पंजाब कांग्रेस के प्रभार से मुक्त होना चाहते हैं रावत, खुद बताई इसके पीछे की बड़ी वजह

नई दिल्ली,27 अगस्त (The News Air)

पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत पंजाब के मसले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से आज शाम दिल्ली में मुलाकात करेंगे। इस मीटिंग में रावत पंजाब के मंत्रियों व विधायकों से हुई बातों से उन्हें अवगत कराएंगे। इन सबके बीच हरीश रावत ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह पंजाब प्रदेश के प्रभारी के दायित्व से मुक्त होना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने कोरोना के बाद हो रही परेशानियों को मुख्य वजह बताया है।

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रावत ने कहा कि आगामी उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में वह राज्य में अपनी सक्रियता को बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह बारे में शीघ्र ही सोनिया गांधी से मुलाकात कर अवगत कराएंगे। हरीश रावत इससे पहले असम कांग्रेस के भी प्रभारी रह चुके हैं। हाल में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंद सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद को सुलझाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी लेकिन विवाद फिर से बढ़ता दिख रहा है।

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दरअसल उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं और हरीश रावत फिलहाल राज्य में पार्टी के सबसे बड़े नेता है। उत्तराखंड में हरीश रावत की अच्ठी पैठ है। यह माना जा रहा है कि पार्टी उत्तराखंड में हरीश रावत को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर सकती है। चूंकि हरीश रावत पहले भी राज्य की कमान संभाल चुके हैं और उनके पास वरिष्ठता के क्रम में भी काफी अनुभव है, ऐसे में पार्टी उन्हें पंजाब के प्रभारी पद से भी मुक्त कर सकती है। उत्तराखंड के मुद्दों को लेकर रावत सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और सत्ताधारी बीजेपी पर हमला करते रहते हैं।

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