Punjab Soldier Martyred in Manipur Encounter: पंजाब के संगरूर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां के सुनाम तहसील के महलां चौक गांव का रहने वाला भारतीय सेना का जवान गुरप्रीत सिंह मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गया। वह पिछले 21 साल से सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे और इस दौरान चलाए जा रहे एक विशेष ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।
गुरप्रीत सिंह की शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां मातम का माहौल छा गया। उनका पार्थिव शरीर आज (शनिवार) गांव पहुंचेगा, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद गुरप्रीत सिंह अपने पीछे एक पत्नी, एक बेटा और एक बेटी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
मुठभेड़ में लगी गोली, 21 साल का रहा सेवाकाल
जानकारी के मुताबिक, मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने 15 फरवरी से एक संयुक्त विशेष अभियान शुरू कर रखा है। यह ऑपरेशन लगातार जारी है और इसी के तहत उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। इसी मुठभेड़ के दौरान गुरप्रीत सिंह को गोली लगी और वह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Punjab Soldier Martyred in Manipur Encounter की इस खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरप्रीत सिंह ने दो दशक से अधिक समय तक देश की सुरक्षा में अपना योगदान दिया और आखिरी दम तक मिशन पर डटे रहे। उनकी बहादुरी और शहादत को पूरी सेना और देशवासी सलाम करते हैं।
शोक में डूबा गांव, उठी ये मांगें
शहीद गुरप्रीत सिंह के गांव महलां चौक में उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। परिजनों को सांत्वना देने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। माहौल पूरी तरह से गमगीन है।
इस बीच, नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह महलां ने शहीद के परिवार के लिए सरकार से कई मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि शहीद परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी में शहीद की शहादत के सम्मान के तौर पर रखा जाए और गांव में शहीद गुरप्रीत सिंह की याद में एक उपयुक्त स्मारक बनाया जाए। उनकी इन मांगों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राजा वड़िंग ने जताया शोक
पंजाब के इस शहीद को लेकर राजनीतिक हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरप्रीत सिंह की शहादत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा, “शहीदों की शहादत से ही यह देश सुरक्षित और बचा हुआ है। उनका बलिदान कभी बेकार नहीं जाता। कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में शहीद के परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी है।” उनके इस बयान से साफ है कि इस Punjab Soldier Martyred in Manipur Encounter ने हर दिल को छू लिया है।
‘जानें पूरा मामला’
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा और उग्रवादी गतिविधियों की चपेट में है। यहां सुरक्षाबलों को लगातार उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलाने पड़ते हैं। 15 फरवरी से शुरू किया गया यह विशेष ऑपरेशन भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका मकसद इलाके में शांति बहाल करना और उग्रवादियों के खात्मे करना है। इसी मुहिम के दौरान पंजाब के वीर सपूत गुरप्रीत सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मुख्य बातें (Key Points)
संगरूर के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए।
वह पिछले 21 साल से भारतीय सेना में तैनात थे और 15 फरवरी से चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा थे।
उनका पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव महलां चौक पहुंचेगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
इस Punjab Soldier Martyred in Manipur Encounter में शहीद ने पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ी है।
नंबरदार यूनियन ने परिवार को मुआवजा, नौकरी और गांव में स्मारक बनाने की मांग की है।








