लखनऊ, 08 अक्टूबर (The News Air) आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हुए हमले के पीछे भाजपा की नफ़रती फौज का हाथ बताया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बचाना है तो भाजपा रूपी नफरती सांप को कुचलना होगा। सीजेआई पर हुए हमले के विरोध में आम आदमी पार्टी 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर जूता फेंकने वाले पर कार्रवाई की मांग करेगी। यह हमला मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस की गहरी साज़िश का हिस्सा है। मुख्य न्यायाधीश की मां ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से इन्कार किया तो भाजपा और आरएसएस की गहरी साजिश से उन पर हमला हुआ।
संजय सिंह ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को गाली व मारने की धमकी देने वाले और गले में हांडी बांधकर अपमान जनक वीडियो बनाने वाले, सब भाजपा की नफरती फ़ौज है। इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। सीजेआई पर हमला संविधान की आत्मा पर हमला है। मोदी जी, भारत को “छूआछूत युग” में दोबारा वापस ले जाना चाहते हैं, जहां दलितों के गले में हांडी बांधी जाएगी।
संजय सिंह ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश हुई और पूरी भाजपा सरकार खामोश है। कई घंटों बाद प्रधानमंत्री को ट्वीट करने की याद आई, फोन पर औपचारिकता हुई, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह कृत्य करने वाला वकील राकेश किशोर खुलेआम मीडिया में कह रहा है कि उसे कोई अफसोस नहीं है। वह खुश है कि उसने मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह सिर्फ मुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान और भारत की आत्मा का अपमान है।
संजय सिंह ने भाजपा-आरएसएस की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह खामोश है, क्योंकि उनकी सोच है कि दलितों को सम्मान नहीं मिलना चाहिए। उसकी मातृ संस्था आरएसएस ने 100 साल में एक भी दलित, पिछड़े या आदिवासी को सरसंघचालक नहीं बनाया। सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश के गले में हांडी और पीछे झाड़ू बांधने के वीडियो वायरल हैं। यह वही युग याद दिलाने की कोशिश है, जब दलितों को अपमानित किया जाता था।
संजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ट्रोल्स मुख्य न्यायाधीश को गालियां दे रहे हैं। कोई कह रहा है, ‘सिर्फ जूता क्यों, गोली मारनी चाहिए।’ कोई कह रहा है, ‘मुख्य न्यायाधीश पर थूक देना चाहिए।’ अजीत भारती जैसे लोग, जिन्हें नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, बाहर निकलकर ट्वीट करते हैं, ‘सरकार भी हमारी, सिस्टम भी हमारा।’ यह भाजपा की नफरत की राजनीति का नतीजा है। केंद्र सरकार इन जहरीले ट्रोल्स को संरक्षण दे रही है।
संजय सिंह ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से सवाल किया कि मुख्य न्यायाधीश के ऊपर अपनमजनक पोस्ट करने वाले कितने एक्स हैंडल्स अभी तक बैन हुए? कितनी गिरफ्तारियां हुईं? कोई कार्रवाई क्यों नहीं? यह साफ है कि भाजपा इनका साथ दे रही है। यह अपमान सिर्फ मुख्य न्यायाधीश का नहीं है, बल्कि बाबा साहब के संविधान का भी है, जिसने एक दलित बेटे को मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी तक पहुंचाया। भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती। वे दलितों को फिर से हांडी-झाड़ू बांधने वाले युग में धकेलना चाहते हैं। भाजपा के इस सपने को पूरा नहीं होने देना है। यह लोग किसी के सगे नहीं हैं। हमें देश को जगाना होगा।
संजय सिंह ने कहा कि मंगलवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के हर जिले में विरोध प्रदर्शन होंगे। हम मांग करते हैं कि वकील राकेश किशोर को गिरफ्तार किया जाए, ट्रोल्स के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मुकदमे हों और उनके एक्स हैंडल्स बैन हों।
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