचीत चल रही है जिसमें कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात पर भी चर्चा हो रही है। किसान संगठनों को डर है कि इस समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पादों का भारत में आना आसान हो जाएगा।

चूंकि अमेरिकी किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है और उनके पास विशाल फार्म हैं, इसलिए वे सस्ती कीमतों पर उत्पाद बेच सकते हैं। इससे भारतीय किसानों, खासकर छोटे और सीमांत किसानों, की आजीविका पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

देश बचाओ मोर्चा और विभिन्न किसान संगठन इस समझौते के खिलाफ देशव्यापी विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार ऐसा कोई भी व्यापारिक समझौता न करे जो भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ हो।

मुख्य बातें (Key Points)

• पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों को शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोका
• भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ 21 जुलाई को किसान घाट पर महापंचायत का आयोजन
• देश भर की करीब 550 किसान संगठनें विरोध में शामिल
• शंभू बॉर्डर और अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर भारी जाम, यात्रियों को घंटों परेशानी
• किसानों को आशंका है कि समझौते से छोटे भारतीय किसान अमेरिकी उत्पादों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे
• कांग्रेस ने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया
• किसान नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध की बात कही, टकराव से बचने का आश्वासन दिया


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: शंभू बॉर्डर पर किसान क्यों विरोध कर रहे हैं?

किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि इस समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पाद सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे छोटे भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे और उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।

प्रश्न 2: शंभू बॉर्डर पर क्या स्थिति है?

हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की है और दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों को रोक दिया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है और आम यात्रियों को भी भारी परेशानी हो रही है।

प्रश्न 3: देश बचाओ मोर्चा की मुख्य मांग क्या है?

देश बचाओ मोर्चा और किसान संगठनों की मुख्य मांग है कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करे या उसमें ऐसे प्रावधान न रखे जो भारतीय किसानों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों, के हितों के खिलाफ हों।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

21 July History: इतिहास के पन्नों में 21 जुलाई का खास दिन

Next Post

CJP Parliament March विवाद: JP Nadda से मीटिंग फेल, धरना जारी

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को, भारत में नहीं दिखेगा

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Gold Silver Price Today

Gold Silver Price Today: सोना-चांदी में उछाल, जानें आज के दाम

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Sawan 2026

Sawan 2026: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय मिलाएं ये चीजें

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Post Office Monthly Income Scheme

Post Office Monthly Income Scheme: हर महीने पक्की इनकम, 7.4% ब्याज

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Ladki Bahin Yojana

Ladki Bahin Yojana: 92 लाख लाभार्थियों के नाम हटे, eKYC नहीं तो बाहर

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
PM Kisan

PM Kisan 24वीं किस्त: ₹2,000 कब आएंगे? जानें जरूरी अपडेट

मंगलवार, 21 जुलाई 2026
Next Post
CJP Parliament March

CJP Parliament March विवाद: JP Nadda से मीटिंग फेल, धरना जारी

PM Modi NEET

PM Modi NEET पर सख्त: दोषियों को सख्त सजा जरूरी, यह सिर्फ राजनीति नहीं

Sikkim Tunnel Collapse

Sikkim Tunnel Collapse: 27 मजदूर फंसे, मीथेन गैस से बचाव में मुश्किल

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।