Punjab Vidhan Sabha Monsoon Session की शुरुआत एक भावुक नोट के साथ हुई जब पूरे सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुई प्रतिष्ठित हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 16वीं पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज चंडीगढ़ में शुरू हुआ। देखा जाए तो यह सत्र कई मायनों में अहम रहने वाला है क्योंकि पेपर लीक, गैस लीकेज और ठेका कर्मचारियों की हड़ताल जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।
किन-किन को दी गई श्रद्धांजलि
सदन ने निम्नलिखित दिवंगत व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की:
- पूर्व विधायक साही राम बिश्नोई
- शहीद सिपाही सरबजीत सिंह
- स्वतंत्रता सेनानी सेवा सिंह
- ओलंपियन रणधीर सिंह
- ‘चन्न गुराया’ के नाम से प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक भूला राम
- सरदार मनजीत सिंह ढोस (विधायक दविंदरजीत सिंह लाडी ढोस के चाचा)
- सरदार भूपिंदर सिंह पाहड़ा (विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के चाचा)
विधायक सरवजीत कौर मानूंके की सिफारिश पर सदन ने सेना के शहीद सिकंदर सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्पीकर ने किया जीवन का स्मरण
इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवां ने भी दिवंगत हस्तियों के जीवन एवं व्यक्तित्व पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। उन्होंने प्रत्येक व्यक्तित्व के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया।
अगर गौर करें तो पूर्व विधायक साही राम बिश्नोई ने पंजाब की राजनीति में लंबा समय बिताया और जनता की सेवा की। स्वतंत्रता सेनानी सेवा सिंह ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। ओलंपियन रणधीर सिंह ने खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया।
NEET छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि
सदन ने उन विद्यार्थियों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद देशभर में उत्पन्न अनिश्चितता के माहौल का सामना करते हुए अपनी अमूल्य जान गंवा दी। साथ ही उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति भी व्यक्त की गई।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि NEET पेपर लीक मामला पूरे देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ है। कई छात्रों ने निराशा में आत्महत्या कर ली थी। पंजाब विधानसभा का यह कदम संवेदनशील और सराहनीय है कि उन्होंने इन युवाओं को याद किया।
दो मिनट का मौन
श्रद्धांजलि के दौरान दिवंगत आत्माओं के सम्मान और स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया। पूरा सदन खड़ा होकर मौन रहा। यह एक भावुक क्षण था जब सभी दलों के विधायक एक साथ खड़े होकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दे रहे थे।
समझने वाली बात यह है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, ऐसे अवसरों पर सभी दल एकजुट होते हैं। यह लोकतंत्र की खूबसूरती है।
मानसून सत्र में क्या होगा?
इस मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:
- पेपर लीक मामला: विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है
- DA मुद्दा: सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का मामला
- ठेका कर्मचारियों की समस्याएं: PRTC और रोडवेज कर्मचारियों की मांगें
- कानून-व्यवस्था: हाल की घटनाओं पर चर्चा
दिलचस्प बात यह है कि सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष मुखर है। कांग्रेस ने पेपर लीक पर सरकार को घेरा है और विधानसभा के बाहर भी नारेबाजी की गई।
सदन का माहौल
सत्र की शुरुआत में सदन का माहौल गंभीर और भावुक था। सभी विधायक अपनी सीटों पर बैठे थे और स्पीकर के निर्देश पर खड़े होकर श्रद्धांजलि दी। कुछ विधायकों की आंखें नम भी हो गईं, खासकर जब NEET छात्रों का जिक्र हुआ।
एक वरिष्ठ विधायक ने बाद में कहा, “यह बेहद दुखद है कि युवा छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकार को चाहिए कि वह ऐसी व्यवस्था बनाए कि पेपर लीक न हो।”
विपक्ष की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने इस सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है। कांग्रेस के विधायक कई मुद्दों पर सवाल उठाएंगे। वहीं, सरकार भी अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए तैयार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं हैं। हर पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि से हुई
- पूर्व विधायक, स्वतंत्रता सेनानी, शहीद सैनिक और ओलंपियन को याद किया गया
- NEET पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों को भी श्रद्धांजलि
- दो मिनट का मौन रखा गया, सभी दलों ने एकजुट होकर श्रद्धांजलि दी













