Punjab One Stop Centre योजना ने पंजाब की हिंसा और संकट झेल रही महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा साबित हो रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक राज्य भर के वन स्टॉप सेंटरों के जरिए कुल 17,651 महिलाओं को निःशुल्क और समेकित सहायता प्रदान की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने चंडीगढ़ से जारी प्रेस नोट में यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि ये केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे त्वरित मदद का केंद्र हैं।
Punjab One Stop Centre: एक ही जगह सभी सहायता, महिलाओं का भरोसा बढ़ा
Punjab One Stop Centre योजना के तहत संकट में फंसी महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, कानूनी मदद, पुलिस सहायता, मानसिक परामर्श, अस्थायी आवास और भोजन जैसी सभी जरूरी सेवाएं मुफ्त मिलती हैं। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये केंद्र महिलाओं को भय और अन्याय से उबारने का मजबूत आधार बन चुके हैं। महिलाएं यहां आकर न सिर्फ तुरंत राहत पाती हैं बल्कि आत्मविश्वास के साथ नई जिंदगी शुरू कर पाती हैं।
यह योजना पंजाब के सभी जिलों में सक्रिय है ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला सहायता से वंचित न रहे। केंद्रों पर पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जो सरकार की पहुंच और महिलाओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। डॉ. कौर ने इन्हें “साहस, आत्मविश्वास और नई शुरुआत की जीवंत कहानियां” करार दिया।
वर्षवार आंकड़े: 2025-26 में सबसे ज्यादा 5,121 महिलाओं को सहायता
Punjab One Stop Centre के जरिए दी गई सहायता के आंकड़े प्रभावशाली हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3,592 महिलाओं को, 2023-24 में 3,633 महिलाओं को, 2024-25 में 5,305 महिलाओं को और चालू वर्ष 2025-26 में 5,121 महिलाओं को ये सेवाएं प्रदान की गईं। यह लगातार बढ़ता आंकड़ा बताता है कि महिलाएं इन केंद्रों पर भरोसा करने लगी हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है। ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं बल्कि उन महिलाओं की सफल कहानियां हैं जो संकट से उबरकर सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं।
सभी जिलों में सक्रिय केंद्र: कोई महिला न रहे वंचित
Punjab One Stop Centre योजना को पंजाब के हर जिले में लागू किया गया है। ये केंद्र सरकारी अस्पतालों या अन्य आसानी से पहुंच योग्य जगहों पर स्थापित हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की महिलाएं आसानी से मदद ले सकें। योजना के तहत महिलाएं स्वयं या किसी अन्य की मदद से सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने महिलाओं से अपील की है कि वे वूमेन हेल्पलाइन नंबर 181 (टोल-फ्री) की जानकारी रखें। यह हेल्पलाइन संकट के समय तुरंत सहायता सुनिश्चित करती है और महिलाओं के लिए सुरक्षा तथा विश्वास की मजबूत कड़ी बनी हुई है। हेल्पलाइन का अधिक प्रचार करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि हर महिला को इसकी जानकारी होनी चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकता
Punjab One Stop Centre जैसी योजनाएं पंजाब सरकार की महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हिंसा झेल रही महिलाओं के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार महिलाओं को न सिर्फ संकट से उबार रही है बल्कि उन्हें सशक्त भी बना रही है।
ये केंद्र महिलाओं को भयमुक्त वातावरण प्रदान करते हैं जहां वे अपनी परेशानियां खुलकर बता सकती हैं। योजना के सकारात्मक परिणाम सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण हैं और आगे भी इसे और मजबूत किया जाएगा। महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा पंजाब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी रहेगी।
आम महिलाओं के लिए क्या मायने: तुरंत मदद का भरोसा
Punjab One Stop Centre योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि संकट में फंसी महिला को एक ही जगह सभी मदद मिल जाती है। पहले महिलाओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे लेकिन अब चिकित्सा से लेकर कानूनी सहायता तक सब कुछ एक छत के नीचे है। हेल्पलाइन 181 पर कॉल करने से तुरंत टीम पहुंच जाती है।
यह योजना खासकर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है जहां जागरूकता कम होती है। बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं अब खुलकर मदद मांग रही हैं जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। सरकार का यह प्रयास महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार के वन स्टॉप सेंटरों ने 2022-26 तक 17,651 महिलाओं को मुफ्त चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, परामर्श, आवास और भोजन सहायता दी।
- वर्षवार आंकड़े: 2022-23 में 3,592, 2023-24 में 3,633, 2024-25 में 5,305 और 2025-26 में 5,121 महिलाओं को मदद, सभी जिलों में केंद्र सक्रिय।
- मंत्री डॉ. बलजीत कौर बोलीं, ये आंकड़े महिलाओं के साहस की कहानियां हैं, महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सहायता उपलब्ध।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, योजना से महिलाओं का भरोसा बढ़ा।








