Ration Card Update 2026: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी 28 फरवरी तक यदि कार्ड धारक अपना ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो उन्हें मुफ्त में मिलने वाले राशन से वंचित होना पड़ सकता है।
विभागीय निर्देश के अनुसार, यह प्रक्रिया इसलिए अनिवार्य की गई है ताकि वास्तविक लाभुकों को ही सरकारी योजना का लाभ मिल सके और अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकें। ई-केवाईसी के माध्यम से राशन कार्ड धारकों का आधार सत्यापन किया जा रहा है, जिससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आए और किसी प्रकार की गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सके।
28 फरवरी अंतिम तारीख, नहीं तो बंद होगा राशन
खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी 28 फरवरी तक अगर कार्ड धारक अपना ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो उन्हें मुफ्त में मिलने वाले राशन से वंचित होना पड़ सकता है। यह एक सख्त निर्देश है और इसका पालन करना सभी राशन कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य है।
28 फरवरी के बाद जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उनका राशन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। इसका मतलब है कि वे सरकारी राशन की दुकान से गेहूं, चावल, चीनी और अन्य खाद्य सामग्री नहीं ले पाएंगे। इसलिए सभी लाभार्थियों को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
वास्तविक लाभुकों को ही मिलेगा लाभ
विभागीय निर्देश के अनुसार यह प्रक्रिया इसलिए अनिवार्य की गई है ताकि वास्तविक लाभुकों को ही सरकारी योजना का लाभ मिल सके और अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकें। कई बार ऐसा होता है कि जो लोग पात्र नहीं हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति सुधर गई है, वे भी राशन कार्ड का लाभ लेते रहते हैं।
ई-केवाईसी की इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थी ही सरकारी योजना का लाभ उठा सकें। इससे सरकारी संसाधनों का सही उपयोग होगा और जरूरतमंदों तक राशन सही तरीके से पहुंचेगा। जाली और फर्जी राशन कार्डों पर भी रोक लगेगी।
आधार सत्यापन से पारदर्शिता
ई-केवाईसी के माध्यम से राशन कार्ड धारकों का आधार सत्यापन किया जा रहा है। जिससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आए और किसी प्रकार की गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सके।
आधार सत्यापन से लाभार्थी की पहचान पूरी तरह से स्थापित हो जाती है। इससे कोई अन्य व्यक्ति किसी और के नाम पर राशन नहीं उठा सकता। यह प्रणाली डिजिटल है और इसमें छेड़छाड़ की संभावना बहुत कम है। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में जो लीकेज और भ्रष्टाचार होता था, उस पर अंकुश लगेगा।
भबुआ अनुमंडल में 1.69 लाख कार्ड धारक
भबुआ अनुमंडल क्षेत्र में कुल 1 लाख 69,000 राशन कार्ड धारक पंजीकृत हैं। इनमें अंत्योदय अन्न योजना के तहत 20,905 कार्ड धारक शामिल हैं, जबकि प्राथमिकता श्रेणी के 1,38,174 लाभुक हैं।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कितनी बड़ी संख्या में लोग सरकारी राशन योजना पर निर्भर हैं। इन सभी को 28 फरवरी तक अपना ई-केवाईसी पूरा करना होगा। अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सबसे गरीब और कमजोर वर्ग से हैं।
अंत्योदय कार्ड: सबसे गरीब परिवारों के लिए
अंत्योदय कार्ड उन परिवारों को दिया जाता है जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं। इनमें भूमिहीन श्रमिक, मजदूर, रिक्शा चालक, असहाय और अत्यंत गरीब परिवार शामिल होते हैं।
अंत्योदय अन्न योजना देश के सबसे गरीब परिवारों के लिए एक विशेष योजना है। इसके तहत प्रति परिवार 35 किलो अनाज अत्यंत रियायती दरों पर मिलता है। इन परिवारों के लिए यह राशन जीवन-यापन का मुख्य आधार है। इसलिए उन्हें विशेष रूप से ई-केवाईसी करना आवश्यक है।
PDS दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन
PDS दुकानों पर लाभुकों का अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है। लाभार्थी को अपने नजदीकी राशन की दुकान पर जाना है और वहां राशन डीलर से कहना है कि उन्हें ई-केवाईसी करानी है।
डीलर बायोमेट्रिक मशीन की मदद से आपका अंगूठा स्कैन करेगा। इससे आपका आधार वेरिफिकेशन हो जाएगा। यह प्रक्रिया बहुत सरल है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता। सरकार ने यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त रखी है।
फेशियल ई-केवाईसी: घर बैठे पूरी करें प्रक्रिया
इसके अलावा जो लाभुक किसी कारणवश PDS दुकान पर जाने में असमर्थ हैं, उनके लिए फेशियल ई-केवाईसी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। लाभुक आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से ही फेस ऑथेंटिकेशन कर ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो बीमार हैं, बुजुर्ग हैं, या किसी अन्य कारण से दुकान तक नहीं जा सकते। मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और फेस स्कैन करें। आपका वेरिफिकेशन घर बैठे हो जाएगा। इसके लिए स्मार्टफोन में कैमरा होना जरूरी है।
बाहर रह रहे कार्ड धारकों के लिए सुविधा
विभाग ने यह भी बताया कि जो कार्डधारक बाहर रह रहे हैं, वे अपने वर्तमान स्थान के नजदीक PDS केंद्र या फिर मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कई लोग रोजगार के लिए दूसरे शहरों या राज्यों में रहते हैं। उन्हें अपने गृह जिले में नहीं जाना होगा। वे जहां रह रहे हैं, वहां के किसी भी PDS केंद्र पर जाकर अपना ई-केवाईसी करा सकते हैं। या फिर मोबाइल ऐप का उपयोग करके घर बैठे यह काम कर सकते हैं। यह सुविधा वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का हिस्सा है।
देरी न करें, अभी पूरी करें प्रक्रिया
सभी राशन कार्ड धारकों से अपील है कि वे देरी न करें और जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी पूरा करें। 28 फरवरी के बाद जिनका वेरिफिकेशन नहीं होगा, उनका राशन बंद हो सकता है।
अंतिम दिनों में भीड़ हो सकती है, इसलिए बेहतर है कि आप जल्दी यह काम निपटा लें। अपने परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी जरूर कराएं जिनका नाम राशन कार्ड में है। किसी भी समस्या के लिए खाद्य विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।
मुख्य बातें (Key Points)
• 28 फरवरी 2026 तक सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, नहीं तो मुफ्त राशन बंद हो जाएगा।
• वास्तविक लाभुकों को ही योजना का लाभ देने और अपात्र लोगों को हटाने के लिए आधार सत्यापन जरूरी।
• PDS दुकानों पर बायोमेट्रिक (अंगूठा स्कैन) या मोबाइल ऐप से फेशियल ई-केवाईसी करें, प्रक्रिया बिल्कुल निशुल्क है।
• भबुआ अनुमंडल में 1.69 लाख कार्ड धारक – 20,905 अंत्योदय और 1,38,174 प्राथमिकता श्रेणी के लाभार्थी।








