Rahul Gandhi FIR Haldwani: उत्तराखंड के हलदवानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल के कथित शुद्धिकरण मामले पर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने पर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को तीखी प्रतिक्रिया दी है और उत्तराखंड की BJP सरकार पर असली दोषियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
देखा जाए तो यह मामला तब शुरू हुआ जब हलदवानी में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए मंच का कथित तौर पर “शुद्धिकरण” किया गया। कांग्रेस का कहना है कि असली मुद्दा राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं, बल्कि यह शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यही सवाल है।
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कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, कुमारी शैलजा और पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि पार्टी ने कथित घटना के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेता के खिलाफ तो तुरंत FIR दर्ज कर दी, लेकिन इसे अंजाम देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अगर गौर करें तो पवन खेड़ा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राहुल जी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर मुद्दा ना बनाओ। जिस व्यक्ति के खिलाफ BJP पूरे देश में 40-50 केस दर्ज कर चुकी है, उसके खिलाफ एक और FIR दर्ज होने से हमारे सिर पर कौन सा आसमान टूट पड़ा है? असली मुद्दा राहुल जी के खिलाफ FIR का नहीं है। असली मुद्दा ‘शुद्धिकरण’ का है।”
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शुद्धिकरण करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं: कांग्रेस
खेड़ा ने BJP और उत्तराखंड सरकार के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुद्धिकरण के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति के खिलाफ तो FIR दर्ज कर दी गई, लेकिन इसे कथित तौर पर अंजाम देने या इसकी साजिश रचने वालों के खिलाफ “एक भी FIR” दर्ज नहीं की गई।
दिलचस्प बात यह है कि खड़गे ने खुद संसद में खड़े होकर कहा था कि कथित शुद्धिकरण किया गया है। इस पर खेड़ा ने सवाल किया, “यह उत्तराखंड सरकार की जिम्मेवारी है कि वह FIR दर्ज करे। जो कुछ भी हुआ, किसने किया, क्यों किया—यह सब जांच में सामने आ जाएगा। तो फिर FIR दर्ज करने से डर क्यों है?”
शैलजा ने साधा BJP पर निशाना
कुमारी शैलजा ने भी राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कोई केस ना होने के फर्क पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पहले शुद्धिकरण किया गया। फिर उत्तराखंड के BJP प्रमुख ने खुलकर इसका बचाव किया और अब, जब राहुल गांधी ने कानून के तहत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो उत्तराखंड की BJP सरकार ने इसकी बजाय उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।”
समझने वाली बात यह है कि शैलजा ने इसे BJP-RSS की “दलित विरोधी और संविधान विरोधी” सोच की एक गंभीर मिसाल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस का आरोप: दलित सम्मान पर हमला
शैलजा ने अपने संबोधन में कहा, “शुद्धिकरण पर सवाल पूछो तो FIR है। दलित सम्मान की बात करो तो FIR है। संविधान के लिए आवाज उठाओ तो FIR है।” उनका इशारा था कि BJP सरकार असली मुद्दों को दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठा रही है कि अगर शुद्धिकरण वाकई हुआ है, तो इसे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। पार्टी का आरोप है कि यह दलित समुदाय के अपमान का मामला है और BJP सरकार इसे छुपाने की कोशिश कर रही है।
उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच करे और असली दोषियों को सामने लाए। पवन खेड़ा के अनुसार, “जांच से सच सामने आएगा—किसने क्या किया, क्यों किया। लेकिन सवाल यह है कि सरकार FIR दर्ज करने से क्यों कतरा रही है?”
राहुल गांधी के खिलाफ यह FIR उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों में से एक है। कांग्रेस का दावा है कि BJP ने देशभर में राहुल गांधी के खिलाफ 40-50 से अधिक मामले दर्ज किए हैं, जो राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- उत्तराखंड के हलदवानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल के कथित शुद्धिकरण पर विवाद
- राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने पर कांग्रेस ने सख्त प्रतिक्रिया दी
- कांग्रेस का आरोप: शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं
- पार्टी ने इसे दलित विरोधी और संविधान विरोधी कदम बताया
- उत्तराखंड सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग












