Punjab Investors Summit 2026 CM Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार, 14 मार्च 2026 को मोहाली में चल रहे प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (PPIS) 2026 के दौरान मीडिया से बातचीत में बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन को निवेशकों और उद्योग जगत के नामी उद्यमियों से भरपूर समर्थन मिल रहा है, जो स्पष्ट प्रमाण है कि पंजाब तेजी से निवेश और आर्थिक विकास के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है।
‘पंजाब की कृषि शक्ति को उद्योग से जोड़ना हमारा लक्ष्य’: CM भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सबसे अहम बात यह कही कि पंजाब सरकार ऐसा विकास मॉडल बनाने पर केंद्रित है, जो राज्य के मजबूत कृषि आधार को औद्योगिक विकास के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पंजाब की कृषि शक्ति को उद्योग के साथ जोड़ना है ताकि किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकें।
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पंजाब को हमेशा से एक कृषि प्रधान राज्य माना जाता रहा है। लेकिन कृषि अकेले लाखों युवाओं को रोजगार नहीं दे सकती। अगर कृषि को फूड प्रोसेसिंग, एग्री-टेक और निर्यात जैसे उद्योगों से जोड़ा जाए, तो किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं को गांवों में ही रोजगार मिलेगा।
Food Processing से बदलेगी पंजाब के किसानों की किस्मत
कृषि और सहायक क्षेत्रों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में फल और सब्जियों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में फूड प्रोसेसिंग सफल हो जाती है, तो यह किसानों के मुनाफे में काफी वृद्धि करेगी।
वर्तमान में पंजाब के किसान गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं, जिनमें मुनाफा सीमित है। लेकिन अगर किसान फल, सब्जियां और अन्य बागवानी फसलें उगाएं और उन्हें फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के जरिए जूस, जैम, सॉस, फ्रोजन फूड और रेडी-टू-ईट उत्पादों में बदला जाए, तो खेती से कई गुना अधिक कमाई हो सकती है। मुख्यमंत्री का यह विजन ‘खेतों से वैश्विक बाजारों तक’ पंजाब को एक नई आर्थिक दिशा दे सकता है।
‘पहले सरकारें हिस्सा मांगती थीं, AAP पारदर्शी माहौल दे रही है’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने निवेशकों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा किया था। मान ने सीधे शब्दों में कहा कि पहले सरकारें उद्योग से हिस्सा मांगती थीं, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार उद्यमियों के लिए पारदर्शी और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है।
यह बयान बेहद मायने रखता है। पंजाब में लंबे समय से उद्योगपतियों की शिकायत रही है कि पिछली सरकारों के दौर में ‘परमिट राज’ और ‘हफ्ता वसूली’ की संस्कृति ने उद्योगों को पंजाब से बाहर भागने पर मजबूर किया। अगर मान सरकार सचमुच इस संस्कृति को खत्म करने में कामयाब होती है, तो पंजाब में निवेश का माहौल पूरी तरह बदल सकता है।
निवेशक सम्मेलन का जबरदस्त उत्साह: पंजाब बना निवेश की पहली पसंद
प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया इस बात का सबूत है कि उद्योग जगत पंजाब सरकार की नीतियों पर भरोसा करने लगा है। पहले ही दिन 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशकों ने IT, AI, रक्षा, स्वास्थ्य, खेल सामान, साइकिल, रसायन और डेयरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में पंजाब में निवेश की इच्छा जताई है।
13 से 15 मार्च तक चलने वाला यह तीन दिवसीय सम्मेलन प्लक्षा यूनिवर्सिटी मोहाली में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 89 विशेष सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों पर गहन चर्चा हो रही है।
खेतों से वैश्विक बाजारों तक: पंजाब का नया आर्थिक रोडमैप
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब नए आर्थिक मार्ग की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। यह मार्ग कृषि उत्पादकता को वैश्विक बाजारों और आधुनिक उद्योगों के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में निवेश के अनुकूल व्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि उद्योग, किसान और युवा सभी इसका लाभ उठा सकें।
पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए मुख्यमंत्री का यह विजन एक गेम-चेंजर हो सकता है। अगर कृषि को उद्योग से जोड़ने का यह मॉडल सफल होता है, तो पंजाब न सिर्फ देश का अन्नदाता बना रहेगा, बल्कि एक मजबूत औद्योगिक और निर्यात केंद्र भी बनकर उभरेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि Punjab Investors Summit 2026 को निवेशकों से मिला जबरदस्त उत्साह पंजाब की प्रगति का प्रमाण है।
- पंजाब की कृषि शक्ति को उद्योग से जोड़कर किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना सरकार का लक्ष्य है।
- Food Processing सफल होने पर किसानों का मुनाफा कई गुना बढ़ेगा, फल और सब्जियों में अपार संभावनाएं हैं।
- पहले सरकारें उद्योग से हिस्सा मांगती थीं, AAP सरकार पारदर्शी और अनुकूल वातावरण दे रही है।








