Punjab Congress Infighting Muktsar में खुलकर सामने आ गई जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और AICC जनरल सेक्रेटरी भूपेश बघेल को निशाना बनाते हुए पोस्टर और होर्डिंग्स आज वड़िंग के अपने शहर मुक्तसर के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिले। देखा जाए तो यह घटना ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ प्रोग्राम शुरू होने से कुछ घंटे पहले सामने आई है, जो पार्टी के अंदर की खींचतान को साफ दिखाती है।
क्या लिखा था पोस्टरों पर?
कुछ पोस्टरों में भूपेश बघेल को ‘साइमन’ के रूप में दर्शाया गया है और “Baghel Go Back” (बघेल गो बैक) के नारे लगाए गए हैं। अगर गौर करें तो ‘साइमन गो बैक’ ब्रिटिश राज के दौरान साइमन कमीशन के खिलाफ लगाया गया नारा था। अब इसी को बघेल के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है।
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अन्य पोस्टरों पर लिखे नारे:
- “राजा और बघेल को हटाओ, कांग्रेस बचाओ”
- “सुनो राहुल जी, सरकार बनाने के लिए चन्नी को वापस लाओ”
- “चन्नी को वापस लाओ”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये पोस्टर राजा वड़िंग के अपने गढ़ मुक्तसर में लगे हैं। यह एक तरह से उनकी नाक के नीचे चुनौती है।
पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने वाले बड़े नेता
इस ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ प्रोग्राम में भूपेश बघेल, राजा वड़िंग और पार्टी के अन्य सीनियर नेताओं को शामिल होना है। फिलहाल यह पता नहीं लग सकाहै कि इन पोस्टरों के पीछे किन लोगों का हाथ है।
दिलचस्प बात यह है कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही राजा वड़िंग ने और न ही भूपेश बघेल ने इस पर कुछ कहा है।
समझने वाली बात यह है कि यह चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है। क्या पार्टी अंदरूनी कलह को दबा रही है? या फिर कोई रणनीति बना रही है?
पहले भी सामने आ चुकी है धड़ेबंदी
जिक्रयोग है कि इससे पहले संगरूर, पटियाला, बरनाला और मानसा में हुए पार्टी समागमों के दौरान भी कांग्रेस के अंदर धड़ेबंदी खुलकर सामने आ चुकी है। हर जगह चरनजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगे हैं।
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यह एक पैटर्न बन गया है:
- जहां भी ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ कार्यक्रम होता है
- वहां चन्नी के समर्थकों का प्रदर्शन होता है
- राजा वड़िंग और बघेल को निशाना बनाया जाता है
- चन्नी को वापस लाने की मांग होती है
अगर गौर करें तो यह साफ दिखाता है कि पंजाब कांग्रेस में दो गुट हैं – एक राजा वड़िंग का और दूसरा चरनजीत सिंह चन्नी का।
राजा वड़िंग का बयान: “मैं इस्तीफा नहीं दूंगा”
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज साफ कर दिया कि वह पद से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “पिछले चार सालों से मैंने पार्टी के लिए पूरे दिल से काम किया है। कांग्रेस ने पंजाब में सात लोक सभा सीटें जीती हैं। जेकर मुझे हटाया जाता है, तो मैं पार्टी की ताकत के लिए खुशी से काम करूंगा।”
वड़िंग ने आगे कहा, “पद अस्थायी होते हैं। शिखर पर पहुंचना एक प्राप्ति है, पर कोई भी सदा के लिए शिखर पर नहीं रहता।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि वड़िंग ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि अगर पार्टी हटाना चाहे तो वे मानेंगे। यह एक संतुलित बयान है।
भूपेश बघेल: “लीडरशिप एकजुट है”
पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज AICC जनरल सेक्रेटरी भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी लीडरशिप एकजुट है। बघेल ने कहा, “हमारे पार्टी प्रोग्रामों में हमारे पार्टी नेताओं के नारे लग रहे हैं, जो कि एक अच्छी बात है।”
दिलचस्प बात यह है कि बघेल ने पोस्टरों को सकारात्मक रूप में लेने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं के नारे लगना अच्छी बात है। लेकिन “गो बैक बघेल” को भला कैसे सकारात्मक माना जा सकता है?
चन्नी फैक्टर: क्यों मांग रहे हैं लोग?
चरनजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री थे। उन्होंने 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह CM पद संभाला था। हालांकि उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन उन्होंने जनता में अच्छी छाप छोड़ी।
2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद चन्नी को किनारे कर दिया गया और राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन चन्नी के समर्थक लगातार उन्हें वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
उनका तर्क है:
- चन्नी दलित चेहरा हैं, जो पंजाब में बड़ा वोट बैंक है
- उन्होंने CM के रूप में अच्छा काम किया
- जनता उनसे जुड़ी हुई है
- 2027 के चुनावों में चन्नी के नेतृत्व में जीत मिल सकती है
कांग्रेस का भविष्य पंजाब में
पंजाब में कांग्रेस की स्थिति बेहद नाजुक है। 2022 में पार्टी को करारी हार मिली थी और AAP ने सत्ता संभाली। अब 2027 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं और पार्टी अंदरूनी कलह में उलझी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर कांग्रेस को पंजाब में वापसी करनी है तो:
- अंदरूनी लड़ाई बंद करनी होगी
- एक मजबूत नेतृत्व तय करना होगा
- जमीनी स्तर पर काम करना होगा
- AAP सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाना होगा
लेकिन अगर यही हालत रही तो 2027 में भी हार तय है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुक्तसर में राजा वड़िंग और भूपेश बघेल के खिलाफ पोस्टर लगे
- “Go Back Baghel” और “चन्नी को वापस लाओ” के नारे
- राजा वड़िंग ने कहा – इस्तीफा नहीं दूंगा, लेकिन पार्टी का फैसला मानूंगा
- पहले भी संगरूर, पटियाला, बरनाला और मानसा में धड़ेबंदी सामने आई













