Punjab Medical Colleges AAP Government : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। जालंधर कैंट से विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर एक और बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने अपने पहले ही बजट में पंजाब में 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी जमीनी हकीकत यह है कि एक भी मेडिकल कॉलेज पूरा नहीं हो पाया है।
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा की बेहतरी के लिए किया गया यह वादा अब सवालों के घेरे में आ गया है। जिस राज्य में ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की भारी कमी है और सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं जुटाना चुनौती है, वहां 16 मेडिकल कॉलेजों का वादा जनता के लिए एक बड़ी उम्मीद था। लेकिन चार साल की खामोशी ने उस उम्मीद पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।
‘पहले बजट में की थी बड़ी घोषणा’
AAP सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपने पहले ही बजट में पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने के लिए 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का एलान किया था। यह घोषणा उस वक्त बड़े जोर-शोर से की गई थी और इसे सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य नीति का अहम हिस्सा बताया गया था। लेकिन परगट सिंह के मुताबिक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अब तक प्रस्तावित 16 में से एक भी मेडिकल कॉलेज पूरा नहीं हो सका है।
‘घोषणाओं और जमीनी हकीकत में बड़ा फर्क’
परगट सिंह ने कहा कि सरकार की घोषणाओं और जमीन पर हो रही वास्तविक प्रगति के बीच का यह बड़ा अंतर गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शासन का आधार केवल घोषणाएं या सोशल मीडिया कथाएं नहीं होनी चाहिए, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला वास्तविक विकास होना चाहिए। जब तक अस्पताल बनकर तैयार नहीं होते, डॉक्टर नहीं निकलते और मरीजों को इलाज नहीं मिलता, तब तक ये वादे सिर्फ कागजी ही रहते हैं।
‘राज्यपाल के अभिभाषण में भ्रामक दावों पर सवाल’
परगट सिंह ने और भी गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन अधूरे दावों को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के जरिए दोहराया जा रहा है। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और नीतिगत दिशा को प्रस्तुत करने का सबसे आधिकारिक मंच होता है। अगर इसमें पेश किए गए आंकड़े गलत या बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हैं, तो यह न केवल विधानसभा की गरिमा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पंजाब की जनता के सामने रखे गए आधिकारिक बयानों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
‘पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग’
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के लोगों को इन परियोजनाओं की स्थिति के बारे में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी 16 प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के बारे में स्पष्ट और तथ्यात्मक अपडेट जारी किया जाए। इसमें हर कॉलेज की निर्माण की वर्तमान स्थिति, अब तक आवंटित और खर्च की गई धनराशि, पूरा होने की संभावित समयसीमा और अगर देरी हुई है तो उसके ठोस कारण शामिल होने चाहिए।
‘स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए’
परगट सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और मेडिकल शिक्षा का विस्तार राज्य की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं। देरी या भ्रामक दावे केवल जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के नागरिक जिम्मेदार नेतृत्व की अपेक्षा करते हैं जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में ठोस परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित करे।
‘पंजाब में मेडिकल शिक्षा की स्थिति क्या है?’
पंजाब में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या सीमित है और राज्य में डॉक्टरों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी एक पुरानी और गंभीर समस्या है। ऐसे में 16 नए मेडिकल कॉलेज एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकते थे, लेकिन चार साल में एक भी कॉलेज न बन पाना इस उम्मीद पर पानी फेरता नजर आ रहा है।
‘राजनीतिक संदर्भ’
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस लगातार AAP सरकार के अधूरे वादों की फेहरिस्त जनता के सामने रख रही है। महिलाओं को ₹1000, बुजुर्गों को ₹2500 पेंशन, पुरानी पेंशन योजना और अब 16 मेडिकल कॉलेज, ये सभी मुद्दे कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं। परगट सिंह जैसे जमीनी नेताओं का यह हमला AAP की विकास की कहानी को जनता के सामने चुनौती देने की बड़ी कोशिश है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- AAP सरकार ने पहले बजट में 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का वादा किया था, चार साल बाद भी एक भी पूरा नहीं।
- परगट सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण में भ्रामक दावों पर सवाल उठाए, कहा: विधानसभा और जनता को गुमराह किया जा रहा है।
- मांग: हर कॉलेज की निर्माण स्थिति, खर्च, समयसीमा और देरी के कारण सार्वजनिक किए जाएं।
- परगट सिंह का संदेश: “शासन का आधार घोषणाएं नहीं, जमीन पर दिखने वाला विकास होना चाहिए।”








